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आओ रे आओ खुशियां मनाओ, यह है मंगल...

Fri, 07 Feb 2020 01:33 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Feb 2020 01:33 AM IST
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come and celebrate, this is auspicious time
भगवन्तों की आरती करते श्रद्धालु। - फोटो : MAWANA
हस्तिनापुर। आओ रे आओ खुशियां मनाओ, यह है मंगल बेला, बोलो जय जय’, ‘देखो प्रभु का आहार हो रहा है’, हस्तिनापुर में जयजयकार हो रहा है, भगवान शांतिनाथ का अवतार हो रहा है, हस्तिनापुर में जय-जयकार हो रहा, आदि जैसे मंगल गीत हस्तिनापुर स्थित जंबूद्वीप जैन मंदिर में गूंज रहे थे। पंच कल्याण महोत्सव में बृहस्पतिवार को भगवान शांतिनाथ के आहार ग्रहण करने पर नगरी में खुशियां मनाई गईं।
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छह माह उपवास के बाद भगवान के आहार हेतु पं. विजय कुमार जैन भगवान की प्रतिमा लेकर निकले। भक्तों ने प्रभु के आहार के लिए प्रार्थना की। हे स्वामी आहार जल शुद्ध है, हे स्वामी सुंदर राजवैभव है, ग्रहण करें। हस्तिनापुर की पावन धरा पर प्रभु के आहार लेने का भक्तिभाव से परिपूर्ण यह दृश्य प्रस्तुत किया गया। भक्तों ने आहारदान का पुण्य लाभ प्राप्त किया। साथ ही भगवान के माता-पिता महेंद्र-सुषमा साहू, धनकुबेर सुजीत, मनीषा साहू, सानत कुमार इंद्र आशीष, अर्चना साहू, महायज्ञ नायक विनोद, रेखा साहू, माहेंद्र इंद्र विलास, करुणा साहू आदि ने भी भगवान को आहार देने का पुण्य प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रतिष्ठा में भाग लेकर समस्त इंद्र-इंद्राणियों ने भगवान को आहार देकर अपने भाग्य की सराहना की। इससे पूर्व प्रात:काल प्रतिष्ठाचार्यों ने भक्तों के साथ नित्य अभिषेक किया।
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दिव्य सभा लगाई
मध्याह्न में भगवान के समवसरण की दिव्य सभा लगाई गई। इसमें गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता जी ने बताया कि समवसरण की रचना सौधर्म इंद्र के आदेश से धनकुबेर द्वारा की जाती है। इस समवसरण में 12 विभाग होते हैं। जिसमें तिर्यंच, देव-देवी, मनुष्य, साधु-साध्वी आदि उपस्थित होते हैं। समवसरण में भगवान की दिव्यध्वनि खिरती है। जिसके माध्यम से प्रत्येक जीव को अपनी-अपनी भाषा में ज्ञान की प्राप्ति होती है। भगवान की दिव्य ध्वनि 718 भाषाओं में खिरती है। जिसे तिर्यंच जीव, देव-देवी, मनुष्य आदि सभी अपने-अपने अनुरूप समझ सकते हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थंकर भगवंतों का समवसरण इंद्रों द्वारा निर्मित होता है। अत: पंचकल्याणक के यह क्षण अत्यंत महान होते हैं। रात्रि में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति की गई। इससे पूर्व भगवान की तथा पूज्य माताजी की मंगल आरती की गई।
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महलका में आज शुरू होगा महोत्सव
फलावदा। 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र चंद्रांचल महलका में आचार्य भगवान श्री 108 प्रणम्य सागर एवं मुनिश्री 108 चंद्र सागर जी महराज का 23वां दीक्षा दिवस महोत्सव महोत्सव मनाया जाएगा। यह आयोजन महलका दिगंबर जैन मंदिर में 7 से 9 फरवरी तक होगा। यह जानकारी प्रेसवार्ता में दी गई। बताया गया कि गंध कुटीर शिलान्यास, वेदी निष्ठापन, संत निवास शिलान्यास, छात्रावास प्रारंभ होगा। इसमें 7 बजे अभिषेक, शांति धारा, आठ बजे धर्म ध्वजारोहण, 9:30 बजे जाप प्रारंभ, 10 बजे मुनि श्री के प्रवचन होंगे।

भगवान को आहार के लिए ले जाते हुए प्रतिष्ठाचार्य पं. विजय कुमार जैन।

भगवान को आहार के लिए ले जाते हुए प्रतिष्ठाचार्य पं. विजय कुमार जैन। - फोटो : MAWANA

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