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अगले साल तक काली नदी में बहेगा स्वच्छ जल, बिना ट्रीटमेंट नहीं जाएगा सीवेज का एक बूंद भी पानी
Sun, 24 Nov 2019 01:47 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 24 Nov 2019 01:47 PM IST
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काली नदी
- फोटो : अमर उजाला
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नदियों के पानी को साफ सुथरा रखने के लिए अब सीवेज का एक बूंद पानी भी बिना ट्रीटमेंट के नहीं छोड़ा जाएगा। इसके लिए शहर में 100 एमएलडी का एक और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। यह जानकारी उत्तर प्रदेश जल निगम के एमडी विकास गोठलवाल ने दी। उन्होंने कहा कि अगले साल तक काली नदी में स्वच्छ पानी बहेगा।
गोठलवाल पिछले दिनों वर्ल्ड बैंक की टीम के साथ जागृति विहार स्थित 72 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने पहुंचे। गोठलवाल ने बताया कि नया 100 एमएलडी का प्लांट भी वर्ल्ड बैंक की सहायता से यहीं लगाया जाएगा। इसके लिए डीपीआर तैयार कराई जा रही है। शहर के ओडियन नाले सहित अन्य किसी भी नाले का सीवेज बिना ट्रीटमेंट के नदियों में नहीं बहने दिया जाएगा।
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गोठलवाल पिछले दिनों वर्ल्ड बैंक की टीम के साथ जागृति विहार स्थित 72 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने पहुंचे। गोठलवाल ने बताया कि नया 100 एमएलडी का प्लांट भी वर्ल्ड बैंक की सहायता से यहीं लगाया जाएगा। इसके लिए डीपीआर तैयार कराई जा रही है। शहर के ओडियन नाले सहित अन्य किसी भी नाले का सीवेज बिना ट्रीटमेंट के नदियों में नहीं बहने दिया जाएगा।
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गोठलवाल ने बताया कि ट्रीटमेंट प्लांट की भूमि का चयन कर लिया गया है। प्लांट के लिए धन की कोई कमी नहीं है। अगले वर्ष तक काली नदी में स्वच्छ पानी बहता नजर आएगा। उनके साथ आए वर्ल्ड बैंक सदस्यों ने जल निगम अधिकारियों से सीवर प्लांट के 15 दिन तक बंद रहने का कारण पूछा।
अधिकारियों ने कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने की बात कही तो इस पर सदस्यों ने कड़ा एतराज जताया और भविष्य में ऐसी गलती फिर नहीं होने की हिदायत दी। गोठलवाल ने निगम अधिकारियों को नदियों में स्वच्छ पानी भेजने की हिदायत देते हुए कहा कि प्लांट को बिना रोके निरंतर चलाया जाए। एक बूंद भी गंदा पानी काली नदी में नहीं जाना चाहिए।
अधिकारियों ने कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने की बात कही तो इस पर सदस्यों ने कड़ा एतराज जताया और भविष्य में ऐसी गलती फिर नहीं होने की हिदायत दी। गोठलवाल ने निगम अधिकारियों को नदियों में स्वच्छ पानी भेजने की हिदायत देते हुए कहा कि प्लांट को बिना रोके निरंतर चलाया जाए। एक बूंद भी गंदा पानी काली नदी में नहीं जाना चाहिए।