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सराफ को हिरासत में लेने पर देहली गेट थाना घेरा

Mon, 23 Apr 2018 03:08 AM IST
Updated Mon, 23 Apr 2018 03:08 AM IST
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सराफ को हिरासत में लेने पर देहली गेट थाना घेरा
मेरठ। चोरी का माल खरीदने के शक में दिल्ली क्राइम ब्रांच और देहली गेट थाने की टीम ने रविवार शाम वैली बाजार से एक सराफा व्यवसायी को हिरासत में ले लिया। विरोध में भाजपाइयों और सराफा व्यापारियों ने थाना घेर लिया। तीखी बहस और हंगामे के बाद टीम ने सराफ को पूछताछ के बाद छोड़ दिया।
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पुलिस के अनुसार दिल्ली में एक व्यापारी के यहां हुई करीब 55 लाख की चोरी में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक महिला को पकड़ा था। जिसने वैली बाजार मेरठ में एक सराफ के यहां डेढ़ तोला सोना बेचना बताया था। जिस पर स्पेशल क्राइम ब्रांच के एसीपी एसीपी कुमार अभिषेक की टीम रविवार को आरोपी महिला को लेकर मेरठ पहुंची। उसकी निशानदेही पर देहली गेट थाने की पुलिस के साथ वैली बाजार से उक्त सराफ को हिरासत में ले लिया।
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टीम जब सराफ को लेकर थाने पहुंची तो भाजपा नेता करुणेश नंदन गर्ग, कमल दत्त शर्मा, दीपक शर्मा, मयंक जैन, आशीष जैन आदि भाजपाई और व्यापारियों ने थाने पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। क्राइम ब्रांच का कहना था कि महिला ने ही सराफ की दुकान पहचानी है। उसका दावा है कि सराफ को उसने 15 ग्राम सोना बेचा था। वहीं, सराफ का कहना था कि कुछ दिन पहले उसकी दुकान पर आई महिला ने अंगूठी और टॉप्स पसंद किए थे। वो उनके बदले पुराने जेवर बेचना चाहती थी। लेकिन मैंने महिला से कोई जेवर नहीं खरीदे।
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ऐसे तो काम करना मुश्किल हो जाएगा
व्यापारियों के अनुसार यदि कोई उनके यहां पुराना जेवर बेचने आए तो उन्हें क्या पता कि वो चोरी का है। 10-15 ग्राम पर तो कोई ज्यादा ध्यान भी नहीं देता। अगर पुलिस ऐसे पकड़ती रही तो उनका काम करना मुश्किल हो जाएगा। भाजपा नेता कमल दत्त शर्मा ने कहा कि बिना ठोस सुबूत के सराफ को नहीं ले जाने देंगे।

सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला के अनुसार दिल्ली क्राइम ब्रांच चोरी करने के आरोपी युवक की पत्नी को लेकर आई थी। लेकिन इस केस में न तो सराफ आरोपी है और न ही विवेचना में उसका नाम खोला गया था। कोई वारंट भी नहीं था। जिसके चलते सराफ को ले जाने का कोई ठोस आधार नहीं था।
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