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मेडिकल कॉलेज में बच्चों की चिकित्सा के लिए बनेगा विशेष केंद्र
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मेडिकल में विशेष केंद्र में होगी बच्चों की चिकित्सा
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में बच्चों की चिकित्सा के लिए विशेष केंद्र बनाया जा रहा है। इसका नाम है, बाल चिकित्सा उत्कृष्ट केंद्र (पीडियाट्रिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस)। इसमें ऑनलाइन परामर्श की सुविधा उपलब्ध होगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए भी मरीज के इलाज के बारे में सलाह दी जाएगी। अगर जरूरत लगती है तो उसे मेडिकल के बाल रोग विभाग में भर्ती कराया जा सकता है। इससे 30 स्वास्थ्य केंद्र जोड़े जाएंगे, जिनमें जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।
मेरठ का जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और 12 सीएचसी के अलावा गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत, रामपुर, बरेली, बदायूं, मुजफ्फनरगर, शामली, बिजनौर और सहारनपुर आदि जिलों के जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र शामिल किए जाएंगे।
मेडिकल कॉलेज में 110 बेड का पीआईसीयू
मेडिकल कॉलेज में 110 बेड का पीआईसीयू बनाया गया है। यह कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों पर ज्यादा दुष्प्रभाव पड़ेगा, इस आंशका के तहत बनाया गया था। बच्चों पर कोरोना का ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा है। अभी तक मेरठ में पीआईसीयू नहीं थी।
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वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव ने दिए निर्देश
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि इस केंद्र को इमरजेंसी के प्रथम तल पर बनाया जाएगा। नोडल अधिकारी बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. विजय जायसवाल को बनाया गया है। इस संबंध में प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर इसे जल्द चालू कराने की हिदायत दी है।
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मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में बच्चों की चिकित्सा के लिए विशेष केंद्र बनाया जा रहा है। इसका नाम है, बाल चिकित्सा उत्कृष्ट केंद्र (पीडियाट्रिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस)। इसमें ऑनलाइन परामर्श की सुविधा उपलब्ध होगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए भी मरीज के इलाज के बारे में सलाह दी जाएगी। अगर जरूरत लगती है तो उसे मेडिकल के बाल रोग विभाग में भर्ती कराया जा सकता है। इससे 30 स्वास्थ्य केंद्र जोड़े जाएंगे, जिनमें जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।
मेरठ का जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और 12 सीएचसी के अलावा गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत, रामपुर, बरेली, बदायूं, मुजफ्फनरगर, शामली, बिजनौर और सहारनपुर आदि जिलों के जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र शामिल किए जाएंगे।
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मेडिकल कॉलेज में 110 बेड का पीआईसीयू
मेडिकल कॉलेज में 110 बेड का पीआईसीयू बनाया गया है। यह कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों पर ज्यादा दुष्प्रभाव पड़ेगा, इस आंशका के तहत बनाया गया था। बच्चों पर कोरोना का ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा है। अभी तक मेरठ में पीआईसीयू नहीं थी।
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वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव ने दिए निर्देश
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि इस केंद्र को इमरजेंसी के प्रथम तल पर बनाया जाएगा। नोडल अधिकारी बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. विजय जायसवाल को बनाया गया है। इस संबंध में प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर इसे जल्द चालू कराने की हिदायत दी है।