कोरोना का कहर: पश्चिमी यूपी में 32 लोगों की मौत, 3128 मिले नए मरीज, अस्पतालों में न बेड न ऑक्सीजन
कोरोना संक्रमण के चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। छह जिलों में 32 लोगों की मौत हो गई।
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कोरोना संक्रमण के चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। छह जिलों में 32 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3128 नए संक्रमित मिले हैं।
मेरठ में शुक्रवार को 9141 सैंपलों की जांच की गई, जिसमें 1288 मरीज मिले, जबकि 12 की मौत हो गई। संक्रमण की दर 14 प्रतिशत से ऊपर रही। ज्यादातर नए मामले गंगानगर, करनावल, मुल्हेड़ा, भगवानपुर, पबरसा, वेदव्यासपुरी, ब्रह्मपुरी, जयभीमनगर, मेडिकल कॉलेज, शास्त्री नगर, जागृति विहार, कंकरखेड़ा, खरखौदा, लखीपुरा और राजेंद्र नगर आदि के हैं।
कोरोना से शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में 12 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में दो मेरठ के और बाकी आसपास के जिलों के रहने वाले थे। वहीं सूरजकुंड पर शुक्रवार को 47 शवों का अंतिम संस्कार किया गया, 21 में कोविड प्रोटोकॉल का पालन हुआ।
मेडिकल प्रशासन के मुताबिक, मृतकों में मेरठ की 60 वर्षीय महिला और 67 वर्षीय व्यक्ति थे। 35 और 40 साल के दो लोग बागपत, 44 साल की महिला और 46 वर्षीय व्यक्ति गाजियाबाद, 57 वर्षीय व्यक्ति औरैया, 60 साल के व्यक्ति दिल्ली, 65 वर्षीय व्यक्ति अमरोहा, 64 वर्षीय व्यक्ति मुजफ्फरनगर, 47 व 74 साल के दो व्यक्ति अज्ञात हैं। मेडिकल से इनके परिजनों और इन जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई है।
वहीं रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर जांच की गई। रेलवे स्टेशन पर 70 लोगों की कोरोना की जांच की गई। इनमें एंटीजन में एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित निकला। वहीं, बस अड्डे पर 15 लोगों की जांच की गई। इनमें एंटीजन में किसी को कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है।
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बताया गया कि बीते 24 घंटे में सबसे अधिक मौतें सहारनपुर में हुईं, जहां 13 लोगों ने कोरोना के चलते दम तोड़ दिया, जबकि 546 नए संक्रमित मिले हैं। मुजफ्फरनगर में पांच लोगों की मौत हो गई, 702 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। शामली के भाजपा जिला उपाध्यक्ष अजय संगल की भी कोरोना के चलते सांसें थम गईं, जबकि 210 नए संक्रमित मिले हैं। बागपत में 96 नए मरीज मिले हैं, एक व्यक्ति की मौत हो गई।
सोमवार सुबह तक कोरोना कर्फ्यू
संक्रमण रोकने के लिए शुक्रवार रात आठ बजे से प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू शुरू हो गया। सोमवार सुबह सात बजे तक आवश्यक सेवाओं से संबंधित लोगों को छोड़कर किसी को बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी। इस दौरान उद्योग खुले रहेंगे।
अस्पतालों में न बेड, न ऑक्सीजन
कोरोना से जनता के बचाव के प्रशासन के सारे दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों के लिए न बेड है न ही ऑक्सीजन। कोरोना उपचार के लिए बनाए गए अस्पतालों में प्रभारियों के नंबर या तो बंद हैं या उठाए नहीं जाते।
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