उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल को शनिवार को सरधना विधानसभा क्षेत्र के कपसाड़ गांव में पीड़ित परिवार से मिलने से प्रशासन ने रोक दिया। प्रतिनिधिमंडल को परतापुर टोल प्लाजा पर रोक दिया गया। नाराज कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। तीन घंटे तक धरने पर बैठने के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं पश्चिमी यूपी सह-प्रभारी प्रदीप नरवाल, सांसद एवं कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन तनुज पुनिया तथा पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय चेयरमैन राजेंद्र पाल गौतम शामिल थे। प्रदीप नरवाल ने कहा कि हमारा उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय प्रक्रिया पर भरोसा दिलाना था। रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है। तनुज पुनिया ने निष्पक्ष एवं त्वरित जांच की मांग की जबकि राजेंद्र पाल गौतम ने अनुसूचित जाति मामलों में संवेदनशीलता पर जोर दिया। प्रदेश प्रवक्ता अभिमन्यु त्यागी ने कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ है और वैधानिक प्रक्रिया से न्याय चाहती है। कांग्रेसियों ने मांग की है कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार दो करोड़ का मुआवजा प्रदान किया जाए। पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजन पर विचार किया जाए। प्रकरण में संलिप्त व्यक्तियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराई जाए। पीड़ित परिवार को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए और मामले की निगरानी वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जाए। इस दौरान जिलाध्यक्ष गौरव भाटी, अभिमन्यु त्यागी, हेमंत प्रधान, आमिर रज़ा, राकेश कुशवाहा, जफरुल्लाह खान, प्रमोद जयंत, सतीश शर्मा, सुबोध शर्मा, गुफरान काजमी आदि धरने में मौजूद रहे।