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योगी के कान्हा उपवन में गोवंश बेसहारा
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परतापुर के महरोली मे बना कान्हा उपवन।
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मेरठ। गो सेवा और कान्हा उपवन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में हैं। उसके बावजूद परतापुर बराल के कान्हा उपवन में गोवंश पशु चिकित्सा उपचार न मिलने के कारण अव्यवस्थाओं में सांस ले रहे हैं। चर्चा है कि ठीक से उपचार न मिलने पर तीन माह में इस उपवन में 15-16 गोवंश दम तोड़ चुके हैं। 25 गोवंशों की हालत नाजुक बताई गई है तो 42 से ज्यादा जख्मी हैं। अगर यही लापरवाही रही तो सरकार के इस उपवन में शरण लेने के बावजूद गोवंश पशु बेसहारा ही रहेंगे।
कान्हा उपवन को करीब तीन माह पूर्व शुरू किया गया था। शहर की जितनी भी अस्थायी गोशालाएं थीं, वहां से सभी गोवंश पशुओं को यहां शिफ्ट कर दिया गया है। यहां दो दिन पहले तक 320 गोवंश थे। अब जिलाधिकारी के निर्देश पर खरखौदा से 80 गोवंश भी यहां शिफ्ट कर दिए गए। इन गोवंशों को चारा, पानी आदि सुविधाएं देने की जिम्मेदारी नगर निगम और चिकित्सा उपचार पशुपालन विभाग के हवाले है। लेकिन सरकारी हाथों में आने के बावजूद यहां अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। पिछले दिनों महापौर और नगरायुक्त ने अमले के साथ यहां का दौरा किया था। इस दौरान कई लापरवाही सामने आना बताया गया। गोवंश पशुओं की मौत होने, कई गोवंश की हालत नाजुक होने तो कई गोवंश जख्मी होने की चर्चाएं सामने आईं। यही नहीं, कान्हा उपवन के जिम्मेदारों को चेतावनी भी दी गई कि यदि अब किसी गोवंश की जान गई तो शासन को लिखित में भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी।
मशीन लगी, कनेक्शन कटा
कान्हा उपवन परिसर में ताजा चारा उपलब्ध कराने के लिए मशीन, पानी के लिए सबमर्सिबल पंप लगाया गया तो परिसर में भूसा और चूरी आदि के लिए गोदाम भी बना दिया गया। लेकिन बिजली की व्यवस्था नहीं है। पिछले माह ही बिजली कनेक्शन कट गया था। अब जनरेटर के सहारे ही कान्हा उपवन में रोशनी होती है और सबमर्सिबल चलता है। सवाल है कि बगैर लाइट के चारा काटने की मशीन कैसे चलेगी।
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भगवा रंग में रंगा कान्हा उपवन
सीएम की मंशा के अनुरूप ही कान्हा उपवन की दीवारों को रंगा गया है। भगवा रंग में रंगी दीवारें उपवन की शोभा बढ़ा रही हैं। दीवारें तो सुंदर हो गयी हैं लेकिन ऐसी बाहरी सुंदरता का क्या फायदा कि अंदर गोवंशों को पर्याप्त इलाज और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
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कभी आते हैं कभी नहीं
कान्हा उपवन के केयरटेकर अमित कुमार का कहना है कि बीमार पशुओं के उपचार के लिए हम पशु चिकित्सक को फोन पर सूचना देते रहते हैं। कई बार वह आते भी हैं, कई बार नहीं भी आते हैं। कई गोवंश बीमार चल रहे हैं।
सुविधाएं दुरुस्त कराएंगे
नगरायुक्त अरविंद चौरसिया का कहना है कि कान्हा उपवन में सभी सुविधाएं दुरुस्त कराई जा रही हैं। खरखौदा से आए गोवंश काफी कमजोर हैं। दस दिन के भीतर अच्छा चारा खिलाकर ठीक किया जाएगा। गोवंश के उपचार के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। चारे आदि की पर्याप्त व्यवस्था है। पशु चिकित्सक के लिए अलग से कमरा बनाया जा रहा है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गोवंश की मौत पर मांगी रिपोर्ट
