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गैंग ऑफ खिवाई का पर्दाफाश, 11 धरे
Updated Sat, 07 Jul 2018 01:52 AM IST
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गैंग ऑफ खिवाई का पर्दाफाश, 11 धरे
मेरठ। सरूरपुर पुलिस ने खिवाई गांव के ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो वेस्ट यूपी के अलावा मेवात व अन्य स्थानों से वाहन चोरी कर हल्द्वानी में बेचता था। यह गिरोह अलग-अलग स्थानों से पिछले ढाई साल में 700 से 800 वाहनों को चोरी कर बेच चुका है। कुछ वाहनों का फर्जी तरह से रजिस्ट्रेशन कराकर मेरठ व हरियाणा में भी बेचा गया है।
पुलिस लाइन में एसपी देहात राजेश कुमार और सीओ सरधना संतोष सिंह ने प्रेसवार्ता कर बताया कि बृहस्पतिवार रात पुलिस को सूचना मिली कि कार सवार कुछ बदमाश किसी घटना को अंजाम देने जा रहे हैं। इस पर सरूरपुर एसओ रविंद्र कांबोज ने पुलिस के साथ घेरांबंदी की तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने कार से छह युवकों को दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि उनके कुछ साथी बाइक लेकर खिवाई गांव की तरफ फरार हुए हैं। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि यह सभी चोरी के वाहनों को बेचते हैं और गैंग ऑफ खिवाई के नाम से गैंग बना रखा है। एसपी देहात ने बताया कि पकड़े गये आरोपी यूसुफ निवासी हर्रा थाना सरूरपुर, खिवाई निवासी इरफान पुत्र इकबाल, आबिद, इरफान पुत्र खचेडू, सत्तार, अफजाल, फरमान, इरफान पुत्र तैमूर, कलवा, मोमीन और गुलबहार हैं। इनके पास से तीन तमंचे, नौ कारतूस, चोरी की एक सेंट्रो कार, चार बाइक, एक ठेला और दस टायरा ट्रक बरामद हुआ है। गिरोह में शामिल खिवाई और हर्रा निवासी पांच युवक फरार हैं।
मेवात के युवक भी शामिल
एसपी देहात ने बताया कि गैंग का सरगना मोबीन है। मोबीन ने बताया कि वह हरियाणा के नूह मेवात से वाहनों को चोरी कर एकत्र करते थे। चोरी में मेवात के युवक भी शािमल हैं। इसके अलावा मेरठ, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर में भी वाहन चोरी करते थे। बाद में वाहनों का इंजन और चेसिस नंबर भी बदलवा लेते थे। वाहनों को ओरिजनल बताकर इन वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराकर फर्जी तरह से डुप्लीकेट आरसी भी बनवा लेते थे। मेवात के अलावा मेरठ में भी कुछ वाहनों के रस्ट्रिेशन करने की बात आरोपियों ने पुलिस को बताई। चोरी के वाहनों को हल्द्वानी में बेचते थे। जबकि जिन वाहनों की फर्जी तरह से आरसी बनवाई गई है उन्हें मेरठ समेत आसपास के जिलों और हरियाणा में भी बेचा गया है। पुलिस ने पकड़े गये सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। पकड़े गये आरोपियों पर अलग अलग थानों में 40 से अधिक मामले दर्ज हैं।
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परिवार चलाने के लिए करते हैं चोरी
मोबीन और यूसुफ ने बताया कि परिवार चलाने के लिए वे चोरी करते हैं। वह ढाई साल से वाहनों को चोरी कर रहे हैं। बाइक, स्कूटी, कार, कैंटर, डीसीएम, ट्रकों को चोरी करते थे। पुलिस न पकड़े इसलिए ट्रक में पुराना सामान भरकर चलते थे। जिससे पकड़े जाने पर फैक्ट्री का सामान बता दें। जबकि गांव में पता था कि वह हरियाणा में फैक्ट्री में काम करते हैं।
सोतीगंज का आबिद भी शामिल
एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया कि सोतीगंज का आबिद भी गैंग में शामिल था। आबिद ने ही चेसिस और इंजन नंबर बदलकर उनके फर्जी कागजात बनवाने की जानकारी दी थी। उसके बाद बाद आबिद ने अपना अलग गोदाम खोल लिया। एसपी देहात ने बताया कि इसमें आरटीओ के किसी कर्मचारी की भूमिका भी संदिग्ध हो सकती है जो फर्जी तरह से रजिस्ट्रेशन कर डुप्लीकेट आरसी बनाई गई हैं।
