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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे: फूटा किसानों का गुस्सा, क्रैश बैरियर उखाड़े, साइन बोर्ड उखाड़कर ले गए साथ, जानें पूरा मामला

Tue, 25 May 2021 10:32 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Tue, 25 May 2021 10:32 AM IST
सार

मेरठ में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने क्रैश बैरियरों को उखाड़ फेंका है। यही नहीं दीवार को तोड़कर साइन बोर्ड भी उखाड़कर ले गए। पढ़िए पूरा मामला क्या है।

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Meerut News: crass barrier broken on expressway
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे। - फोटो : amar ujala

विस्तार

मेरठ के परतापुर में दो दिन की बारिश के बाद सर्विस रोड पर पानी भरने और रास्ता बंद हो जाने के बाद किसानों का गुस्सा मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर फूट पड़ा। उन्होंने गांव सोलाना से मुरादाबाद के बीच क्रैश बैरियरों को उखाड़ फेंका है। वहीं, दीवार को तोड़कर साइन बोर्ड भी उखाड़कर ले गए। एक्सप्रेसवे अधिकारियों का कहना है कि सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना गलत है। बातचीत से ही समस्या दूर हो सकती है।

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दरअसल, बारिश के बाद से एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ के खेतों में मिट्टी और पानी भर गया है। इससे खेतों में आवाजाही बंद हो गई है। किसानों का कहना है कि शुगर मिल में गन्ना ले जाने के लिए बनाई गई सर्विस रोड भी कई जगहों पर मिटटी खिसकने से बंद हो गई। गांव मुरादाबाद के पास किसानों ने क्रैश बैरियर तोड़कर ही रास्ता बना लिया। एक्सप्रेसवे की कई नालियां बरसात में मिट्टी के साथ बह गईं, जो एक्सप्रेसवे के दोनों ओर खेतों में पानी के साथ पहुंच गईं। इससे खड़ी फसल बर्बाद हो गई। किसानों का कहना है कि अब वे ट्रैक्टरों और बुग्गियों से मिल में गन्ना कैसे लेकर जाएं।
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एक दिन पहले ही किसानों ने एक्सप्रेसवे की निर्माणाधीन कंपनी जीआर इंफ्रा प्रोजेक्टस लिमिटेड को चेतावनी दी थी कि यदि जल्द किसानों के लिए रास्ते का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टोल प्लाजा के पास लगाए गए सबमर्सिबल को जीआर इंफ्रा के कर्मचारी खोल कर चले जाते हैं, इससे भी पानी उनके खेतों में लगातार पहुंच रहा है। उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं।
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इस मामले में जीआर इंफ्रा के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज बैरवा ने कहा कि वार्ता से ही समस्या का समाधान होता है। ऐसे नुकसान से खुद उन्हें भी दिक्कत होगी। यह सरकारी संपत्ति है। इसे नुकसान पहुंचाना गलत है।

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