फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Corruption of sewer jetting machines opened on for first trail

धरातल पर उतरते ही खुल गया सीवर जेटिंग मशीनों का भ्रष्टाचार

Tue, 04 Jun 2019 04:21 AM IST
NAVEEN GUPTA ब्यूरो/अमर उजाला
ब्यूरो/अमर उजाला Published by: NAVEEN GUPTA Updated Tue, 04 Jun 2019 04:21 AM IST
विज्ञापन
Corruption of sewer jetting machines opened on for first trail
सीवर जेटिंग मशीन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
पौने दो करोड़ रुपये में खरीदी गईं छह सीवर जेटिंग मशीन धरातल पर उतरते ही फेल हो गईं। मशीनों के पंप ने काम करना बंद कर दिया। हालांकि सीवर जेटिंग मशीन खरीद पहले से ही भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी थी। लेकिन जलकल विभाग के अधिकारी बार-बार उस पर पर्दा डाल रहे थे।
विज्ञापन

नगर निगम ने मार्च 2018 में छह सीवर जेटिंग मशीनें खरीदी थीं। गाड़ी के चेसिस खरीदने के बाद जलकल विभाग के तत्कालीन अधिशासी अभियंता सुनील सिंहल ने चेसिस पर टैंकर लगाने के लिए सहारनपुर भेज दिया था। गाड़ी इंजन की फ्री सर्विस सहारनपुर में ही खत्म हो गई। आरोप तो यह भी रहे कि जलकल विभाग ने पुराने मॉडल की गाड़ी के चेसिस खरीदे, जिनको छुपाने के लिए सहारनपुर भेज दिया। छह गाड़ियों के ऊपर सीवर टैंक बनाने में एक साल से अधिक समय लगाया गया। अनेक बार नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान ने जलकल विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था।
विज्ञापन

उसका परिणाम यह हुआ कि सुनील सिंहल सेवानिवृत्ति से एक माह पहले ही सहारनपुर से सीवर जेटिंग मशीन की आपूर्ति करा पाए। मशीन के मेरठ पहुंचने पर टेस्टिंग के दौरान भी उनकी गुणवत्ता पर उंगली उठी थी। लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसका परिणाम अब सामने आ रहा है। सीवर जेटिंग मशीन की गुणवत्ता खराब है। नगर निगम को चूना लगाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

जलकल विभाग ने दो दिन पहले नौचंदी क्षेत्र में सीवर साफ करने के लिए छह में से दो मशीनें भेजीं, जो मौके पर काम ही नहीं कर पाईं। क्षेत्रीय पार्षद गफ्फार अहमद का कहना है कि चालक ने मशीन चलाने का काफी प्रयास किया, लेकिन पंप ने काम नहीं किया। दोनों ही नई मशीनें खराब निकलीं। आगामी बोर्ड बैठक में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। खराब मशीनों पर खर्च किए गए धन की रिकवरी जलकल विभाग के अधिकारियों से की जानी चाहिए।

यह बात सही है कि सीवर जेटिंग मशीनें ठीक से नहीं चल पा रही हैं। हमने कंपनी वालों को बुलाया है। अगर सभी मशीनें ठीक से नहीं चलेंगी, तो हम पेमेंट की संस्तुति नहीं करेंगे। मशीनों का कई बार ट्रायल हो चुका है। लेकिन सफलता नहीं मिल रही है।
- सुनील कुमार, सहायक अभियंता

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed