फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   CM Yogi Meerut Visit: many projects are incomplete despite the launch

CM Yogi Meerut Visit: आप आए बहार आई आप गए फाइल बंद, लाकोर्पण के बावजूद कई प्रॉजेक्ट अधूरे, जाम से जूझ रहा शहर

Fri, 26 Aug 2022 10:25 AM IST
Dimple Sirohi दीपक भारद्वाज, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
दीपक भारद्वाज, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 26 Aug 2022 10:25 AM IST
सार

मेरठ शहर को आज तक न इनर रिंग रोड मिली, न मल्टीलेवल पार्किंग। आए दिन लोग जाम से जूझते हैं। सड़कों का बुरा हाल है। सीएम के आगमन पर सब अलर्ट हैं। काश बाद में भी ऐसी मुस्तैदी दिखाई दे।

विज्ञापन
CM Yogi Meerut Visit: many projects are incomplete despite the launch
सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मेरठ दौरे से पहले विभाग अपने प्रोजेक्ट को दिखाने के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग लगा रहे हैं। नगर निगम ने प्रस्तावित 18 करोड़ रुपये की स्मार्ट पार्किंग का सर्किट हाउस पर होर्डिंग लगाकर मुख्यमंत्री को दिखाने की तैयारी की है। सीएम के जाते ही संबंधित विभाग फाइलें बंद कर भूल जाते हैं।

विज्ञापन


जमीनी हकीकत ये है कि शहर जाम से जूझ रहा है। कलक्ट्रेट, एमडीए, एसपी यातायात कार्यालय के सामने ही वाहन सड़कों पर पार्क होते हैं। करोड़ों रुपये खर्च करने और दस मई को सीएम योगी के आदेशों के बावजूद आईटीएमएस को गृह मंत्रालय के सर्विलांस से नहीं जोड़ा जा सका है। शहर में नगर निगम और एमडीए एक मल्टीलेवल कार पार्किंग नहीं बना पाए हैं।
विज्ञापन


बार-बार इसकी फाइल निकलती है पर धरातल पर काम नहीं होता। तीन महीने पहले हापुड़ रोड से दिल्ली रोड को जोड़ने के लिए सात किमी की इनर रिंग रोड के हिस्सा तैयार करने के लिए 349 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बना जो फाइलों में ही बंद है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: सीएम दौरा: मेरठ में आज छह घंटे रहेंगे योगी, सुरक्षा में तैनात किए गए एक हजार पुलिसकर्मी, ये है पूरा कार्यक्रम

सीएम साहब! लोकार्पण हुए साढ़े तीन माह हो गए कब शुरू होगा इलाज
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में करीब तीन करोड़ से बनी बर्न यूनिट का लोकार्पण 10 मई 2022 को सीएम योगी ने ही किया था। शुक्रवार को फिर सीएम आ रहे हैं, लेकिन अभी तक बर्न यूनिट चालू नहीं हो पाई है। न उपकरण आए हैं और न ही स्टाफ मिल सका है। अभी भी  गंभीर जले हुए मरीजों को रेफर किया जा रहा है। इलाज कब मिलेगा, इसका किसी को पता नहीं है।

मेरठ में बर्न यूनिट की मांग दशकों पुरानी है। विक्टोरिया पार्क में 2006 में हुए भीषण अग्निकांड में 65 लोगों की मौत हो गई थी, तब अगर बर्न यूनिट होती तो शायद बहुत से लोगों की जान बच जाती। डेढ़ दशक बाद भी स्वास्थ्य विभाग वहीं खड़ा है। इस बर्न यूनिट में पांच बेड की आईसीयू है।

20 बेड का जनरल वार्ड तैयार किया गया है। मेडिकल में सामान्य तौर पर हर माह 30 से 35 मरीज जले हुए आते हैं। कम जले मरीजों को तो भर्ती कर लिया जाता है, लेकिन 14 से 15 मरीज ऐसे भी आते हैं जिन्हें रेफर करना पड़ता है। कॉलेज मेडिकल प्राचार्य डॉ आरसी गुप्ता का कहना है कि इस बाबत शासन को अवगत कराया जा चुका है। पत्र व्यवहार चल रहा है। 

मेडिकल में 10 मई को किया था बर्न यूनिट का लोकार्पण
कब ठीक होंगी मेडिकल की लिफ्ट
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से लिफ्ट खराब हैं, लेकिन इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। बृहस्पतिवार को इस संबंध में आरटीआई एक्टिविस्ट रविकांत ने मुख्यमंत्री को ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि मेडिकल कॉलेज का भी औचक निरीक्षण जरूर करें, ताकि खराब पड़ी लिफ्ट ठीक हो सकें।

मरीजों को इनका भी इंतजार....
-जिला अस्पताल में एमआरआई यूनिट और आईसीयू
-जिला अस्पताल और मेडिकल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं

 

कमिश्नरी चौराहे से पकड़े कुत्ते
सीएम के कार्यक्रम के मद्देनजर नगर निगम की टीम ने कमिश्नरी चौराहे के आसपास से कुत्तों को पकड़ा। कुत्ते पकड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गया।

क्रांति उपवन, निगम दफ्तर का शिलान्यास आज   
सीएम योगी आज कमिश्नरी सभागार से ही भोला झाल पर प्रस्तावित 15 हजार वर्ग मीटर के क्रांति उपवन और नई सड़क के पास नगर निगम के नए दफ्तर के भवन का भी शिलान्यास करेंगे। वे पांच कूड़ा कॉम्पेक्टर और 73 कूड़ा गाड़ियों को भी हरी झंडी दिखाएंगे। शास्त्रीनगर व तेजगढ़ी पर अमृत पार्क और फव्वारे का भी लोकार्पण करेंगे। शहर में राज्य स्मार्ट सिटी योजना के तहत चल रहीं 30 इलेक्ट्रिक सिटी बसों का भी औपचारिक लोकार्पण करेंगे। 

शूटिंग रेंज को दूसरी किस्त, हॉकी एस्ट्रोटर्फ को शुभारंभ का इंतजार 
कैलाश प्रकाश स्टेडियम में निर्माण शूटिंग रेंज उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट में शामिल होने के बावजूद दूसरी किस्त का इंतजार कर रही है। 8 करोड़ 65 लाख की लागत से तैयार हो रही शूटिंग रेंज को अभी तक एक करोड़ की पहली क़िस्त ही मिली है। 2021 में दिसंबर माह में निर्माण कार्य शुरू हुआ, जिसमें अभी तक नींव व पिलर का कार्य ही पूरा हो पाया है।

वहीं केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी खेलो इंडिया योजना के अंतर्गत साढ़े पांच करोड़ की लागत से तैयार हुआ हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान भी फीता कटने का इंतजार कर रहा है। 2018 से निर्माण कार्य चलने के बाद चार साल में हॉकी खिलाड़ियों को मैदान नहीं मिला है। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक नहीं है। ख़िलाड़ियों को अभ्यास के लिए दिल्ली जाना पड़ता है। 

खेल विवि : सात माह में शुरू नहीं हो पाया कार्य
सरधना के सलावा में दो फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों शिलान्यास होने के बाद खेल विवि की नींव का इंतजार कर रहा है। मेजर ध्यानचंद खेल विवि के निर्माण के लिए अभी कंपनी ही तय नहीं हो पाई है। खेल विवि में 7 सौ करोड़ की लागत आएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed