डूबने से मौत: 11 दिन बाद पहुंचा प्रोजेक्ट हेड का शव... बिलख पड़ा परिवार, मां-पत्नी बेसुध, फफक कर रो पड़े पिता
Meerut News : एक निजी कंपनी में प्रोजेक्ट हेड अंकुर गोयल की ऋषिकेश में डूबने से मौत हो गई। वहीं, 11 दिन बाद उनका शव घर पहुंचा तो परिजन बिलख पड़े। मां और पत्नी भी बेसुध हो गई और पिता फफक-फफक कर रो पड़े।
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ऋषिकेश के शिवपुरी में 12 मई को गंगा में नहाते वक्त डूबे निजी कंपनी में प्रोजेक्ट हेड अंकुर गोयल (40) का शव घर पहुंचा तो परिजन बेसुध हो गए। पत्नी और मां की हालत बिगड़ गई। सूरजकुंड श्मशान घाट पर आठ साल के बेटे ने मुखाग्नि दी तो हर किसी की आंख नम हो गई। उधर, अंकुर के पिता फफक-फफक कर रो पड़े। इतना ही बोल पाए कि बेटा सबकुछ खत्म हो गया। तू ऐसे कैसे चला गया। ये देखकर हर किसी की रुलाई फूट पड़ी।
निजी कंपनी में प्रोजेक्ट हेड ब्रह्मपुरी के पंजाया निवासी अंकुर गोयल 10 मई को कंपनी के 35 कर्मचारियों के साथ टूर पर ऋषिकेश गए थे। 12 मई की सुबह अंकुर गोयल गंगा में नहाते वक्त डूब गए थे। एसडीआरएफ की टीम तब से ही तलाश में जुटी थी। बुधवार को घटनास्थल से 15 किलोमीटर दूर ऋषिकेश बैराज पर उनका शव बरामद हो गया।
बृहस्पतिवार शाम को सवा चार बजे परिजन शव लेकर घर पहुंचे तो माता राधा, पत्नी शिप्रा गोयल, 14 साल की बेटी अक्सरा और आठ साल का बेटा पार्थ और दोनों बहनों चांदनी और नीता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों की हालत देखकर हर किसी की रुलाई फूट पड़ी। हर कोई यही कह रहा था कि हादसे ने परिवार को जिंदगी भर का गम दे दिया।
बूढ़े माता-पिता क्या करेंगे। रोते हुए परिजन यही कहते रहे कि अंकुर ने कम समय में ही मेहनत करके इतनी बड़ी जिम्मेदारी पाई थी। पिता का काम छुड़वाकर घर पर रहने को बोल दिया था। 15 दिन पहले ही नई गाड़ी लाया था। सब कुछ खत्म हो गया।
नौ साल पहले विधायक शाहिद मंजूर की बेटी की भी हुई थी डूबने से मौत
नौ साल पहले किठौर से सपा विधायक शाहिद मंजूर की बेटी अदीबा भी ऋषिकेश की गंगा में डूब गईं थी। अदीबा 10 मई 2015 को दोस्तों के साथ कैंपिंग के लिए ऋषिकेश गईं थी। फूलचट्टी में गंगा में पत्थर के ऊपर फोटो खिंचवाते वक्त वह गंगा में गिर गईं थी। 12 दिन बाद उनका शव ऋषिकेश बैराज से 500 मीटर पहले राजाजी नेशनल पार्क की सीमा के पास गंगा से बरामद हुआ था।
मुजफ्फरनगर के तीन युवक भी शिवपुरी गंगा में डूबे थे
ऋषिकेश के शिवपुरी में मुजफ्फरनगर के भी तीन युवक डूब गए थे। 11 जुलाई 2021 को मुजफ्फरनगर के अंकित विहार निवासी दो सगे भाई राजीव शर्मा, दीपक शर्मा और संतोष विहार निवासी आदित्य देव शिवपुरी में गंगा में नहाते समय डूब गए थे। राजीव और दीपक के शव ऋषिकेश बैराज पर मिले थे, जबकि आदित्य का शव दस दिन बाद बिजनौर गंगा बैराज पर मिला था।
गंगा के बहाव और गहराई का अनुमान नहीं होता, बरतें सावधानी
ऋषिकेश घूमने आने वाले पर्यटकों को गंगा के तेज बहाव और उसकी गहराई का अनुमान नहीं होता, जिस कारण वो नहाते समय अपनी जान गंवा रहे हैं। ऋषिकेश क्षेत्र में कई स्पाट ऐसे हैं जहां गंगा का बहाव और गहराई बहुत है। पर्यटकों को इसका अनुमान नहीं लग पाता।
खासकर शिवपुरी क्षेत्र में गंगा बहुत गहरी है। पत्थरों के बीच से गंगा तेज बहाव में यहां बहती है। गंगा में गहरे कुंड बने है। पत्थरों के पीछे पानी इन कुंड में चक्रवात के रूप में बहता है। गंगा के किनारे बहुत फिसलन भी होती है। वहां पर नहाने वालों को इसका जरा भी अनुमान नहीं रहता। नहाने वाला तेज बहाव में बह जाता है। गहरे कुंड में फंसने पर चक्रवात में नीचे फंस जाता है। उसने बचाने के प्रयास में अन्य लोग भी गंगा में डूबते हैं।
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वहां के पुलिस-प्रशासन के द्वारा गंगा किनारे चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। उसके बावजूद भी पर्यटक चेतावनी को नजरंदाज करके गंगा में लापरवाही से नहाने चले जाते हैं। नतीजा पर्यटकों की गंगा में डूबने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। यदि स्नान करना है तो वहां प्रशासन द्वारा बनाए गए घाटों पर ही नहाएं। साथ ही शिवपुरी क्षेत्र में पिकनिक के दौरान गंगा में जाने से बचें।
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