मेरठ मेडिकल कॉलेज में जमकर पथराव-फायरिंग, दो डॉक्टर समेत कई घायल, फोर्स तैनात
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उत्तर प्रदेश के मेरठ मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को डॉक्टर्स और कर्मचारी नेताओं के बीच जमकर मारपीट हुई। वहीं एक पक्ष द्वारा फायरिंग करने से भगदड़ मच गई। कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन त्यागी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी घायल हो गए हैं। कर्मचारी नेताओं ने थाने पर डेरा डाल दिया है तो वहीं डॉक्टर्स भी आगामी रणनीति बनाने के लिए प्रिंसिपल की अध्यक्षता में बैठक कर रहे हैं। पुलिस ने तीन कर्मचारियों सहित पांच लोगों को हिरासत में ले लिया है। और कॉलेज में फोर्स तैनात है।
मेडिकल कॉलेज कर्मचारी एसोसिएशन की बैठक थी। शनिवार को मुख्यमंत्री व विभागीय मंत्री आशुतोष टंडन को ज्ञापन देना है। इसको लेकर कर्मचारियों की समस्याओं पर चर्चा की जा रही थी। कर्मचारी सीएमएस से मिलने के लिए चले तो वहां मौजूद खड़े अन्य कर्मचारियों ने विरोध कर दिया। इस बात पर दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इस दौरान एक पक्ष ने फायरिंग कर दी, जिससे मेडिकल कॉलेज में भगदड़ मच गई। घटना के बाद कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन त्यागी के नेतृत्व में कर्मचारी मेडिकल थाने पहुंच गए और सीएमएस व उनके पक्ष के कर्मचारियों के खिलाफ प्रिंसिपल ऑफिस में हंगामा किया।
वहीं, घटना को लेकर डॉक्टरों में भी तनाव पैदा हो गया है। प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता के नेतृत्व में मेडिकल कॉलेज के सभी डॉक्टर्स की बैठक चल रही है। बताया जा रहा है कि कर्मचारियों द्वारा की गई मारपीट की घटना के बाद डॉक्टर कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।
पुलिस ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में हुई घटना के बाद कर्मचारी नेता भी दो फाड़ हो गए हैं। रवि शंकर शर्मा, युद्धवीर सिंह और राज नाम के युवक को हिरासत में लिया गया है। रवि शंकर शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज महासंघ का प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष है। उसका कहना है कि बैठक के बाद कर्मचारी नारेबाजी करते हुए आए और सीएमएस डॉ. अजीत चौधरी पर हमला बोल दिया। विरोध करने पर कर्मचारी फायरिंग करते हुए फरार हो गए। कर्मचारी नेताओं और डॉक्टरों के बीच वर्चस्व की लड़ाई पहले भी कई बार हो चुकी है। शुक्रवार को हुई घटना के बाद डॉक्टर्स हड़ताल पर जा सकते हैं तो कर्मचारी भी कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन कर सकते हैं। दोनों ही स्थिति में मरीजों पर आफत आनी तय है।
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