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कोरोना महामारी: शवदाह गृह में अस्थियों की बेकदरी, कोने में राख के साथ लगाया ढेर

Mon, 22 Jun 2020 05:15 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Mon, 22 Jun 2020 05:15 PM IST
सार

  • मेरठ जनपद के शवदाह गृह में अस्थियाें की बेकदरी
  • हर तरफ बिखरीं जलाए गए शवों की अस्थियां, कुछ कट्टे में भरीं

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Corona Virus Meerut News: The bones are scattered in the crematorium at Meerut
सूरजकुंड शवदाह पर पड़ीं अस्थियां।  - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना महामारी का शिकार हुए लोगों की अस्थियों को भी प्रशासन सम्मानपूर्वक सुरक्षित नहीं करा पा रहा है। अव्यवस्था के शिकार सूरजकुंड शवदाह गृह में जलाए गए कोरोना ग्रसित शवों की अस्थियां इधर- उधर बिखरी नजर आती हैं। उनकी चिता की आग ठंडी होने से पूर्व ही राख समेत अस्थियों के ढेर कोने में लगा दिए जाते हैं। 

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हालात ये हैं कि कोरोना से मरने वालों के परिजन भी अस्थियां लेने नहीं आ सकते हैं, वजह पूरा परिवार क्वारंटीन रहता है। अंतिम संस्कार के लिए पुरोहितों को भी जल्दी है।
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शवदाह गृह के पुरोहितों का दावा है कि सात से आठ शवों की अस्थियां कट्टों में भरकर रख दी गई हैं। हालांकि कुछ अस्थियां जमीन पर बिखरी नजर आईं। कोने में लगे राख के ढेर से धुआं उठता नजर आया। प्लेटफार्म जल्दी खाली करने के चक्कर में अस्थियों के ठंडा होने का भी इंतजार नहीं किया जा रहा है। वहीं गंगा मोटर कमेटी से मिले आंकड़ों के अनुसार, अभी 12 शवों की अस्थियों को लेने कोई नहीं आया है। 
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प्लेटफार्म खाली न होने के कारण दो दिन पूर्व एक शव को जमीन पर जलाना पड़ा। सूरजकुंड स्थित शवदाह गृह में 41 प्लेटफार्म हैं। शव का अंतिम संस्कार होने के बाद तीन दिन के लिए प्लेटफार्म घिर जाता है। अगर एक दिन में 20-25 शव आ जाएं तो कोई प्लेटफार्म खाली नहीं मिलता है।  

अस्थियों को किया व्यवस्थित
जिला प्रशासन के आदेश के बाद अस्थियों को कट्टे में भरकर सुरक्षित रख दिया गया है। इससे पूर्व करीब 12 प्लेटफार्म घिरे हुए थे। शवों के लिए प्लेटफार्म न मिलने के कारण सांसद और जिला प्रशासन को समस्या बताई गई थी। - अनिल मित्तल, कोषाध्यक्ष, गंगा मोटर कमेटी।

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