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वेस्ट यूपी में अवैध हथियारों की सप्लाई
Updated Sat, 02 Jun 2018 02:28 AM IST
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मेरठ। पश्चिम उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों की बड़ी खपत है। पिस्टल, तमंचे व कारतूसों की डिमांड लगातार बढ़ रही है। पुलिस ने हथियारों की दो खेप पकड़ीं। लेकिन उनके नेटवर्क तक नहीं पहुंच सकी।
पुलिस के अनुसार जेल गए आरोपियों ने बताया कि वेस्ट यूपी के अलग-अलग जिलों में हथियारों की खेप आयी हैं। जिनको सप्लाई कराया जा रहा है। खेप आने का इनपुट मिलने पर एसटीएफ भी एक्टिव हो गई है। एसटीएफ ने अवैध हथियार सप्लाई करने वाले आरोपियों का रिकॉर्ड खंगाला है।
गहरी साजिश, बड़ा नेटवर्क
2019 लोकसभा चुनाव में वेस्ट यूपी के जिलों में माहौल खराब करने की गहरी साजिश चल रही है। इससे लेकर पुलिस अभी गंभीर नहीं हैं। पुलिस की मानें तो मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत व सहारनपुर समेत कई जनपदों में अवैध हथियारों की खेप आ रही है। हथियारों को खपाने के लिए आरोपियों ने अपना नेटवर्क फैलाया हुआ है।
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चुनावी माहौल में खतरा
पुलिस का मानना है कि अगर हथियारों को खपाने वालों का नेटवर्क नहीं तोड़ा गया तो वेस्ट यूपी में चुनावी माहौल में खतरा बनेगा। चुनाव से पहले वेस्ट यूपी में खूनखराबा कर माहौल खराब करने की प्लानिंग चली है और पुलिस को भनक नहीं है। पुलिस का कहना है कि लगातार ऐसी शिकायत आ रही है। लेकिन सवाल कि जानकारी के बाद भी पुलिस खामोश है।
एसटीएफ भी हुई एक्टिव
हथियारों के सप्लाई करने की खबर से पुलिस महकमे में खलबली मची है। मामला बेहद गंभीर है। इसे देखते एसटीएफ को भी हथियार सप्लायरों की तलाश में लगाया है। एसटीएफ ने पुराना रिकार्ड खंगालकर जांच शुरू कर दी है। सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह का कहना है कि हथियारों सप्लाई करने वालों की तलाश में टीम लगा दी है। आरोपियों का नेटवर्क तोड़ा जाएगा।
पंजाब, हरियाणा, बिहार से आते हथियार
पुलिस का मानना है कि मेरठ में कई जगहों पर तमंचे बनते हैं और पुर्जे बाहर से लगाकर पिस्टल तैयार की जाती है। पुलिस ने तमंचे की कई फैक्ट्री पकड़ी हैं। अब लोकल में कारतूस भी बनाए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि पंजाब, हरियाणा और बिहार से अवैध हथियारों की खेप वेस्ट यूपी में भारी मात्रा में सप्लाई होती है।
गुर्गे पकड़े, सरगनाओं का पता नहीं
27 मई पुलिस ने लावड़ के जंगल से 500 कारतूसों के साथ इलियास निवासी मुरादाबाद को पकड़ा। यह कारतूस बरेली से आए थे। 29 मई को सरधना के बपारसी जंगल में जामिन निवासी पिठलोकर सरधना और कासिम जहानपुर कैराना को पकड़कर तमंचे की फैक्ट्री पकड़ी थी। 315 बोर की दो राइफल, 12 बोर की एक बंदूक और दो तमंचे बरामद किए। अधबने हथियार, बैरल, ट्रैगर, स्प्रिंग समेत अन्य सामान मिला है। 30 मई को नौचंदी पुलिस ने हुमायूं नगर में छापा मारकर रियाजुद्दीन उर्फ दीवान के घर में अवैध हथियारों का जखीरा बरामद किया। आरोपी इलियास सैफी लिसाड़ीगेट को भी पकड़ा हैं। बताया गया कि इन तीनों खुलासों में सिर्फ गुर्गे पकड़े है, लेकिन सरगनाओं का कोई अतापता नहीं है। जबकि पकड़े गए आरोपियों ने खुलासा किया कि अवैध हथियारों को सप्लाई करने का वेस्ट यूपी में बड़ा टारगेट मिला है।
नेटवर्क तक पहुंचेंगे
वेस्ट यूपी में हथियारों की सप्लाई का धंधा तेजी से बढ़ रहा हैं। पुलिस ने हथियारों का जखीरा पकड़ा है। उनके नेटवर्क तक पहुंचने के लिए पुलिस लगी है। - राजेश कुमार पांडेय, एसएसपी
