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Meerut News: छह साल से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान भवन का निर्माण अधूरा
Wed, 25 Dec 2024 10:19 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Wed, 25 Dec 2024 10:19 PM IST
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शामली। छह साल में भी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान भवन बनकर तैयार नहीं हुआ। चहारदीवारी निर्माण के लिए 31 लाख रुपये की धनराशि शासन से अवमुक्त न होने से परियोजना अधूरी है। जनवरी में बजट मिलने की उम्मीद है।
वर्ष 2017-18 में प्रदेश के पूर्व गन्ना मंत्री सुरेश राणा के प्रयास से थानाभवन क्षेत्र के मारुखेड़ी गांव के जंगल में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की परियोजना स्वीकृत हुई थी। शासन से सात करोड 50 लाख रुपये की धनराशि प्रशासनिक कार्यालय भवन, छात्रावास, ऑडोटोरियम, ओवर हैडटैंक, पंप रूम निर्माण के लिए अवमुक्त हुई थी। शासन से परियोजना अवमुक्त होने के बाद छात्रावास को छोड़कर प्रशासनिक कार्यालय भवन और ओवर हैड टैंक, पंप रूम का निर्माण पूरा हो चुका है।
डायट प्राचार्य संजय रस्तोगी ने बताया कि कार्यालय के लिए अभी चहारदीवारी नहीं बनी है। परियोजना पूरी होने के बाद जिला स्तरीय अधिकारियों की तकनीकी टीम से डायट कार्यालय भवन की जांच कराई जाएगी। तकनीकी जांच आने के बाद डायट कार्यालय भवन को हैंडओवर करने कार्रवाई को पूरा कराया जाएगा। निर्माण एजेंसी यूपीसीएल के परियोजना प्रबंधक मिथुन सिंह ने बताया कि दो साल पूर्व 31 लाख रुपये की धनराशि का एस्टीमेट शासन को भेजा गया था। शासन से चहारदीवारी निर्माण का एस्टीमेट स्वीकृत नहीं हुआ है।
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वर्ष 2017-18 में प्रदेश के पूर्व गन्ना मंत्री सुरेश राणा के प्रयास से थानाभवन क्षेत्र के मारुखेड़ी गांव के जंगल में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की परियोजना स्वीकृत हुई थी। शासन से सात करोड 50 लाख रुपये की धनराशि प्रशासनिक कार्यालय भवन, छात्रावास, ऑडोटोरियम, ओवर हैडटैंक, पंप रूम निर्माण के लिए अवमुक्त हुई थी। शासन से परियोजना अवमुक्त होने के बाद छात्रावास को छोड़कर प्रशासनिक कार्यालय भवन और ओवर हैड टैंक, पंप रूम का निर्माण पूरा हो चुका है।
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डायट प्राचार्य संजय रस्तोगी ने बताया कि कार्यालय के लिए अभी चहारदीवारी नहीं बनी है। परियोजना पूरी होने के बाद जिला स्तरीय अधिकारियों की तकनीकी टीम से डायट कार्यालय भवन की जांच कराई जाएगी। तकनीकी जांच आने के बाद डायट कार्यालय भवन को हैंडओवर करने कार्रवाई को पूरा कराया जाएगा। निर्माण एजेंसी यूपीसीएल के परियोजना प्रबंधक मिथुन सिंह ने बताया कि दो साल पूर्व 31 लाख रुपये की धनराशि का एस्टीमेट शासन को भेजा गया था। शासन से चहारदीवारी निर्माण का एस्टीमेट स्वीकृत नहीं हुआ है।

शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता । संवाद
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