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फरारी में बद्दो का बड़ा गेम, पुलिस हो गई चित
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- प्रधानमंत्री मोदी की चुनावी सभा में पुलिस थी व्यस्त
- बद्दो का शातिर गेम नहीं समझी तीन जिलों की पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। रविंद्र हत्याकांड में बदन सिंह बद्दो जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा था। बसपा नेता संजय गुर्जर की हत्या में भी जल्द सुनवाई होनी है। खुद को चौतरफा घिरा देख बद्दो ने शातिर गेम खेला। फरारी के लिए करोड़ों के गेम में तीन जिलों की पुलिस का कनेक्शन सामने आ रहा है। बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेरठ में चुनावी सभा थी, जिसमें गाजियाबाद के अलावा जोन के सभी जिलों से पुलिस व्यस्त थी। इसको देखते बद्दो ने फरारी की प्लानिंग बनाई।
कुख्यात बदन सिंह बद्दो की फरारी में मेरठ, गाजियाबाद, फतेहगढ़ पुलिस ‘गुनहगार’ हैं। फतेहगढ़ पुलिस बद्दो को बुधवार शाम गाजियाबाद के लिए लेकर चली थी। उसकी गाड़ी के साथ-साथ बद्दो के मददगार भी रहे। रास्ते में रात में होटल में भी रुके थे। बद्दो अपने साथियों के साथ बातचीत करता रहा। लेकिन फतेहगढ़ पुलिस ने उन्हें टोकना भी मुनासिब नहीं समझा, क्योंकि सबकी जेब गर्म थी। गाजियाबाद में आते ही उसकी पेशी हो गई। वहां से भी बद्दो को मेहमान की तरह गाजियाबाद पुलिस ने मेरठ के रास्ते निकालने की परमीशन दे दी।
गाजियाबाद की कचहरी में बद्दो के साथ-साथ उसके गुर्गे घूमते और बातचीत करते रहे। लेकिन गाजियाबाद पुलिस ने उनकी चेकिंग करना तो दूर कुछ पूछना भी उचित नहीं समझा। बाकी कसर मेरठ पुलिस ने पूरी कर दी। फतेहगढ़ जिले की पुलिस दोपहर से बद्दो को होटल मुकुट महल में मौजमस्ती कराती रही। लेकिन किसी ने खबर तक नहीं ली। जबकि होटल मुकुट महल में पहले भी अपराधियों के शरण लेने की बातें अक्सर सामने आती रही हैं। वहीं, बद्दो दरोगा समेत छह पुलिसकर्मियों को बेहोश करके आसानी से फरार हो गया। बावजूद मेरठ पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि तीन जिलों की पुलिस की शह से बद्दो फरार हुआ है।
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फरारी में फूलप्रूफ प्लानिंग
कुख्यात बदन सिंह बद्दो ने पुलिस कस्टडी से फरारी का खेल खेलने के लिए फूलप्रूफ प्लानिंग की। इसके लिए बृहस्पतिवार 28 मार्च की डेट काफी तैयारी के बाद तय की गई। बद्दो जानता था कि 28 मार्च को मेरठ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा है, जिसके बंदोबस्त में मेरठ ही नहीं गाजियाबाद समेत आसपास के जिलों की पुलिस व्यस्त होगी। ऐसे में उसे फरार होने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। जब तक पुलिस एक्टिव होगी, वह काफी दूर निकल चुका होगा। इस प्लानिंग में बद्दो द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करने की भी बात बताई जा रही है।
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- बद्दो का शातिर गेम नहीं समझी तीन जिलों की पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। रविंद्र हत्याकांड में बदन सिंह बद्दो जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा था। बसपा नेता संजय गुर्जर की हत्या में भी जल्द सुनवाई होनी है। खुद को चौतरफा घिरा देख बद्दो ने शातिर गेम खेला। फरारी के लिए करोड़ों के गेम में तीन जिलों की पुलिस का कनेक्शन सामने आ रहा है। बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेरठ में चुनावी सभा थी, जिसमें गाजियाबाद के अलावा जोन के सभी जिलों से पुलिस व्यस्त थी। इसको देखते बद्दो ने फरारी की प्लानिंग बनाई।
कुख्यात बदन सिंह बद्दो की फरारी में मेरठ, गाजियाबाद, फतेहगढ़ पुलिस ‘गुनहगार’ हैं। फतेहगढ़ पुलिस बद्दो को बुधवार शाम गाजियाबाद के लिए लेकर चली थी। उसकी गाड़ी के साथ-साथ बद्दो के मददगार भी रहे। रास्ते में रात में होटल में भी रुके थे। बद्दो अपने साथियों के साथ बातचीत करता रहा। लेकिन फतेहगढ़ पुलिस ने उन्हें टोकना भी मुनासिब नहीं समझा, क्योंकि सबकी जेब गर्म थी। गाजियाबाद में आते ही उसकी पेशी हो गई। वहां से भी बद्दो को मेहमान की तरह गाजियाबाद पुलिस ने मेरठ के रास्ते निकालने की परमीशन दे दी।
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गाजियाबाद की कचहरी में बद्दो के साथ-साथ उसके गुर्गे घूमते और बातचीत करते रहे। लेकिन गाजियाबाद पुलिस ने उनकी चेकिंग करना तो दूर कुछ पूछना भी उचित नहीं समझा। बाकी कसर मेरठ पुलिस ने पूरी कर दी। फतेहगढ़ जिले की पुलिस दोपहर से बद्दो को होटल मुकुट महल में मौजमस्ती कराती रही। लेकिन किसी ने खबर तक नहीं ली। जबकि होटल मुकुट महल में पहले भी अपराधियों के शरण लेने की बातें अक्सर सामने आती रही हैं। वहीं, बद्दो दरोगा समेत छह पुलिसकर्मियों को बेहोश करके आसानी से फरार हो गया। बावजूद मेरठ पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि तीन जिलों की पुलिस की शह से बद्दो फरार हुआ है।
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फरारी में फूलप्रूफ प्लानिंग
कुख्यात बदन सिंह बद्दो ने पुलिस कस्टडी से फरारी का खेल खेलने के लिए फूलप्रूफ प्लानिंग की। इसके लिए बृहस्पतिवार 28 मार्च की डेट काफी तैयारी के बाद तय की गई। बद्दो जानता था कि 28 मार्च को मेरठ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा है, जिसके बंदोबस्त में मेरठ ही नहीं गाजियाबाद समेत आसपास के जिलों की पुलिस व्यस्त होगी। ऐसे में उसे फरार होने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। जब तक पुलिस एक्टिव होगी, वह काफी दूर निकल चुका होगा। इस प्लानिंग में बद्दो द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करने की भी बात बताई जा रही है।