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अंकुर की मौत के बाद परिजनो मे आक्रोश व्याप्त
Updated Wed, 04 Apr 2018 02:11 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
सोमवार को हुए उपद्रव में बवालियों द्वारा की गई फायरिंग में गोली लगने से अंकुर घायल हो गया था। देर रात अंकुर की दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मंगलवार तड़के जैसे ही गांव में अंकुर की मौत का पता चला तो पूरे गांव में आक्रोश फैल गया। ऐसे में गांव के आसपास फोर्स तैनात कर दी गई।
कचहरी गेट पर हुए उपद्रव के दौरान गोली लगने से भावनपुर थाना के गांव छोटा हसनपुर निवासी अंकुर पुत्र श्यौदान की मौत हो गई थी। अंकुर मजदूरी करता था। परिवार में उसकी मां सत्तो, बड़ा भाई अश्वनी, अर्पित, आदित्य और बहन रजनी है। परिजनों ने बताया कि सोमवार को अंकुर अपने कुछ साथियों के साथ कचहरी गया था। जहां पर कुछ लोगों ने उसे वहां से भगाने का प्रयास किया। जब तक अंकुर कुछ समझता तब तक बवालियों में से एक युवक ने उसे गोली मार दी। पुलिस ने उसे आनंद अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से गंभीर हालत में उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया।
वहीं मंगलवार सुबह ही हसनुपर चौकी और गांव के आसपास फोर्स तैनात कर दी गई थी। एसपी देहात राजेश कुमार, एडीएम ई एसपी पटेल, एसडीएम निशा अनंत, सीओ सदर देहात मौके पर रहे। गांव के बाहरी छोर पर भी पुलिस तैनात कर दी गई थी। वहीं आसपास के गांवों पर भी पुलिस नजर रखे थी।
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बिलखते रहे परिजन
अंकुर की मौत के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। मां ने बिलखते हुए कहा कि जिन्होंने मेरे बेटे को छीन लिया, उन्हें भी ऐसा ही दिन देखने को मिले। मेरे बेटे ने किसी का क्या बिगाड़ा था। वहीं गांव में कई स्थानों पर युवा आक्रोशित दिखे।
पोस्टमार्टम के बाद शव को ले गए ब्रजघाट
ग्रामीणों के आक्रोश को भांपते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी अंकुर के शव को पोस्टमार्टम के बाद सीधे ब्रजघाट ले गये। वहीं अंकुर के परिजनों को भी बस से ब्रजघाट ले जाया गया।
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मेरठ।
सोमवार को हुए उपद्रव में बवालियों द्वारा की गई फायरिंग में गोली लगने से अंकुर घायल हो गया था। देर रात अंकुर की दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मंगलवार तड़के जैसे ही गांव में अंकुर की मौत का पता चला तो पूरे गांव में आक्रोश फैल गया। ऐसे में गांव के आसपास फोर्स तैनात कर दी गई।
कचहरी गेट पर हुए उपद्रव के दौरान गोली लगने से भावनपुर थाना के गांव छोटा हसनपुर निवासी अंकुर पुत्र श्यौदान की मौत हो गई थी। अंकुर मजदूरी करता था। परिवार में उसकी मां सत्तो, बड़ा भाई अश्वनी, अर्पित, आदित्य और बहन रजनी है। परिजनों ने बताया कि सोमवार को अंकुर अपने कुछ साथियों के साथ कचहरी गया था। जहां पर कुछ लोगों ने उसे वहां से भगाने का प्रयास किया। जब तक अंकुर कुछ समझता तब तक बवालियों में से एक युवक ने उसे गोली मार दी। पुलिस ने उसे आनंद अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से गंभीर हालत में उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया।
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वहीं मंगलवार सुबह ही हसनुपर चौकी और गांव के आसपास फोर्स तैनात कर दी गई थी। एसपी देहात राजेश कुमार, एडीएम ई एसपी पटेल, एसडीएम निशा अनंत, सीओ सदर देहात मौके पर रहे। गांव के बाहरी छोर पर भी पुलिस तैनात कर दी गई थी। वहीं आसपास के गांवों पर भी पुलिस नजर रखे थी।
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बिलखते रहे परिजन
अंकुर की मौत के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। मां ने बिलखते हुए कहा कि जिन्होंने मेरे बेटे को छीन लिया, उन्हें भी ऐसा ही दिन देखने को मिले। मेरे बेटे ने किसी का क्या बिगाड़ा था। वहीं गांव में कई स्थानों पर युवा आक्रोशित दिखे।
पोस्टमार्टम के बाद शव को ले गए ब्रजघाट
ग्रामीणों के आक्रोश को भांपते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी अंकुर के शव को पोस्टमार्टम के बाद सीधे ब्रजघाट ले गये। वहीं अंकुर के परिजनों को भी बस से ब्रजघाट ले जाया गया।