{"_id":"5ad908824f1c1be2798b5280","slug":"201524172930-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कई करोड़ की ठगी में आरोपी डायरेक्टर गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कई करोड़ की ठगी में आरोपी डायरेक्टर गिरफ्तार
Updated Fri, 20 Apr 2018 02:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में बृहस्पतिवार को क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की टीम ने कंपनी के डायरेक्टर राकेश यादव को गिरफ्तार कर लिया। राकेश गाजियाबाद के विवेकानंद द्वितीय खंड का निवासी है। जिसके पास से पुलिस ने फर्जी कागजात और बैंक की पासबुक बरामद की है।
एसपी क्राइम शिवराम यादव ने बताया कि अक्तूबर 2017 में नौचंदी थाने में ठगी का केस दर्ज हुआ था। जिसमें एस्टोनिस डिजिटल एडवरटाइजिंग सर्विस लिमिटेड नाम की फर्जी कंपनी बनाई गई। सोशल मीडिया पर लाइक करने के नाम पर झूठा आश्वासन देकर यह कंपनी ठगी करती थी। इसमें गुड़ मंडी मुरादनगर निवासी प्रदीप सिंघल और उसकी पत्नी सोनिया सिंघल निवासी मोदीनगर, संजय त्यागी निवासी न्यू दौलतपुरा, गाजियाबाद, राजकुमार यादव, राकेश यादव निवासी विवेकानंद नगर गाजियाबाद, ललित शर्मा, प्रदीप समेत एक दर्जन से अधिक आरोपी हैं। प्रमोटर प्रदीप सिंघल को 10 मार्च को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
अभी तक की जांच में सामने आया कि चार अलग-अलग खाते खोले गए थे। जिनकी आईडी संदिग्ध हैं। जिसमें करीब 31 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था। बाद में फर्जी कंपनी में शामिल लोगों ने रकम निकाल ली। गिरफ्तार राकेश के पास से करीब छह हजार पेजों की स्टेटमेंट मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसपी क्राइम शिवराम यादव ने बताया कि अक्तूबर 2017 में नौचंदी थाने में ठगी का केस दर्ज हुआ था। जिसमें एस्टोनिस डिजिटल एडवरटाइजिंग सर्विस लिमिटेड नाम की फर्जी कंपनी बनाई गई। सोशल मीडिया पर लाइक करने के नाम पर झूठा आश्वासन देकर यह कंपनी ठगी करती थी। इसमें गुड़ मंडी मुरादनगर निवासी प्रदीप सिंघल और उसकी पत्नी सोनिया सिंघल निवासी मोदीनगर, संजय त्यागी निवासी न्यू दौलतपुरा, गाजियाबाद, राजकुमार यादव, राकेश यादव निवासी विवेकानंद नगर गाजियाबाद, ललित शर्मा, प्रदीप समेत एक दर्जन से अधिक आरोपी हैं। प्रमोटर प्रदीप सिंघल को 10 मार्च को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
विज्ञापन
अभी तक की जांच में सामने आया कि चार अलग-अलग खाते खोले गए थे। जिनकी आईडी संदिग्ध हैं। जिसमें करीब 31 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था। बाद में फर्जी कंपनी में शामिल लोगों ने रकम निकाल ली। गिरफ्तार राकेश के पास से करीब छह हजार पेजों की स्टेटमेंट मिली है।
विज्ञापन