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बवाल में मृतकों की कानूनी लड़ाई लड़ेगा कांग्रेसी अधिवक्ता पैनल
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उपद्रव में मरे लोगों की कानूनी लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस
मेरठ। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध मेें हुए उपद्रव में मारे गए लोगों की कानूनी लड़ाई कांग्रेस लड़ेगी। इसके लिए अधिवक्ताओं का पैनल भी गठित कर दिया गया है। कांग्रेस के अधिवक्ता स्थानीय अदालत से लेकर सुप्रीमकोर्ट तक जाने की तैयारी कर चुके हैं। जिन-जिन शहरों में उपद्रव हुआ, वहां मारे गए, घायल हुए और नामजद लोगों की रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है।
20 दिसंबर को शहर में भी नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में एक वर्ग के लोग सड़कों पर उतर आए थे। हापुड़ रोड, भूमिया का पुल और लिसाड़ी रोड पर जुमे की नमाज के बाद भीड़ और पुलिस के बीच गोलियां तक चली थीं। इसमें छह लोग मारे गए थे। कई घायल हुए थे। पुलिस के कई जवान भी घायल हुए थे। उपद्रव के दौरान मरे लोगों के परिजनों को सांत्वना देने के लिए दो दिन पहले कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी मेरठ आए थे। लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें शहर के बाहर से ही लौटा दिया गया था। हालांकि कांग्रेसी अभी भी प्रियंका गांधी को दोबारा मेरठ बुलाने के प्रयास में जुटे हैं।
शहर अध्यक्ष जाहिद अंसारी का कहना है कि महानगर की जनता प्रियंका गांधी को अपने बीच देखना चाहती है। यह बात उन तक पहुंचा दी गयी है। जल्द ही वह मेरठ आकर मृतकों के परिजनों से मिलेंगी। पीड़ितों की मांग पर अधिवक्ताओं का पैनल गठित किया गया है। जो न्यायालय में उनकी लड़ाई लड़ेगा। पार्टी की तरफ से इन परिवारों की आर्थिक मदद भी की जाएगी।
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मेरठ। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध मेें हुए उपद्रव में मारे गए लोगों की कानूनी लड़ाई कांग्रेस लड़ेगी। इसके लिए अधिवक्ताओं का पैनल भी गठित कर दिया गया है। कांग्रेस के अधिवक्ता स्थानीय अदालत से लेकर सुप्रीमकोर्ट तक जाने की तैयारी कर चुके हैं। जिन-जिन शहरों में उपद्रव हुआ, वहां मारे गए, घायल हुए और नामजद लोगों की रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है।
20 दिसंबर को शहर में भी नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में एक वर्ग के लोग सड़कों पर उतर आए थे। हापुड़ रोड, भूमिया का पुल और लिसाड़ी रोड पर जुमे की नमाज के बाद भीड़ और पुलिस के बीच गोलियां तक चली थीं। इसमें छह लोग मारे गए थे। कई घायल हुए थे। पुलिस के कई जवान भी घायल हुए थे। उपद्रव के दौरान मरे लोगों के परिजनों को सांत्वना देने के लिए दो दिन पहले कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी मेरठ आए थे। लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें शहर के बाहर से ही लौटा दिया गया था। हालांकि कांग्रेसी अभी भी प्रियंका गांधी को दोबारा मेरठ बुलाने के प्रयास में जुटे हैं।
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शहर अध्यक्ष जाहिद अंसारी का कहना है कि महानगर की जनता प्रियंका गांधी को अपने बीच देखना चाहती है। यह बात उन तक पहुंचा दी गयी है। जल्द ही वह मेरठ आकर मृतकों के परिजनों से मिलेंगी। पीड़ितों की मांग पर अधिवक्ताओं का पैनल गठित किया गया है। जो न्यायालय में उनकी लड़ाई लड़ेगा। पार्टी की तरफ से इन परिवारों की आर्थिक मदद भी की जाएगी।
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