जब से गोशाला खुली है, तब से बीमार पशुओं का इलाज सही समय पर नहीं हो रहा है। गोवंश मर रहे हैं, इससे इंकार नहीं किया जा सकता है। इसकी शिकायत हमारे सामने भी आयी है। चार दिन पहले भी हमने नगरायुक्त के साथ कान्हा उपवन का निरीक्षण किया था। वहां पर गोवंश के मरने की जानकारी मिली थी। इसकी पूरी रिपोर्ट हमने नगरायुक्त से मांग ली है। गोवंश पशुओं की मौत होने शिकायत शासन को भेजी जाएगी। -सुनीता वर्मा, महापौर
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कान्हा उपवन को करीब तीन माह पूर्व शुरू किया गया था। शहर की जितनी भी अस्थायी गोशालाएं थीं, वहां से सभी गोवंश पशुओं को यहां शिफ्ट कर दिया गया है। यहां दो दिन पहले तक 320 गोवंश थे। अब जिलाधिकारी के निर्देश पर खरखौदा से 80 गोवंश भी यहां शिफ्ट कर दिए गए। इन गोवंशों को चारा, पानी आदि सुविधाएं देने की जिम्मेदारी नगर निगम और चिकित्सा उपचार पशुपालन विभाग के हवाले है। लेकिन सरकारी हाथों में आने के बावजूद यहां अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। पिछले दिनों महापौर और नगरायुक्त ने अमले के साथ यहां का दौरा किया था। इस दौरान कई लापरवाही सामने आना बताया गया। गोवंश पशुओं की मौत होने, कई गोवंश की हालत नाजुक होने तो कई गोवंश जख्मी होने की चर्चाएं सामने आईं। यही नहीं, कान्हा उपवन के जिम्मेदारों को चेतावनी भी दी गई कि यदि अब किसी गोवंश की जान गई तो शासन को लिखित में भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी।
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मशीन लगी, कनेक्शन कटा
कान्हा उपवन परिसर में ताजा चारा उपलब्ध कराने के लिए मशीन, पानी के लिए सबमर्सिबल पंप लगाया गया तो परिसर में भूसा और चूरी आदि के लिए गोदाम भी बना दिया गया। लेकिन बिजली की व्यवस्था नहीं है। पिछले माह ही बिजली कनेक्शन कट गया था। अब जनरेटर के सहारे ही कान्हा उपवन में रोशनी होती है और सबमर्सिबल चलता है। सवाल है कि बगैर लाइट के चारा काटने की मशीन कैसे चलेगी।
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भगवा रंग में रंगा कान्हा उपवन
सीएम की मंशा के अनुरूप ही कान्हा उपवन की दीवारों को रंगा गया है। भगवा रंग में रंगी दीवारें उपवन की शोभा बढ़ा रही हैं। दीवारें तो सुंदर हो गयी हैं लेकिन ऐसी बाहरी सुंदरता का क्या फायदा कि अंदर गोवंशों को पर्याप्त इलाज और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
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कभी आते हैं कभी नहीं
कान्हा उपवन के केयरटेकर अमित कुमार का कहना है कि बीमार पशुओं के उपचार के लिए हम पशु चिकित्सक को फोन पर सूचना देते रहते हैं। कई बार वह आते भी हैं, कई बार नहीं भी आते हैं। कई गोवंश बीमार चल रहे हैं।
सुविधाएं दुरुस्त कराएंगे
नगरायुक्त अरविंद चौरसिया का कहना है कि कान्हा उपवन में सभी सुविधाएं दुरुस्त कराई जा रही हैं। खरखौदा से आए गोवंश काफी कमजोर हैं। दस दिन के भीतर अच्छा चारा खिलाकर ठीक किया जाएगा। गोवंश के उपचार के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। चारे आदि की पर्याप्त व्यवस्था है। पशु चिकित्सक के लिए अलग से कमरा बनाया जा रहा है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गोवंश की मौत पर मांगी रिपोर्ट
जब से गोशाला खुली है, तब से बीमार पशुओं का इलाज सही समय पर नहीं हो रहा है। गोवंश मर रहे हैं, इससे इंकार नहीं किया जा सकता है। इसकी शिकायत हमारे सामने भी आयी है। चार दिन पहले भी हमने नगरायुक्त के साथ कान्हा उपवन का निरीक्षण किया था। वहां पर गोवंश के मरने की जानकारी मिली थी। इसकी पूरी रिपोर्ट हमने नगरायुक्त से मांग ली है। गोवंश पशुओं की मौत होने शिकायत शासन को भेजी जाएगी। -सुनीता वर्मा, महापौर