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विश्वविद्यालय में महिला एसोसिएट प्रोफेसर को तेजाब से जलाने की धमकी
Updated Sun, 28 Jan 2018 02:13 AM IST
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महिला एसोसिएट प्रोफेसर पर तेजाब फेंकने की धमकी
मेरठ।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में हाल ही में ज्वाइन करने वाली महिला एसोसिएट प्रोफेसर पर तेजाब फेंकने की धमकी दी गई। ओबीसी सेना के नाम से इतिहास विभाग में डाली गई इस धमकी भरी चिट्ठी से हड़कंप मच गया है। प्रो-वीसी और रजिस्ट्रार ने पुलिस अफसरों को पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में इसी महीने कोलकाता की डॉ. कौशिकी दास गुप्ता ने एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर ज्वाइन किया है। लंबे समय से ये सीट खाली पड़ी थी। शनिवार को विभाग खुला तो कर्मचारियों ने एक चिट्ठी पड़ी देखी। चिट्ठी में लिखा था कि अगर डॉ. कौशिकी दास गुप्ता ने यहां से नौकरी नहीं छोड़ी तो उन पर तेजाब फेंककर जान से मार दिया जाएगा। चिट्ठी में लिखा था कि ये पद ओबीसी के लिए था, लेकिन उन्होंने जनरल कैटेगिरी में ज्वाइन किया है। हाथ से लिखी गई चिट्ठी में लिखा गया कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो कैंपस में ही मार देंगे। नीचे ओबीसी सेना लिखा हुआ है। चिट्ठी पढ़ते ही विभागाध्यक्ष डॉ. आराधना और डॉ. कौशिकी दास गुप्ता ने प्रो-वीसी प्रो. एचएस सिंह को जानकारी दी। इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. आराधना का कहना कि लंबे समय बाद विभाग की चारों सीटें भरी हैं। पढ़ाई का अच्छा माहौल बना तो अब किसी ने इस तरह की घिनौनी हरकत कर दी। प्रो-वीसी ने बताया कि ये पद जनरल कैटेगिरी का ही था। चिट्ठी की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
सीसीटीवी कैमरे लगाने के दिए आदेश
अभी तक इतिहास विभाग में सीसीटीवी नहीं लगे हुए थे। शनिवार शाम को प्रो वीसी प्रो. एचएस सिंह ने इतिहास विभाग में कैमरे लगाने के आदेश दिए। एसोसिएट प्रोफेसर फिलहाल गेस्ट हाउस में रह रही हैं, एहतियात के तौर पर वहां एक होमगार्ड जवान को तैनात किया गया है। मामले से शासन को भी अवगत करा दिया है। माना जा रहा है कि चिट्ठी शुक्रवार को डाली गई है।
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फिर जाति के आधार पर दी धमकी
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में जातिगत आधार का यह दंश नया नहीं है। छात्र राजनीति हो या फिर शिक्षकों के मामले, सभी में जातिगत आधार पर छात्रों की बांटने की पूरी कोशिश होती है। इतिहास विभाग में जनरल कैटेगिरी की एसोसिएट प्रोफेसर के ज्वाइन करने के पीछे भी ऐसी ही राजनीति की बू आ रही है। चिट्ठी के जरिए उनको डराने का काम किया गया है ताकि वे छोड़कर चली जाएं तो किसी ओर का रास्ता साफ हो जाए। पुलिस भी इसी पर फोकस कर रही है।
पूूरा मामला बेहद गंभीर है। शिकायत के आधार पर जांच शुरू करा दी गई है। इतिहास विभाग के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराई जा रही है। मान सिंह चौहान, एसपी सिटी
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मेरठ।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में हाल ही में ज्वाइन करने वाली महिला एसोसिएट प्रोफेसर पर तेजाब फेंकने की धमकी दी गई। ओबीसी सेना के नाम से इतिहास विभाग में डाली गई इस धमकी भरी चिट्ठी से हड़कंप मच गया है। प्रो-वीसी और रजिस्ट्रार ने पुलिस अफसरों को पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में इसी महीने कोलकाता की डॉ. कौशिकी दास गुप्ता ने एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर ज्वाइन किया है। लंबे समय से ये सीट खाली पड़ी थी। शनिवार को विभाग खुला तो कर्मचारियों ने एक चिट्ठी पड़ी देखी। चिट्ठी में लिखा था कि अगर डॉ. कौशिकी दास गुप्ता ने यहां से नौकरी नहीं छोड़ी तो उन पर तेजाब फेंककर जान से मार दिया जाएगा। चिट्ठी में लिखा था कि ये पद ओबीसी के लिए था, लेकिन उन्होंने जनरल कैटेगिरी में ज्वाइन किया है। हाथ से लिखी गई चिट्ठी में लिखा गया कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो कैंपस में ही मार देंगे। नीचे ओबीसी सेना लिखा हुआ है। चिट्ठी पढ़ते ही विभागाध्यक्ष डॉ. आराधना और डॉ. कौशिकी दास गुप्ता ने प्रो-वीसी प्रो. एचएस सिंह को जानकारी दी। इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. आराधना का कहना कि लंबे समय बाद विभाग की चारों सीटें भरी हैं। पढ़ाई का अच्छा माहौल बना तो अब किसी ने इस तरह की घिनौनी हरकत कर दी। प्रो-वीसी ने बताया कि ये पद जनरल कैटेगिरी का ही था। चिट्ठी की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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सीसीटीवी कैमरे लगाने के दिए आदेश
अभी तक इतिहास विभाग में सीसीटीवी नहीं लगे हुए थे। शनिवार शाम को प्रो वीसी प्रो. एचएस सिंह ने इतिहास विभाग में कैमरे लगाने के आदेश दिए। एसोसिएट प्रोफेसर फिलहाल गेस्ट हाउस में रह रही हैं, एहतियात के तौर पर वहां एक होमगार्ड जवान को तैनात किया गया है। मामले से शासन को भी अवगत करा दिया है। माना जा रहा है कि चिट्ठी शुक्रवार को डाली गई है।
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फिर जाति के आधार पर दी धमकी
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में जातिगत आधार का यह दंश नया नहीं है। छात्र राजनीति हो या फिर शिक्षकों के मामले, सभी में जातिगत आधार पर छात्रों की बांटने की पूरी कोशिश होती है। इतिहास विभाग में जनरल कैटेगिरी की एसोसिएट प्रोफेसर के ज्वाइन करने के पीछे भी ऐसी ही राजनीति की बू आ रही है। चिट्ठी के जरिए उनको डराने का काम किया गया है ताकि वे छोड़कर चली जाएं तो किसी ओर का रास्ता साफ हो जाए। पुलिस भी इसी पर फोकस कर रही है।
पूूरा मामला बेहद गंभीर है। शिकायत के आधार पर जांच शुरू करा दी गई है। इतिहास विभाग के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराई जा रही है। मान सिंह चौहान, एसपी सिटी