खास बातें:
- पिस्टल, तमंचे और कारतूसों की है डिमांड
- हरियाणा, पंजाब, बिहार से आ रहे हथियार
- सप्लायरों का नेटवर्क तोड़ने में फेल पुलिस
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पुलिस के अनुसार जेल गए आरोपियों ने बताया कि वेस्ट यूपी के अलग-अलग जिलों में हथियारों की खेप आयी हैं। जिनको सप्लाई कराया जा रहा है। खेप आने का इनपुट मिलने पर एसटीएफ भी एक्टिव हो गई है। एसटीएफ ने अवैध हथियार सप्लाई करने वाले आरोपियों का रिकॉर्ड खंगाला है।
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गहरी साजिश, बड़ा नेटवर्क
2019 लोकसभा चुनाव में वेस्ट यूपी के जिलों में माहौल खराब करने की गहरी साजिश चल रही है। इससे लेकर पुलिस अभी गंभीर नहीं हैं। पुलिस की मानें तो मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत व सहारनपुर समेत कई जनपदों में अवैध हथियारों की खेप आ रही है। हथियारों को खपाने के लिए आरोपियों ने अपना नेटवर्क फैलाया हुआ है।
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चुनावी माहौल में खतरा
पुलिस का मानना है कि अगर हथियारों को खपाने वालों का नेटवर्क नहीं तोड़ा गया तो वेस्ट यूपी में चुनावी माहौल में खतरा बनेगा। चुनाव से पहले वेस्ट यूपी में खूनखराबा कर माहौल खराब करने की प्लानिंग चली है और पुलिस को भनक नहीं है। पुलिस का कहना है कि लगातार ऐसी शिकायत आ रही है। लेकिन सवाल कि जानकारी के बाद भी पुलिस खामोश है।
एसटीएफ भी हुई एक्टिव
हथियारों के सप्लाई करने की खबर से पुलिस महकमे में खलबली मची है। मामला बेहद गंभीर है। इसे देखते एसटीएफ को भी हथियार सप्लायरों की तलाश में लगाया है। एसटीएफ ने पुराना रिकार्ड खंगालकर जांच शुरू कर दी है। सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह का कहना है कि हथियारों सप्लाई करने वालों की तलाश में टीम लगा दी है। आरोपियों का नेटवर्क तोड़ा जाएगा।
पंजाब, हरियाणा, बिहार से आते हथियार
पुलिस का मानना है कि मेरठ में कई जगहों पर तमंचे बनते हैं और पुर्जे बाहर से लगाकर पिस्टल तैयार की जाती है। पुलिस ने तमंचे की कई फैक्ट्री पकड़ी हैं। अब लोकल में कारतूस भी बनाए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि पंजाब, हरियाणा और बिहार से अवैध हथियारों की खेप वेस्ट यूपी में भारी मात्रा में सप्लाई होती है।
गुर्गे पकड़े, सरगनाओं का पता नहीं
27 मई पुलिस ने लावड़ के जंगल से 500 कारतूसों के साथ इलियास निवासी मुरादाबाद को पकड़ा। यह कारतूस बरेली से आए थे। 29 मई को सरधना के बपारसी जंगल में जामिन निवासी पिठलोकर सरधना और कासिम जहानपुर कैराना को पकड़कर तमंचे की फैक्ट्री पकड़ी थी। 315 बोर की दो राइफल, 12 बोर की एक बंदूक और दो तमंचे बरामद किए। अधबने हथियार, बैरल, ट्रैगर, स्प्रिंग समेत अन्य सामान मिला है। 30 मई को नौचंदी पुलिस ने हुमायूं नगर में छापा मारकर रियाजुद्दीन उर्फ दीवान के घर में अवैध हथियारों का जखीरा बरामद किया। आरोपी इलियास सैफी लिसाड़ीगेट को भी पकड़ा हैं। बताया गया कि इन तीनों खुलासों में सिर्फ गुर्गे पकड़े है, लेकिन सरगनाओं का कोई अतापता नहीं है। जबकि पकड़े गए आरोपियों ने खुलासा किया कि अवैध हथियारों को सप्लाई करने का वेस्ट यूपी में बड़ा टारगेट मिला है।
नेटवर्क तक पहुंचेंगे
वेस्ट यूपी में हथियारों की सप्लाई का धंधा तेजी से बढ़ रहा हैं। पुलिस ने हथियारों का जखीरा पकड़ा है। उनके नेटवर्क तक पहुंचने के लिए पुलिस लगी है। - राजेश कुमार पांडेय, एसएसपी
खास बातें:
- पिस्टल, तमंचे और कारतूसों की है डिमांड
- हरियाणा, पंजाब, बिहार से आ रहे हथियार
- सप्लायरों का नेटवर्क तोड़ने में फेल पुलिस