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मेरठ : भ्रष्टाचार के सबमर्सिबल सूखे, एक करोड़ पानी में डूबे
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मेरठ। जनता की सुविधाओं के नाम पर नगर निगम में कमीशन का खेल चल रहा है। शहर में एक साल में 10 हार्सपावर (एचपी) के 550 सबमर्सिबल तो लगवा दिए गए। लेकिन उनमें से 50 से ज्यादा सबमर्सिबलों से जनता को एक बूंद पानी नहीं मिला। जबकि एक सबमर्सिबल पर 2.12 लाख की लागत से 11.66 करोड़ का निगम के खजाने से भुगतान हो गया। इनमें से एक करोड़ से ज्यादा की रकम पानी में डूब गई।
अमर उजाला ने शहर में बंद पड़े सबमर्सिबलों की पड़ताल की तो एक दर्ज से भी अधिक स्थानों पर 10 एचपी के सबमर्सिबल बंद पाए गए। कहीं सबमर्सिबल के कनेक्शन ही नहीं हुए तो कहीं रिबोर नहीं हुआ। वार्ड पार्षद और जनता निगम अधिकारियों से सबमर्सिबल चलाने की मांग करती आ रही है। लेकिन कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है।
केस: 01: वार्ड 23 के गोविंदपुरी में पानी का प्रेशर कम होने पर जनता की मांग पर निगम के जलकल विभाग ने एक साल पहले पार्षद के आवास के निकट सबमर्सिबल लगवाया था। लेकिन इस पंप का संचालन अभी तक नहीं हो पाया है। जनता को भले ही एक बूंद पानी नहीं मिला। लेकिन कमीशन के खेल में ठेकेदार का भुगतान कर दिया गया।
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केस:02: वार्ड 90 में पार्षद ने जनता के आग्रह पर जालीवाली गली में सबमर्सिबल लगवाया था। दो साल पहले एक माह ही सबमर्सिबल ने पानी दिया था। उसके बाद से सबमर्सिबल बंद पड़ा है। जनता परेशान है। लेकिन निगम अधिकारियों ने मुड़कर ही नहीं देखा।
केस:03: ऊंचा सद्दीक नगर में किन्नरों वाली गली में सबमर्सिबल लगा। लेकिन किसी के घर पानी नहीं पहुंचा। सरकारी खजाना लुट गया। लेकिन जनता को सुविधा नहीं मिली।
अधिकारी गंभीर नहीं
जनसमस्याओं को लेकर निगम अधिकारी गंभीर नहीं हैं। सबमर्सिबल चालू कराने की मांग करते गर्मी निकल गयी। लेकिन ठीक नहीं किया गया। अधिकारी सरकारी पैसे का दुुरुपयोग कर रहे हैं। -शकीला बेगम, पार्षद वार्ड 90
कोई सुनने वाला नहीं
सबमर्सिबल पर सरकारी खजाना खर्च हुआ। लेकिन जनता को लाभ नहीं मिल पाया। शिकायतों का भी लाभ नहीं हुआ। नगरायुक्त तो बात ही नहीं करते। -राजेश खन्ना, पार्षद वार्ड 23
ढाई माह से परेशान
गली नंबर 11 स्थित मरियम पब्लिक स्कूल के सामने ढाई माह से सबमर्सिबल उखड़ा पड़ा है। जनता परेशान है। निगम अधिकारी सुनते तक नहीं। -आस मोहम्मद, पार्षद वार्ड 84
उसको दिखवाया जाएगा
कुछ सबमर्सिबल बिजली कनेक्शन न होने के कारण बंद हैं। अगर कोई लगाए जाने के बाद से चला नहीं है तो उसको दिखवाया जाएगा।
-सुनील कुमार, सहायक अभियंता जलकल विभाग
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अमर उजाला ने शहर में बंद पड़े सबमर्सिबलों की पड़ताल की तो एक दर्ज से भी अधिक स्थानों पर 10 एचपी के सबमर्सिबल बंद पाए गए। कहीं सबमर्सिबल के कनेक्शन ही नहीं हुए तो कहीं रिबोर नहीं हुआ। वार्ड पार्षद और जनता निगम अधिकारियों से सबमर्सिबल चलाने की मांग करती आ रही है। लेकिन कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है।
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केस: 01: वार्ड 23 के गोविंदपुरी में पानी का प्रेशर कम होने पर जनता की मांग पर निगम के जलकल विभाग ने एक साल पहले पार्षद के आवास के निकट सबमर्सिबल लगवाया था। लेकिन इस पंप का संचालन अभी तक नहीं हो पाया है। जनता को भले ही एक बूंद पानी नहीं मिला। लेकिन कमीशन के खेल में ठेकेदार का भुगतान कर दिया गया।
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केस:02: वार्ड 90 में पार्षद ने जनता के आग्रह पर जालीवाली गली में सबमर्सिबल लगवाया था। दो साल पहले एक माह ही सबमर्सिबल ने पानी दिया था। उसके बाद से सबमर्सिबल बंद पड़ा है। जनता परेशान है। लेकिन निगम अधिकारियों ने मुड़कर ही नहीं देखा।
केस:03: ऊंचा सद्दीक नगर में किन्नरों वाली गली में सबमर्सिबल लगा। लेकिन किसी के घर पानी नहीं पहुंचा। सरकारी खजाना लुट गया। लेकिन जनता को सुविधा नहीं मिली।
अधिकारी गंभीर नहीं
जनसमस्याओं को लेकर निगम अधिकारी गंभीर नहीं हैं। सबमर्सिबल चालू कराने की मांग करते गर्मी निकल गयी। लेकिन ठीक नहीं किया गया। अधिकारी सरकारी पैसे का दुुरुपयोग कर रहे हैं। -शकीला बेगम, पार्षद वार्ड 90
कोई सुनने वाला नहीं
सबमर्सिबल पर सरकारी खजाना खर्च हुआ। लेकिन जनता को लाभ नहीं मिल पाया। शिकायतों का भी लाभ नहीं हुआ। नगरायुक्त तो बात ही नहीं करते। -राजेश खन्ना, पार्षद वार्ड 23
ढाई माह से परेशान
गली नंबर 11 स्थित मरियम पब्लिक स्कूल के सामने ढाई माह से सबमर्सिबल उखड़ा पड़ा है। जनता परेशान है। निगम अधिकारी सुनते तक नहीं। -आस मोहम्मद, पार्षद वार्ड 84
उसको दिखवाया जाएगा
कुछ सबमर्सिबल बिजली कनेक्शन न होने के कारण बंद हैं। अगर कोई लगाए जाने के बाद से चला नहीं है तो उसको दिखवाया जाएगा।
-सुनील कुमार, सहायक अभियंता जलकल विभाग