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ठंड में भी चिकनगुनिया के मरीज मिले, इस बीमारी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Mon, 26 Dec 2016 11:36 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सर्दी में भी चिकनगुनिया फैलाने वाले एडिस एजिप्टी मच्छर खत्म नहीं हो रहे हैं। पिछले 24 दिनों में ही पांच मरीज चिकनगुनिया के सामने आ चुके हैं। इनमें दो मरीज तो शनिवार को आए हैं। इससे खतरा बढ़ गया है। जैसे ही सर्दी के बाद गर्म दिन शुरू होंगे संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका है।
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सामान्य तौर पर सर्दी शुरू होते ही मच्छर खत्म हो जाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। चिकनगुनिया और डेंगू फैलाने वाला एडिस एजिप्टी मच्छर अधिक एक्टिव हैं। शनिवार को लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कालेज स्थित माइक्रो बायोलॉजी विभाग की तरफ से जागृति विहार निवासी सोनिया (27) व शकुंतला (40) में चिकनगुनिया की पुष्टि की गई। सीएमओ डॉ. वीपी सिंह ने एसीएमओ वैक्टर बोन व जिला मलेरिया अधिकारी को निर्देश दिया है कि संबंधित मरीजों के घरों को सर्वे कराया जाए। कीटनाशक दवा का छिड़काव करें। नियमित तौर पर मरीजों से जुड़े क्षेत्र में लगातार फॉगिंग व कीटनाशक का छिड़काव करते रहें। गर्मियों में करीब चार महीने तक चिकनगुनिया और डेंगू के मच्छर ने कहर बरपाया था, जिसकी वजह से हजारों लोगों को अस्पतालों में भर्ती होना पड़ा। कुछ लोगों की जान भी चली गई। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को तलब कर लिया था जिसके बाद इसे महामारी घोषित किया गया।
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प्राइवेट में भी मरीज
सरकारी रिकॉर्ड में चिकनगुनिया के पांच ही केस इस माह दर्ज हुए हैं। लेकिन स्थिति इससे कहीं ज्यादा खराब है। क्योंकि दर्जनों से अधिक मरीज प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं, जिनकी पुष्टि निजी लैब के आधार पर की गई है।
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आने वाले समय के लिए खतरा
ठंड में चिकनगुनिया के मरीजों का सामने आना भविष्य के लिए खतरे की घंटी है। स्वयं मलेरिया विभाग मान रहा है कि अगर ठंड में एडिस एजिप्टी मच्छर एक्टिव है तो गर्मी में इसकी प्रजनन क्षमता बढ़ जाएगी। ऐसी स्थिति में मार्च की शुरुआत से ही चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है।
विभाग जनवरी से चलाएगा अभियान
स्थिति को देखते हुए मलेरिया विभाग ने जनवरी से ही अभियान चलाने का प्लान बनाया है। मशीन एवं दवाएं खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है। जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत का कहना है कि जितने भी जगहों पर चिकनगुनिया की पुष्टि हुई है, वहां पर सैंपल सर्व कराकर फॉगिंग कराई जा रही है। कीटनाशकों का भी छिड़काव किया जा रहा है। वहीं आगे की तैयारी के लिए कीटनाशक दवा व फॉगिंग मशीनों को खरीदने की फाइल तैयार कर भेजी गई है। मुख्यालय को पत्र लिखा गया है।
महीने भर से एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं
प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट द्वारा सख्ती दिखाए जाने पर डेंगू और चिकनगुनिया को महामारी घोषित किया था। इसके बाद भी आलम यह है कि जिले में एक माह से एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं किया गया है। एसीएमओ (वेक्टर बोन डिजीज) डॉ. केपी सिंह का कहना है कि एंटी लार्वा खत्म है। इस कारण छिड़काव नहीं हो पा रहा है। एक-दो दिन पहले ही दवा आई है। जल्द ही छिड़काव शुरू करा दिया जाएगा।
चिकनगुनिया के लक्षण
खांसी, सर्दी के साथ तेज बुखार।
जोड़ों में दर्द और सूजन की शिकायत।
सिर में तेज दर्द और गर्दन में जकड़न।
बुखार के साथ जी मिचलाना व भूख में कमी।
बुखार जाने के बाद जोड़ों में दर्द करेगा परेशान।
ऐसे करें बचाव
घर के आसपास साफ पानी न भरने दें।
सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
ज्यादा से ज्यादा गुनगुने पानी व पेय खाद्य पदार्थ लें।