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छोटूराम में नियुक्तियों पर बखेड़ा
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Tue, 30 Aug 2016 02:31 AM IST
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वीसी कार्यालय के बाहर हंगामा करते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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सीसीएसयू के सर छोटूराम इंस्टीट्यूट में हुई नियुक्तियों का मामला सोमवार को विवि में गूंजा। समाजवादी छात्रसभा ने इसे मुद्दा बनाकर हंगामा किया। करीब डेढ़ घंटे तक कुलपति को घेरा रखा। तीखी नोकझोंक हुई। कैंपस को भाजपा और आरएसएस की प्रयोगशाला बनाने का आरोप लगाया।
एबीवीपी के प्रदेश अध्यक्ष को डिप्टी डायरेक्टर बनाने पर तीखी बहस हुई। विरोध इतना तेज था कि छात्र और कुलपति के अलावा शिक्षक और सुरक्षाकर्मी कुछ बोल नहीं पाए। कुलपति ने कहा मेरिट से चयन हुआ है। छात्रों के बीच से पुलिस कुलपति को निकालकर ले गई। उन्हें पैदल ही आवास तक जाना पड़ा। छात्र पीछे-पीछे नारेबाजी करते चल रहे थे।
27 अगस्त को हुई कार्य परिषद की बैठक में नियुक्ति के लिफाफे खुले थे। छोटूराम इंस्टीट्यूट में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर एबीवीपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव सिजेरिया, सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर भाजपा जिला अध्यक्ष शिव कुमार राणा के भाई अशोक सोम और स्टेट ऑफिसर के पद पर एबीवीपी से जुड़े रहे डॉ. धर्मेंद्र कुमार का चयन हुआ। इन नियुक्ति को लेकर सोमवार को समाजवादी छात्रसभा के जिला अध्यक्ष राजदीप विकल के नेतृत्व कार्यकर्ता और छात्रों ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता सुबह साढ़े ग्यारह बजे कुलपति ऑफिस पहुंचे। वहां कुलपति नहीं मिलने पर आवास पहुंचे।
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पता चला कि वह शोभित यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम में गए हैं। इसके बाद प्रदर्शनकारी कुलपति ऑफिस में कमेटी रूम में बैठ गए। अनुशासन समिति ने उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन वह कुलपति को बुलाने पर अड़े रहे। बाद में पता चला कुलपति बृहस्पति भवन में खेल दिवस के मौके पर खिलाड़ियों को सम्मानित करने वाले कार्यक्रम में मौजूद हैं। कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। बृहस्पति भवन के बाहर बात हुई। नियुक्ति पर आरोप लगाते हुए निरस्त करने की मांग की। कुलपति ने कहा नियुक्ति मेरिट के आधार पर नियम मुताबिक हुई है। वह इसमें कुछ नहीं कर सकते। कार्यकर्ता और कुलपति में जमकर नोकझोंक हुई। कुलपति अंदर चले गए तो कार्यकर्ताओं ने उन्हें वहां घेर लिया।
बृहस्पति भवन में कुर्सियां भी फेंकी गईं। करीब एक घंटे तक कुलपति का घेराव किया। कुलपति ने नियुक्ति पर कहा वह जांच करा सकते हैं। इस पर कार्यकर्ता नहीं माने। काफी देर बाद पुलिस ने कुलपति को कार्यकर्ताओं के बीच से निकाला। छात्रसभा ने नियुक्ति को लेकर तीन दिन का वक्त दिया है। दोबारा इंटरव्यू कराने की मांग की है। उधर, चयनित आवेदकों ने सोमवार को ज्वाइन कर लिया। प्रदर्शन करने वालों में आदेश प्रधान, नीटू गुर्जर, गुरदीप सिंह, उपदेश खरे, सुबोध गुर्जर, अरुण खटाना, अंकित, योगेश, रोहित, अंकुश, जाहिद, सुमित, प्रिंस, संदीप, दीपक शामिल रहे।
‘एक महीने में दूसरा वीसी मिल जाएगा’
वीसी पैदल अपने आवास जा रहे थे। पीछे-पीछे समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ता चल रहे थे। वह नारेबाजी कर रहे थे। रास्ते में वीसी ने रुककर प्रदर्शनकारियों से कहा उन्हें जो करना था, वह कर दिया। वह इस्तीफा दे देंगे। एक महीने में उनको नया वीसी मिल जाएगा।
कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन
