{"_id":"5e163c818ebc3e87c9333072","slug":"city-s-traffic-system-fails-under-examination-pressure-meerut-news-mrt462818930","type":"story","status":"publish","title_hn":"परीक्षा के दबाव में फेल हुई शहर की ट्रैफिक व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परीक्षा के दबाव में फेल हुई शहर की ट्रैफिक व्यवस्था
विज्ञापन
परीक्षा के दबाव में फेल हुई शहर की ट्रैफिक व्यवस्था
मेरठ। टीईटी के दबाव में यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। सुबह परीक्षा शुरू होने से पहले और शाम को परीक्षा छूटने के बाद लोग जाम से जूझते रहे। आलम यह रहा कि कई अभ्यर्थी निर्धारित समय पर सेंटर पर नहीं पहुंच सके, इसके चलते परीक्षा देने से वंचित रह गए।
परीक्षा के लिए 37 हजार अभ्यर्थियों और उनके परिजनों सहित करीब 74 हजार लोगों की संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था बनाने का दावा किया था। लेकिन सभी व्यवस्था धरी रह गई। शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति रही। पहली पाली की परीक्षा 10 बजे शुरू हुई। अभ्यर्थियों को आधा घंटे पहले बुलाया गया था। बावजूद इसके सेंटरों पर अभ्यर्थियों का 10 बजे के बाद भी पहुंचना जारी था। पहली पाली की परीक्षा छूटने के बाद सड़के भर गईं। उस समय बाजार भी खुल चुके थे। दोपहर और शाम को शहर के मुख्य मार्गों से लेकर भीतरी सड़कों तक जाम लगा रहा। बाद में कई जगह पुलिस ने व्यवस्था संभाली।
सेंटरों के बाहर से पुलिस दिखी नदारद
परीक्षा के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न फैले, इसके लिए परीक्षा केंद्रों के बाहर प्रमुख मार्गों पर पुलिस और यातायात पुलिस की व्यवस्था बनाने का दावा पुलिस प्रशासन ने किया था। लेकिन सुबह परीक्षा शुरू होने तक भी काफी सेंटरों से पुलिस नदारद दिखी। जाम और अव्यवस्था से जूझते लोगों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद थानेदार हरकत में आए और सेंटरों पर पुलिसकर्मियों को भेजा गया। शाम को परीक्षा छूटते ही जाम के दबाव के आगे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी हांफते दिखे। कंकरखेड़ा में फ्लाईओवर पर एक तरफ वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। टीईटी के दबाव में यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। सुबह परीक्षा शुरू होने से पहले और शाम को परीक्षा छूटने के बाद लोग जाम से जूझते रहे। आलम यह रहा कि कई अभ्यर्थी निर्धारित समय पर सेंटर पर नहीं पहुंच सके, इसके चलते परीक्षा देने से वंचित रह गए।
परीक्षा के लिए 37 हजार अभ्यर्थियों और उनके परिजनों सहित करीब 74 हजार लोगों की संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था बनाने का दावा किया था। लेकिन सभी व्यवस्था धरी रह गई। शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति रही। पहली पाली की परीक्षा 10 बजे शुरू हुई। अभ्यर्थियों को आधा घंटे पहले बुलाया गया था। बावजूद इसके सेंटरों पर अभ्यर्थियों का 10 बजे के बाद भी पहुंचना जारी था। पहली पाली की परीक्षा छूटने के बाद सड़के भर गईं। उस समय बाजार भी खुल चुके थे। दोपहर और शाम को शहर के मुख्य मार्गों से लेकर भीतरी सड़कों तक जाम लगा रहा। बाद में कई जगह पुलिस ने व्यवस्था संभाली।
विज्ञापन
सेंटरों के बाहर से पुलिस दिखी नदारद
परीक्षा के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न फैले, इसके लिए परीक्षा केंद्रों के बाहर प्रमुख मार्गों पर पुलिस और यातायात पुलिस की व्यवस्था बनाने का दावा पुलिस प्रशासन ने किया था। लेकिन सुबह परीक्षा शुरू होने तक भी काफी सेंटरों से पुलिस नदारद दिखी। जाम और अव्यवस्था से जूझते लोगों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद थानेदार हरकत में आए और सेंटरों पर पुलिसकर्मियों को भेजा गया। शाम को परीक्षा छूटते ही जाम के दबाव के आगे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी हांफते दिखे। कंकरखेड़ा में फ्लाईओवर पर एक तरफ वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
विज्ञापन