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घर से गई, नस काटी और टंकी से कूदकर मिली मौत
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रात ढाई बजे घर से निकली, नस काटी और टंकी से कूद गई
17 वर्षीय छात्रा ने माधवपुरम में पानी की टंकी से कूदकर की आत्महत्या
घर में क्लेश होने से थी व्यथित, परिजनों ने नहीं दर्ज कराई रिपोर्ट
फोटो
मेरठ। माधवपुरम में 17 साल की छात्रा ने ब्लेड से हाथ की नस काटी और फिर पानी की टंकी पर चढ़कर छलांग लगा दी। जिला अस्पताल में छात्रा की उपचार के दौरान मौत हो गई। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र की लक्ष्मणपुरी निवासी छात्रा चावड़ी देवी इंटर कॉलेज में कक्षा 11 की पढ़ाई कर रही थी। शनिवार देररात ढाई बज छात्रा अपने घर से निकल गई। माधवपुरम सेक्टर- एक के पास पानी की टंकी के पास पहुंची। टंकी के नीचे ही छात्रा ने ब्लेड से हाथ की नस काट ली। छात्रा के हाथ से खून बहने लगा और कपड़े भी खून में सन गये। इसके बाद छात्रा पानी की टंकी पर चढ़ गई और कूद गई। शोर सुनकर लोग एकत्र हुए। माधवपुरम चौकी इंचार्ज अंकित चौहान और फिर इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी रघुराज सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने छात्रा को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। छात्रा को रविवार सुबह होश आया और उसने अपना नाम-पता बताया। इसके बाद पुलिस ने छात्रा के परिजनों को जानकारी दी। परिजन अस्पताल में पहुंचे। दोपहर तीन बजे छात्रा की मौत हो गई। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर का कहना था कि परिजनों ने तहरीर देने से इंकार कर दिया है।
तीन दिन से तनाव में थी
इंस्पेक्टर ने बताया कि छात्रा के दो छोटे भाई हैं। पिता और मां से पूछताछ की है। बताया गया कि छात्रा तीन दिन से तनाव में थी। शनिवार रात को भी उसका परिजनों से विवाद हुआ था। इसी से क्षुब्ध होकर वह टंकी से कूद गई।
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‘नहीं जीना चाहती, मरने जा रही हूं’
माधवपुरम चौकी से चंद कदमों की दूरी पर घटना हुई। सेक्टर- एक निवासी राजू ने पुलिस को बताया कि छात्रा ने शोर मचाते हुए कहा था कि ‘मैं जीना नहीं चाहती और मरने जा रही हूं’। जब दरवाजा खोलकर बाहर देखा तो छात्रा दिखाई नहीं दी। कुछ देर बाद अचानक कुछ गिरने की आवाज आई, तो वह दौड़कर के पास पहुंचा। वहां छात्रा लहूलुहान बेहोश पड़ी थी।
न चौकीदार, न गेट, मिल रही मौत
पानी की टंकियों पर सुरक्षा-व्यवस्था भगवान भरोसे है। टंकी से छात्रा के सुसाइड करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कंकरखेड़ा में मार्च 2018 में सेल्फी लेने दो युवक टंकी पर चढ़ गये थे। दोनों युवकों की टंकी से गिरकर मौत हो गई थी। परतापुर में दिसंबर 2017 में पानी की टंकी से कूदकर युवक ने सुसाइड कर लिया था। इसके अलावा कुछ प्रदर्शनकारी भी टंकी पर चढ़कर आएदिन बवाल करते रहते हैं। शहर में नगर निगम की पानी की टंकी हैं। इन पर चौकीदार भी नहीं रहते, जबकि गेट भी नहीं हैं।
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17 वर्षीय छात्रा ने माधवपुरम में पानी की टंकी से कूदकर की आत्महत्या
घर में क्लेश होने से थी व्यथित, परिजनों ने नहीं दर्ज कराई रिपोर्ट
फोटो
मेरठ। माधवपुरम में 17 साल की छात्रा ने ब्लेड से हाथ की नस काटी और फिर पानी की टंकी पर चढ़कर छलांग लगा दी। जिला अस्पताल में छात्रा की उपचार के दौरान मौत हो गई। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र की लक्ष्मणपुरी निवासी छात्रा चावड़ी देवी इंटर कॉलेज में कक्षा 11 की पढ़ाई कर रही थी। शनिवार देररात ढाई बज छात्रा अपने घर से निकल गई। माधवपुरम सेक्टर- एक के पास पानी की टंकी के पास पहुंची। टंकी के नीचे ही छात्रा ने ब्लेड से हाथ की नस काट ली। छात्रा के हाथ से खून बहने लगा और कपड़े भी खून में सन गये। इसके बाद छात्रा पानी की टंकी पर चढ़ गई और कूद गई। शोर सुनकर लोग एकत्र हुए। माधवपुरम चौकी इंचार्ज अंकित चौहान और फिर इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी रघुराज सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने छात्रा को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। छात्रा को रविवार सुबह होश आया और उसने अपना नाम-पता बताया। इसके बाद पुलिस ने छात्रा के परिजनों को जानकारी दी। परिजन अस्पताल में पहुंचे। दोपहर तीन बजे छात्रा की मौत हो गई। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर का कहना था कि परिजनों ने तहरीर देने से इंकार कर दिया है।
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तीन दिन से तनाव में थी
इंस्पेक्टर ने बताया कि छात्रा के दो छोटे भाई हैं। पिता और मां से पूछताछ की है। बताया गया कि छात्रा तीन दिन से तनाव में थी। शनिवार रात को भी उसका परिजनों से विवाद हुआ था। इसी से क्षुब्ध होकर वह टंकी से कूद गई।
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‘नहीं जीना चाहती, मरने जा रही हूं’
माधवपुरम चौकी से चंद कदमों की दूरी पर घटना हुई। सेक्टर- एक निवासी राजू ने पुलिस को बताया कि छात्रा ने शोर मचाते हुए कहा था कि ‘मैं जीना नहीं चाहती और मरने जा रही हूं’। जब दरवाजा खोलकर बाहर देखा तो छात्रा दिखाई नहीं दी। कुछ देर बाद अचानक कुछ गिरने की आवाज आई, तो वह दौड़कर के पास पहुंचा। वहां छात्रा लहूलुहान बेहोश पड़ी थी।
न चौकीदार, न गेट, मिल रही मौत
पानी की टंकियों पर सुरक्षा-व्यवस्था भगवान भरोसे है। टंकी से छात्रा के सुसाइड करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कंकरखेड़ा में मार्च 2018 में सेल्फी लेने दो युवक टंकी पर चढ़ गये थे। दोनों युवकों की टंकी से गिरकर मौत हो गई थी। परतापुर में दिसंबर 2017 में पानी की टंकी से कूदकर युवक ने सुसाइड कर लिया था। इसके अलावा कुछ प्रदर्शनकारी भी टंकी पर चढ़कर आएदिन बवाल करते रहते हैं। शहर में नगर निगम की पानी की टंकी हैं। इन पर चौकीदार भी नहीं रहते, जबकि गेट भी नहीं हैं।