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मिनी कमेला चलाने के दोनों आरोपी जेल भेजे
Updated Fri, 21 Jul 2017 10:50 PM IST
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मेरठ। लिसाड़ी रोड की झुग्गी झोपड़ियों में मिनी कमेला चलाते गिरफ्तार दो आरोपियों ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार इस गैंग में एक दर्जन से ज्यादा लोग हैं, जो शहर के दो दर्जन होटलों और 30-40 दुकानों पर मृत पशुओं का मीट 40 रुपये किलो के हिसाब से सप्लाई करते हैं। एएसपी कोतवाली रण्विजय सिंह के अनुसार गिरफ्तार आरोपी शंकर और धर्मपाल को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
ठेके की आड़ में कटान
आरोपी शंकर ने पुलिस को बताया कि उनके पास मृत पशुओं का ठेका है। वह ब्रह्मपुरी, माधवपुरम, टीपीनगर, हापुड़ रोड और लिसाड़ी गेट में अलग-अलग स्थानों पर लावारिस मृत पशुओं को लाते हैं। पशुओं की खाल निकालने के बहाने रात में मृत पशुओं को झोपड़ियों में लाकर उनका कटान करते थे। यह मीट 40 रुपये किलो के हिसाब से बेचा जा रहा था। जबकि जिंदा पशुओं का मीट 100 से 130 रुपये किलो तक का है। ऐसे में मीट को पहुंचाने वाले युवक अलग हैं। आरोपियों ने बताया कि सुबह पांच बजे से पहले शहर में अलग-अलग स्थानों पर मीट सप्लाई कर दिया जाता है।
ऐसे मीट से बनता है कबाब:
आरोपियों ने बताया कि मृत पशुओं का जो मीट होटलों और दुकानों पर जाता था, उसका कबाब बनाया जाता था। जिसके लिए चार से आठ घंटे के भीतर ही मृत पशुओं का कटान कर मीट सप्लाई कर देते थे। वहीं, सच संस्था के कार्यकर्ता आसिफ भारती ने मांग की है कि कटान करने वाले आरोपियों पर रासुका लगाकर कड़ी कार्रवाई की जाए।
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खास बात
मिनी कमेला चलाने वाले आरोपियों ने किया गैंग का खुलासा
दो दर्जन होटलों में 40 रुपये किलो के हिसाब से बेचते थे मीट
इस मीट को कबाब बनाकर परोसा जाता था ग्राहकों को
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ठेके की आड़ में कटान
आरोपी शंकर ने पुलिस को बताया कि उनके पास मृत पशुओं का ठेका है। वह ब्रह्मपुरी, माधवपुरम, टीपीनगर, हापुड़ रोड और लिसाड़ी गेट में अलग-अलग स्थानों पर लावारिस मृत पशुओं को लाते हैं। पशुओं की खाल निकालने के बहाने रात में मृत पशुओं को झोपड़ियों में लाकर उनका कटान करते थे। यह मीट 40 रुपये किलो के हिसाब से बेचा जा रहा था। जबकि जिंदा पशुओं का मीट 100 से 130 रुपये किलो तक का है। ऐसे में मीट को पहुंचाने वाले युवक अलग हैं। आरोपियों ने बताया कि सुबह पांच बजे से पहले शहर में अलग-अलग स्थानों पर मीट सप्लाई कर दिया जाता है।
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ऐसे मीट से बनता है कबाब:
आरोपियों ने बताया कि मृत पशुओं का जो मीट होटलों और दुकानों पर जाता था, उसका कबाब बनाया जाता था। जिसके लिए चार से आठ घंटे के भीतर ही मृत पशुओं का कटान कर मीट सप्लाई कर देते थे। वहीं, सच संस्था के कार्यकर्ता आसिफ भारती ने मांग की है कि कटान करने वाले आरोपियों पर रासुका लगाकर कड़ी कार्रवाई की जाए।
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खास बात
मिनी कमेला चलाने वाले आरोपियों ने किया गैंग का खुलासा
दो दर्जन होटलों में 40 रुपये किलो के हिसाब से बेचते थे मीट
इस मीट को कबाब बनाकर परोसा जाता था ग्राहकों को