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इंस्पेक्टर की चेतावनी पर थाने से खिसके भाजपाई
Updated Mon, 12 Mar 2018 02:48 AM IST
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कंकरखेड़ा। मकान और दुकान के विवाद में भाजपाइयों ने दूसरे पक्ष को थाने में ही धमकी दे दी। जिस पर इंस्पेक्टर ने भाजपाइयों को आड़े हाथों लेकर हवालात में डालने की चेतावनी दे दी। मामला बिगड़ता देख भाजपाई थाने से खिसक गए।
मकान और दुकान के किराए को लेकर चल रहा विवाद कई बार थाने पहुंचा। लेकिन निपटारा नहीं हुआ। रविवार को पहला पक्ष कार्रवाई की बाबत थाने पहुंचा तो दूसरे पक्ष की पैरवी में कई भाजपाई पहुंच गए। इंस्पेक्टर दीपक शर्मा दोनों पक्षों से बात कर रहे थे। लेकिन विवाद का हल निकलने के बजाय दोनों पक्षों में गालीगलौज के बाद मारपीट की नौबत आ गई। आरोप है कि भाजपाइयों ने पहले पक्ष को इंस्पेक्टर के सामने ही भुगत लेने की धमकी दे दी। जिसके बाद इंस्पेक्टर ने दोनों पक्षों को चेतावनी देकर शांत किया।
कानून को मत समझो कमजोर
इंस्पेक्टर ने खासकर भाजपाइयों को चेतावनी देते हुए कहा कि कानून को इतना कमजोर मत समझो। मेरे ही ऑफिस में मेरे ही सामने इस तरह का आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सत्ता का प्रभाव दिखाने की कोशिश मत करना। जरा सी देर में सारी नेतागिरी निकल जाएगी। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दूंगा। इंस्पेक्टर की चेतावनी के बाद दोनों पक्षों के लोग चुप्पी साध गए। भाजपाई भी दबे पांव थाने से खिसक गए। इंस्पेक्टर का कहना है कि दो पक्षों में मकान व दुकान के किराए के लेकर विवाद है। दोनों पक्षों ने समाधान के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। एक सप्ताह में हल नहीं निकाल पाते हैं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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मकान और दुकान के किराए को लेकर चल रहा विवाद कई बार थाने पहुंचा। लेकिन निपटारा नहीं हुआ। रविवार को पहला पक्ष कार्रवाई की बाबत थाने पहुंचा तो दूसरे पक्ष की पैरवी में कई भाजपाई पहुंच गए। इंस्पेक्टर दीपक शर्मा दोनों पक्षों से बात कर रहे थे। लेकिन विवाद का हल निकलने के बजाय दोनों पक्षों में गालीगलौज के बाद मारपीट की नौबत आ गई। आरोप है कि भाजपाइयों ने पहले पक्ष को इंस्पेक्टर के सामने ही भुगत लेने की धमकी दे दी। जिसके बाद इंस्पेक्टर ने दोनों पक्षों को चेतावनी देकर शांत किया।
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कानून को मत समझो कमजोर
इंस्पेक्टर ने खासकर भाजपाइयों को चेतावनी देते हुए कहा कि कानून को इतना कमजोर मत समझो। मेरे ही ऑफिस में मेरे ही सामने इस तरह का आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सत्ता का प्रभाव दिखाने की कोशिश मत करना। जरा सी देर में सारी नेतागिरी निकल जाएगी। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दूंगा। इंस्पेक्टर की चेतावनी के बाद दोनों पक्षों के लोग चुप्पी साध गए। भाजपाई भी दबे पांव थाने से खिसक गए। इंस्पेक्टर का कहना है कि दो पक्षों में मकान व दुकान के किराए के लेकर विवाद है। दोनों पक्षों ने समाधान के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। एक सप्ताह में हल नहीं निकाल पाते हैं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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