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कोई पत् थर न फेंक दे, आयोजक भी टेंशन
Updated Fri, 13 Apr 2018 02:56 AM IST
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मेरठ।
इस बार आंबेडकर जयंती पर कार्यक्रम कराने वाले आयोजक सहमे हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगर जुलूस या झांकी में पत्थर चले तो आयोजकों को जेल भेजा जाएगा। इसको देखते हुए कई जगहों पर आयोजकों ने जुलूस या अन्य कार्यक्रम करने से मना कर दिया हैं। हालांकि आंबेडकर जयंती पर चप्पे चप्पे पर पुलिस का पहरा लगा हैं, ताकि कोई विवाद न हो।
दो अप्रैल को हुए बवाल के बाद पुलिस व प्रशासन फोर्स लेकर सड़कों पर उतरा हुआ है। 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती पर पुलिस ने शहर में कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था की है। पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी फ्लैग मार्च तो कभी लोगों से मीटिंग कर चेतावनी दे रहे हैं कि बवाल हुआ तो आरोपी जेल भेजे जाएंगे। आलम यह है कि आम जनता भी अबकी बार आंबेडकर जयंती मनाने को लेकर डरी हुई है। इसका नतीजा है कि शहर व देहात में आंबेडकर जयंती मनाने वाली की संख्या कम होगी।
105 जगहों पर होते हैं कार्यक्रम
देहात में 63 और शहर में 42 जगहों पर आंबेडकर जयंती पर कार्यक्रम होते हैं, लेकिन इस बार इनकी संख्या काफी कम है। आयोजकों का मानना है कि कार्यक्रम में अगर किसी असामाजिक तत्व ने पत्थर फेंक दिया तो उनके खिलाफ ही कार्रवाई होगी। इस डर से वे कार्यक्रम कराने से मना कर रहे हैं।
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हाईअलर्ट जारी, फोर्स तैनात
14 अप्रैल आंबेडकर जयंती पर पुलिस प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। चप्पे चप्पे पर पुलिस का पहरा रहेगा। पुलिस का कहना है कि संवेदनशील इलाके में आरएएफ और पीएसी बल तैनात किया है। दलित बहुल बस्तियों में पुलिस फोर्स अलग से लगी है। महिला पुलिस की ड्यूटी भी निर्धारित की है।
जुलूस या झांकी निकालने के दौरान कोई अनहोनी घटना हुई तो आयोजक जिम्मेदार होंगे। पुलिस आयोजकों को जेल भेजेगी। आंबेडकर जयंती पर सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं। मंजिल सैनी दहल, एसएसपी
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इस बार आंबेडकर जयंती पर कार्यक्रम कराने वाले आयोजक सहमे हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगर जुलूस या झांकी में पत्थर चले तो आयोजकों को जेल भेजा जाएगा। इसको देखते हुए कई जगहों पर आयोजकों ने जुलूस या अन्य कार्यक्रम करने से मना कर दिया हैं। हालांकि आंबेडकर जयंती पर चप्पे चप्पे पर पुलिस का पहरा लगा हैं, ताकि कोई विवाद न हो।
दो अप्रैल को हुए बवाल के बाद पुलिस व प्रशासन फोर्स लेकर सड़कों पर उतरा हुआ है। 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती पर पुलिस ने शहर में कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था की है। पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी फ्लैग मार्च तो कभी लोगों से मीटिंग कर चेतावनी दे रहे हैं कि बवाल हुआ तो आरोपी जेल भेजे जाएंगे। आलम यह है कि आम जनता भी अबकी बार आंबेडकर जयंती मनाने को लेकर डरी हुई है। इसका नतीजा है कि शहर व देहात में आंबेडकर जयंती मनाने वाली की संख्या कम होगी।
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105 जगहों पर होते हैं कार्यक्रम
देहात में 63 और शहर में 42 जगहों पर आंबेडकर जयंती पर कार्यक्रम होते हैं, लेकिन इस बार इनकी संख्या काफी कम है। आयोजकों का मानना है कि कार्यक्रम में अगर किसी असामाजिक तत्व ने पत्थर फेंक दिया तो उनके खिलाफ ही कार्रवाई होगी। इस डर से वे कार्यक्रम कराने से मना कर रहे हैं।
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हाईअलर्ट जारी, फोर्स तैनात
14 अप्रैल आंबेडकर जयंती पर पुलिस प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। चप्पे चप्पे पर पुलिस का पहरा रहेगा। पुलिस का कहना है कि संवेदनशील इलाके में आरएएफ और पीएसी बल तैनात किया है। दलित बहुल बस्तियों में पुलिस फोर्स अलग से लगी है। महिला पुलिस की ड्यूटी भी निर्धारित की है।
जुलूस या झांकी निकालने के दौरान कोई अनहोनी घटना हुई तो आयोजक जिम्मेदार होंगे। पुलिस आयोजकों को जेल भेजेगी। आंबेडकर जयंती पर सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं। मंजिल सैनी दहल, एसएसपी