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थाने के सामने फर्जी आरसी का गोरखधंधा

Sat, 18 Aug 2018 02:28 AM IST
Updated Sat, 18 Aug 2018 02:28 AM IST
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थाने के सामने फर्जी आरसी का गोरखधंधा
मेरठ। लिसाड़ी गेट थाने के सामने चोरी की गाड़ियों की फर्जी आरसी बनाने का गोरखधंधा चल रहा था। शुक्रवार देरशाम एएसपी कैंट सतपाल सिंह ने क्राइम ब्रांच की टीम के साथ छापा मारकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस के अनुसार दिल्ली से एक लग्जरी गाड़ी चोरी हुई थी। जिसमें जीपीएस लगा था। इस आधार पर पता चला कि गाड़ी काबली गेट मवाना निवासी शादाब उर्फ सालू ने चोरी कराई थी। इस मामले में शादाब वांछित चल रहा था। शादाब ने मवाना छोड़कर अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर लिसाड़ी गेट थाने के सामने आधार कार्ड के साथ फोटो कॉपी करने का ऑफिस खोल लिया। जो हज और उमरा के लिए भी काम करता है। क्राइम ब्रांच को पता चला कि शादाब इस ऑफिस में चोरी की गाड़ियों की फर्जी आरसी बना रहा है। जिस पर एएसपी कैंट और क्राइम ब्रांच के प्रभारी जयवीर सिंह ने छापा मारकर शादाब और उसके रिश्तेदार आसिफ निवासी मवाना को पकड़ लिया।
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पूछताछ में शादाब ने बताया कि ब्रह्मपुरी चौकी के पास रहने वाले नवाब पुत्र जलालुद्ीन अपने साथियों के साथ मिलकर मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली से वाहनों को चोरी करता है। इन गाड़ियों को लिसाड़ी गेट और मवाना में अलग-अलग स्थानों पर खड़ी करते थे। इनके स्पेयर पार्ट, चेसिस और इंजन नंबर भी बदलकर बेचते थे। शादाब के पास से चोरी की सेंट्रो बरामद की गई।
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कंप्यूटर पर बन रही थी फर्जी आरसी
पुलिस ने बताया कि शादाब लिसाड़ी गेट पुलिस की आंखों में धूल झोंककर पैसे ट्रांसफर करने के नाम पर फर्जी आरसी बनाता था। पुलिस ने जांच की तो फर्जी आरसी के प्रिंट भी ऐसे थे कि उन्हें आसानी से पकड़ा भी नहीं जा सकता। पुलिस शादाब को लेकर उसके ऑफिस में पहुंची वहां से भारी संख्या में फर्जी आरसी और अन्य दस्तावेज भी बरामद कर लिए।

परिजनों ने मचाया अपहरण का शोर
शादाब के परिजनों ने अपहरण का शोर मचाकर लिसाड़ी गेट थाने में भी तहरीर दे दी। जिसमें कहा कि शादाब के साथ उसका रिश्तेदार आसिफ भी था। बाद में पता चला कि अपहरण नहीं हुआ बल्कि क्राइम ब्रांच फर्जी आरसी और चोरी के वाहनों के मामले में लेकर गई है। इस मामले में लिसाड़ीगेट थाने के दो सिपाहियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई है जो लगातार शादाब के ऑफिस में बैठते थे।


खास बातें:
एएसपी कैंट ने की छापामारी, दो आरोपी किए गिरफ्तार
यूपी के अलावा बिहार में भी बेची जा रहीं थी चोरी की गाड़ियां
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