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मेरठ। सरूरपुर पुलिस ने खिवाई गांव के ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो वेस्ट यूपी के अलावा मेवात व अन्य स्थानों से वाहन चोरी कर हल्द्वानी में बेचता था। यह गिरोह अलग-अलग स्थानों से पिछले ढाई साल में 700 से 800 वाहनों को चोरी कर बेच चुका है। कुछ वाहनों का फर्जी तरह से रजिस्ट्रेशन कराकर मेरठ व हरियाणा में भी बेचा गया है।
पुलिस लाइन में एसपी देहात राजेश कुमार और सीओ सरधना संतोष सिंह ने प्रेसवार्ता कर बताया कि बृहस्पतिवार रात पुलिस को सूचना मिली कि कार सवार कुछ बदमाश किसी घटना को अंजाम देने जा रहे हैं। इस पर सरूरपुर एसओ रविंद्र कांबोज ने पुलिस के साथ घेरांबंदी की तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने कार से छह युवकों को दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि उनके कुछ साथी बाइक लेकर खिवाई गांव की तरफ फरार हुए हैं। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि यह सभी चोरी के वाहनों को बेचते हैं और गैंग ऑफ खिवाई के नाम से गैंग बना रखा है। एसपी देहात ने बताया कि पकड़े गये आरोपी यूसुफ निवासी हर्रा थाना सरूरपुर, खिवाई निवासी इरफान पुत्र इकबाल, आबिद, इरफान पुत्र खचेडू, सत्तार, अफजाल, फरमान, इरफान पुत्र तैमूर, कलवा, मोमीन और गुलबहार हैं। इनके पास से तीन तमंचे, नौ कारतूस, चोरी की एक सेंट्रो कार, चार बाइक, एक ठेला और दस टायरा ट्रक बरामद हुआ है। गिरोह में शामिल खिवाई और हर्रा निवासी पांच युवक फरार हैं।
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मेवात के युवक भी शामिल
एसपी देहात ने बताया कि गैंग का सरगना मोबीन है। मोबीन ने बताया कि वह हरियाणा के नूह मेवात से वाहनों को चोरी कर एकत्र करते थे। चोरी में मेवात के युवक भी शािमल हैं। इसके अलावा मेरठ, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर में भी वाहन चोरी करते थे। बाद में वाहनों का इंजन और चेसिस नंबर भी बदलवा लेते थे। वाहनों को ओरिजनल बताकर इन वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराकर फर्जी तरह से डुप्लीकेट आरसी भी बनवा लेते थे। मेवात के अलावा मेरठ में भी कुछ वाहनों के रस्ट्रिेशन करने की बात आरोपियों ने पुलिस को बताई। चोरी के वाहनों को हल्द्वानी में बेचते थे। जबकि जिन वाहनों की फर्जी तरह से आरसी बनवाई गई है उन्हें मेरठ समेत आसपास के जिलों और हरियाणा में भी बेचा गया है। पुलिस ने पकड़े गये सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। पकड़े गये आरोपियों पर अलग अलग थानों में 40 से अधिक मामले दर्ज हैं।
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परिवार चलाने के लिए करते हैं चोरी
मोबीन और यूसुफ ने बताया कि परिवार चलाने के लिए वे चोरी करते हैं। वह ढाई साल से वाहनों को चोरी कर रहे हैं। बाइक, स्कूटी, कार, कैंटर, डीसीएम, ट्रकों को चोरी करते थे। पुलिस न पकड़े इसलिए ट्रक में पुराना सामान भरकर चलते थे। जिससे पकड़े जाने पर फैक्ट्री का सामान बता दें। जबकि गांव में पता था कि वह हरियाणा में फैक्ट्री में काम करते हैं।
सोतीगंज का आबिद भी शामिल
एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया कि सोतीगंज का आबिद भी गैंग में शामिल था। आबिद ने ही चेसिस और इंजन नंबर बदलकर उनके फर्जी कागजात बनवाने की जानकारी दी थी। उसके बाद बाद आबिद ने अपना अलग गोदाम खोल लिया। एसपी देहात ने बताया कि इसमें आरटीओ के किसी कर्मचारी की भूमिका भी संदिग्ध हो सकती है जो फर्जी तरह से रजिस्ट्रेशन कर डुप्लीकेट आरसी बनाई गई हैं।