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नटवर लाल जेल भेजा, 87 मुहर बरामद
Updated Sun, 16 Jul 2017 01:42 AM IST
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मेरठ/शामली। दिल्ली और एनसीआर में पुलिस-प्रशासन समेत अन्य विभागों के अधिकारियों पर रौब गालिब कर फर्जी तरीके से काम करने वाले नटवरलाल अजय गर्ग को पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी का पुराना रिकॉर्ड भी खंगाला गया है। उसके पास से विभिन्न सरकारी अधिकारियों और विभागों की 87 मुहर बरामद हुई है।
अजय को पहचानने से इंकार
इंस्पेक्टर लालकुर्ती सुधीर कुमार ने बताया कि आरोपी अजय गर्ग करीब 25 साल पहले कैराना छोड़कर मेरठ आया था। वहां पर उसके परिवार के भाई रहते है। शनिवार को अजय के परिवार के लोगों से बात की गई, तो उन्होंने अजय को पहचानने से ही इंकार कर दिया। पुलिस ने गंगानगर में उसके किराये के कमरे से बरामद सभी मुहर, लेटर हैड आदि कब्जे में ले लिए।
दो सिपाही पहुंचे सिफारिश में
एसएसपी ऑफिस में तैनात दो सिपाही आरोपी अजय की सिफारिश में लालकुर्ती थाने तक पहुंच गए। थाने में आरोपी का कारनामा सुनकर वह चुपचाप लौट आए। बताया गया कि दोनों सिपाहियों की मन मुताबिक पोस्टिंग भी आरोपी ने अधिकारियों को फोन करके कराई थी। इसके अलावा यह आरोपी पुलिस अधिकारियों को फोन कराकर कई दर्जन मुकदमे दर्ज करा चुका था।
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लाखों कमाए, पुलिस को नहीं मिले
आरोपी अजय ने अधिकारियों से काम कराकर लाखों रुपये कमाए हैं। लेकिन पुलिस उससे पैसा बरामद नहीं कर सकी। पुलिस ने उसके साथियों का पता लगाने का प्रयास नहीं किया। आरोपी पूछताछ में बोला कि अफसर उसके एक फोन करने पर काम कर देते थे। एक विश्वासपात्र ने उसे फंसा दिया, नहीं तो वह कभी हत्थे कभी नहीं चढ़ता। एसएसपी भी पहुंचीं पूछताछ करने
आरोपी अजय गर्ग ने पूछताछ में बताया था कि उसने तत्कालीन एसएसपी जे. रविंदर गौड का ट्रांसफर कराकर मंजिल सैनी की मेरठ में पोस्टिंग कराई है। इसका पता लगने पर एसएसपी मंजिल सैनी शुक्रवार देर रात लालकुर्ती थाने में पहुंची और आरोपी से करीब 15 मिनट पूछताछ की। आरोपी बोला कि वह झूठ बोलकर ही तो लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
फिर सुर्खियों में कैराना
नकली करेंसी का मामला हो या फिर पाकिस्तान से पिस्टल की खेप आने का मामला हो या सेना की खुफिया जानकारी पाकिस्तान को देने का मामला हो। ज्यादातर मामले कैराना से जुड़ जाते हैं। अब कैराना का ही अजय गर्ग फर्जी अधिकारी बनकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को धमका कर उनसे अपने अवैध काम कराने के मामले में पकड़ा गया। इस पर खुफिया विभाग कैराना पहुंचा तथा मोहल्ला कायस्थवाड़ा में अजय गर्ग के रिश्तेदारों व परिवार के लोगों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
खास बात
- अफसरों को धमकाने पर पुलिस ने ठगी में किया था शुक्रवार को गिरफ्तार
- एसएसपी मंजिल सैनी ने आरोपी से की थाने में जाकर पूछताछ
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अजय को पहचानने से इंकार
इंस्पेक्टर लालकुर्ती सुधीर कुमार ने बताया कि आरोपी अजय गर्ग करीब 25 साल पहले कैराना छोड़कर मेरठ आया था। वहां पर उसके परिवार के भाई रहते है। शनिवार को अजय के परिवार के लोगों से बात की गई, तो उन्होंने अजय को पहचानने से ही इंकार कर दिया। पुलिस ने गंगानगर में उसके किराये के कमरे से बरामद सभी मुहर, लेटर हैड आदि कब्जे में ले लिए।
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दो सिपाही पहुंचे सिफारिश में
एसएसपी ऑफिस में तैनात दो सिपाही आरोपी अजय की सिफारिश में लालकुर्ती थाने तक पहुंच गए। थाने में आरोपी का कारनामा सुनकर वह चुपचाप लौट आए। बताया गया कि दोनों सिपाहियों की मन मुताबिक पोस्टिंग भी आरोपी ने अधिकारियों को फोन करके कराई थी। इसके अलावा यह आरोपी पुलिस अधिकारियों को फोन कराकर कई दर्जन मुकदमे दर्ज करा चुका था।
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लाखों कमाए, पुलिस को नहीं मिले
आरोपी अजय ने अधिकारियों से काम कराकर लाखों रुपये कमाए हैं। लेकिन पुलिस उससे पैसा बरामद नहीं कर सकी। पुलिस ने उसके साथियों का पता लगाने का प्रयास नहीं किया। आरोपी पूछताछ में बोला कि अफसर उसके एक फोन करने पर काम कर देते थे। एक विश्वासपात्र ने उसे फंसा दिया, नहीं तो वह कभी हत्थे कभी नहीं चढ़ता। एसएसपी भी पहुंचीं पूछताछ करने
आरोपी अजय गर्ग ने पूछताछ में बताया था कि उसने तत्कालीन एसएसपी जे. रविंदर गौड का ट्रांसफर कराकर मंजिल सैनी की मेरठ में पोस्टिंग कराई है। इसका पता लगने पर एसएसपी मंजिल सैनी शुक्रवार देर रात लालकुर्ती थाने में पहुंची और आरोपी से करीब 15 मिनट पूछताछ की। आरोपी बोला कि वह झूठ बोलकर ही तो लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
फिर सुर्खियों में कैराना
नकली करेंसी का मामला हो या फिर पाकिस्तान से पिस्टल की खेप आने का मामला हो या सेना की खुफिया जानकारी पाकिस्तान को देने का मामला हो। ज्यादातर मामले कैराना से जुड़ जाते हैं। अब कैराना का ही अजय गर्ग फर्जी अधिकारी बनकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को धमका कर उनसे अपने अवैध काम कराने के मामले में पकड़ा गया। इस पर खुफिया विभाग कैराना पहुंचा तथा मोहल्ला कायस्थवाड़ा में अजय गर्ग के रिश्तेदारों व परिवार के लोगों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
खास बात
- अफसरों को धमकाने पर पुलिस ने ठगी में किया था शुक्रवार को गिरफ्तार
- एसएसपी मंजिल सैनी ने आरोपी से की थाने में जाकर पूछताछ