इरफान हत्याकांड: अदालत ने एजाज और रियासत को सुनाई उम्रकैद की सजा
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बिजनौर जिले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नगीना चंद्रशेखर मिश्र ने इरफान हत्याकांड में एजाज, रियासत को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर उन्हें दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की धनराशि में से आधी रकम इरफान के आश्रितों को दिए जाने के आदेश दिए गए हैं।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता महफूजुर्रहमान चौधरी के अनुसार थाना कोतवाली देहात के गांव हुसैनाबाद उर्फ दौलताबाद निवासी इसरार अहमद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई मोहम्मद इरफान दूध बेचने का काम करता था। उसे सात नवंबर 2015 की शाम लगभग साढ़े छह बजे नेशनल हाईवे पर जमील के नए ढाबे यात्री प्लाजा पर गोली मार दी गई थी। सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचा। वह भाई को पहले कोतवाली देहात ब्लॉक में ले गया। वहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बिजनौर भेजा गया। बिजनौर अस्पताल से उसे चिंताजनक हालत में मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया। मेरठ के चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
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इस मामले में पुलिस विवेचना में यह बात सामने आई थी कि थाना कोतवाली शहर के गांव फरीदपुर भोगन उर्फ भोगनवाला निवासी एजाज क्रिमिनल प्रवृत्ति का था। उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया था। एजाज को शक था कि उसकी गिरफ्तारी मोहम्मद इरफान ने कराई है। एजाज ने इरफान के गांव के ही रियासत के उकसाने पर इरफान को गोली मारी थी। पुलिस ने एजाज से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया था। कोर्ट ने इस मामले में एजाज और रियासत को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एजाज को अवैध शस्त्र रखने के आरोप में दो वर्ष के कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड की अलग से भी सजा सुनाई गई है।
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