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समझौता
Updated Tue, 26 Sep 2017 02:27 AM IST
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मेरठ। एनएएस कॉलेज में सरेआम तमंचा लहराकर दहशत फैलाने और छात्रनेता पर जानलेवा हमला करने के नामजद आरोपी सोमवार को समझौते के शपथपत्र लेकर थाना सिविल लाइन पहुंच गए। एसएसआई और आरोपियों में बातचीत चल ही रही थी कि मीडिया भी वहां पहुंच गई। जिस पर आरोपी भाग निकले। पुलिस भी पल्ला झाड़ने लगी कि उसे नामजद आरोपियों के बारे में जानकारी नहीं थी।
29 अगस्त को एनएएस कॉलेज में छात्रों के दो गुटों में जमकर लाठी डंडे चले थे। जिसमें एक छात्र सरेआम स्कूल बैग से तमंचा निकालकर छात्रनेता की तरफ गोली मारने के लिए दौड़ा था। इसकी वीडियो भी वायरल हुई थी। कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष तरुण मलिक की तहरीर पर राहुल मावी, अतुल, सागर और विनीत समेत आठ छात्रों पर जानलेवा हमले का केस दर्ज हुआ था। लेकिन सिविल लाइन पुलिस नामजद आरोपियों को भूल गई।
सोमवार को नामजद आरोपी राहुल और अतुल कुछ लोगों के साथ थाने पहुंचे। जहां पर एसएसआई सतपाल सिंह को मामले की जानकारी देते हुए समझौते के शपथपत्र देने लगे। एसएसआई ने जानलेवा हमले का समझौता थाने में न होने की बात कह दी। इस बीच सूचना पर मीडियाकर्मी भी थाने पहुंच गए थे।
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कैसे पकड़ेगी हमलावरों को पुलिस
छात्रसंघ अध्यक्ष एनएएस कॉलेज के छात्रों को लेकर कई बार पुलिस अधिकारियों के पास जाकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग कर चुके है। लेकिन पुलिस कार्रवाई करने के बजाय आरोपियों से समझौते का शपथपत्र ले रही है, तो ऐसे में पुलिस आरोपियों को कैसे गिरफ्तार करेगी। एसएसआई ने आरोपियों को पकड़ना भी मुनासिब नहीं समझा, बल्कि उन्हें थाने से भागने का मौका दिया।
पहले बात की फिर पल्ला झाड़ा
आरोपी राहुल और अतुल आदि ने एसएसआई से करीब 10 मिनट तक बातचीत की। हमले के आरोपी होने का भंडाफोड़ हुआ तो एसएसआई ने इससे पल्ला झाड़ लिया। एसएसआई का कहना है कि समझौते के कागज एक ग्राम प्रधान लेकर आए थे। समझौता थाने में न करने की बात कहकर उनको भगा दिया। नामजद आरोपी थाने आए, इसकी कोई जानकारी नहीं है। वहीं, इंस्पेक्टर सिविल लाइन धीरज शुक्ला का कहना है कि थाने में एसएसआई से जानलेवा हमले के नामजद आरोपी मिले हैं, इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है। थाने से जानकारी कर इसकी जांच कराई जाएगी।
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29 अगस्त को एनएएस कॉलेज में छात्रों के दो गुटों में जमकर लाठी डंडे चले थे। जिसमें एक छात्र सरेआम स्कूल बैग से तमंचा निकालकर छात्रनेता की तरफ गोली मारने के लिए दौड़ा था। इसकी वीडियो भी वायरल हुई थी। कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष तरुण मलिक की तहरीर पर राहुल मावी, अतुल, सागर और विनीत समेत आठ छात्रों पर जानलेवा हमले का केस दर्ज हुआ था। लेकिन सिविल लाइन पुलिस नामजद आरोपियों को भूल गई।
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सोमवार को नामजद आरोपी राहुल और अतुल कुछ लोगों के साथ थाने पहुंचे। जहां पर एसएसआई सतपाल सिंह को मामले की जानकारी देते हुए समझौते के शपथपत्र देने लगे। एसएसआई ने जानलेवा हमले का समझौता थाने में न होने की बात कह दी। इस बीच सूचना पर मीडियाकर्मी भी थाने पहुंच गए थे।
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कैसे पकड़ेगी हमलावरों को पुलिस
छात्रसंघ अध्यक्ष एनएएस कॉलेज के छात्रों को लेकर कई बार पुलिस अधिकारियों के पास जाकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग कर चुके है। लेकिन पुलिस कार्रवाई करने के बजाय आरोपियों से समझौते का शपथपत्र ले रही है, तो ऐसे में पुलिस आरोपियों को कैसे गिरफ्तार करेगी। एसएसआई ने आरोपियों को पकड़ना भी मुनासिब नहीं समझा, बल्कि उन्हें थाने से भागने का मौका दिया।
पहले बात की फिर पल्ला झाड़ा
आरोपी राहुल और अतुल आदि ने एसएसआई से करीब 10 मिनट तक बातचीत की। हमले के आरोपी होने का भंडाफोड़ हुआ तो एसएसआई ने इससे पल्ला झाड़ लिया। एसएसआई का कहना है कि समझौते के कागज एक ग्राम प्रधान लेकर आए थे। समझौता थाने में न करने की बात कहकर उनको भगा दिया। नामजद आरोपी थाने आए, इसकी कोई जानकारी नहीं है। वहीं, इंस्पेक्टर सिविल लाइन धीरज शुक्ला का कहना है कि थाने में एसएसआई से जानलेवा हमले के नामजद आरोपी मिले हैं, इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है। थाने से जानकारी कर इसकी जांच कराई जाएगी।