नियुक्ति के विरोध में छात्रों ने कुलपति कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया। छात्र नेता विनीत चपराना ने आरोप लगाया कैंपस में भाजपा और संघ के लोगों को सेट किया जा रहा है। विवि का माहौल खराब किया जा रहा है। नियुक्ति का आधार और मेरिट सार्वजनिक की जाए। मोनू, मयंक, अनुज, सोनू, शंकर, राहुल, अमित मौजूद रहे।
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एबीवीपी के प्रदेश अध्यक्ष को डिप्टी डायरेक्टर बनाने पर तीखी बहस हुई। विरोध इतना तेज था कि छात्र और कुलपति के अलावा शिक्षक और सुरक्षाकर्मी कुछ बोल नहीं पाए। कुलपति ने कहा मेरिट से चयन हुआ है। छात्रों के बीच से पुलिस कुलपति को निकालकर ले गई। उन्हें पैदल ही आवास तक जाना पड़ा। छात्र पीछे-पीछे नारेबाजी करते चल रहे थे।
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27 अगस्त को हुई कार्य परिषद की बैठक में नियुक्ति के लिफाफे खुले थे। छोटूराम इंस्टीट्यूट में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर एबीवीपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव सिजेरिया, सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर भाजपा जिला अध्यक्ष शिव कुमार राणा के भाई अशोक सोम और स्टेट ऑफिसर के पद पर एबीवीपी से जुड़े रहे डॉ. धर्मेंद्र कुमार का चयन हुआ। इन नियुक्ति को लेकर सोमवार को समाजवादी छात्रसभा के जिला अध्यक्ष राजदीप विकल के नेतृत्व कार्यकर्ता और छात्रों ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता सुबह साढ़े ग्यारह बजे कुलपति ऑफिस पहुंचे। वहां कुलपति नहीं मिलने पर आवास पहुंचे।
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पता चला कि वह शोभित यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम में गए हैं। इसके बाद प्रदर्शनकारी कुलपति ऑफिस में कमेटी रूम में बैठ गए। अनुशासन समिति ने उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन वह कुलपति को बुलाने पर अड़े रहे। बाद में पता चला कुलपति बृहस्पति भवन में खेल दिवस के मौके पर खिलाड़ियों को सम्मानित करने वाले कार्यक्रम में मौजूद हैं। कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। बृहस्पति भवन के बाहर बात हुई। नियुक्ति पर आरोप लगाते हुए निरस्त करने की मांग की। कुलपति ने कहा नियुक्ति मेरिट के आधार पर नियम मुताबिक हुई है। वह इसमें कुछ नहीं कर सकते। कार्यकर्ता और कुलपति में जमकर नोकझोंक हुई। कुलपति अंदर चले गए तो कार्यकर्ताओं ने उन्हें वहां घेर लिया।
बृहस्पति भवन में कुर्सियां भी फेंकी गईं। करीब एक घंटे तक कुलपति का घेराव किया। कुलपति ने नियुक्ति पर कहा वह जांच करा सकते हैं। इस पर कार्यकर्ता नहीं माने। काफी देर बाद पुलिस ने कुलपति को कार्यकर्ताओं के बीच से निकाला। छात्रसभा ने नियुक्ति को लेकर तीन दिन का वक्त दिया है। दोबारा इंटरव्यू कराने की मांग की है। उधर, चयनित आवेदकों ने सोमवार को ज्वाइन कर लिया। प्रदर्शन करने वालों में आदेश प्रधान, नीटू गुर्जर, गुरदीप सिंह, उपदेश खरे, सुबोध गुर्जर, अरुण खटाना, अंकित, योगेश, रोहित, अंकुश, जाहिद, सुमित, प्रिंस, संदीप, दीपक शामिल रहे।
‘एक महीने में दूसरा वीसी मिल जाएगा’
वीसी पैदल अपने आवास जा रहे थे। पीछे-पीछे समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ता चल रहे थे। वह नारेबाजी कर रहे थे। रास्ते में वीसी ने रुककर प्रदर्शनकारियों से कहा उन्हें जो करना था, वह कर दिया। वह इस्तीफा दे देंगे। एक महीने में उनको नया वीसी मिल जाएगा।
कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन
नियुक्ति के विरोध में छात्रों ने कुलपति कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया। छात्र नेता विनीत चपराना ने आरोप लगाया कैंपस में भाजपा और संघ के लोगों को सेट किया जा रहा है। विवि का माहौल खराब किया जा रहा है। नियुक्ति का आधार और मेरिट सार्वजनिक की जाए। मोनू, मयंक, अनुज, सोनू, शंकर, राहुल, अमित मौजूद रहे।