बड़ी कार्रवाई: मुख्य चिकित्साधिकारी ने 16 अस्पतालों के पंजीकरण किए निरस्त, 22 को दिए नोटिस, मचा हड़कंप
मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि अगर किसी भी अस्पताल में नियमों का उल्लंघन किया गया तो इसी तरह कार्रवाई की जाएगी। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
विस्तार
मेरठ में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन ने नियमों की अनदेखी कर संचालित 16 अस्पतालों के पंजीकरण मंगलवार को निरस्त कर दिए। इन्हें चेतावनी दी गई है कि अगर भविष्य में इलाज करते मिले तो एफआईआर कराई जाएगी। वहीं 22 अन्य अस्पतालों को नोटिस देकर इनमें कार्यरत चिकित्सकों को सीएमओ कार्यालय पहुंचने के लिए कहा गया है।
सीएमओ ने बताया कि इन अस्पतालों में कई ऐसे हैं, जिनमें बोर्ड पर जिस चिकित्सक का नाम लिखा था, वह वहां प्रैक्टिस ही नहीं करते हैं। कई में आईसीयू संचालित होने के बावजूद बेहोशी का डॉक्टर नहीं है। किसी में रजिस्टर मेंटेन नहीं होता तो किसी के खिलाफ गलत इलाज करने और फर्जी बिल बनाने की शिकायत थी। इनकी जांच कराई गई। खामियां मिलने पर कार्रवाई की गई है।
वहीं जिन 22 अन्य चिकित्सालयों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें कार्यरत चिकित्सकों का भौतिक सत्यापन होगा। जिन डॉक्टरों को इन अस्पतालों में कार्यरत दिखाया गया है अगर उनका सत्यापन नहीं हुआ तो इनके भी पंजीकरण निरस्त होंगे।
यह भी पढ़ें: UP: कस्टडी से फरार नजाकत सात साल बाद गिरफ्तार, नाम बदलकर गर्लफ्रेंड के साथ घूमा, फिर बन गया बाबा
इन16 अस्पतालों पर हुई कार्रवाई
गढ़ रोड स्थित श्री भूषण अस्पताल, एमएस ग्लोबल अस्पताल, एसपी हेल्थ केयर सेंटर, इंडियन हॉस्पिटल, बागपत रोड स्थित अरायना और महावीरा अस्पताल, कंकरखेड़ा का हंस अस्पताल, गंगानगर का आशाराम अस्पताल, शास्त्रीनगर का राजीव अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर हैं। इनके अलावा तेजगढ़ी स्थित एमपीएस हॉस्पिटल, जेल चुंगी स्थित प्रेम मेमोरियल अस्पताल, मवाना का कमल निरोगधाम अस्पताल, हापुड़ रोड का माई सिटी अस्पताल, किला परीक्षितगढ़ का जेबीएमआर अस्पताल, लावड़ का मेरठ चेस्ट एंव केजीएम अस्पताल और आरटीओ रोड का शुभकामना अस्पताल शामिल हैं।
यह भी पढ़ें: खुशखबर: जिले में बनेगा मां शाकंभरी देवी कॉरिडोर, श्रद्धालुओं को मिलेगा बड़ा फायदा, पढ़िए पूरी रिपोर्ट
अंपीजकृत अस्पताल ऑनलाइन कराएं पंजीकरण
सीएमओ ने बताया कि अगर किसी चिकित्सालय या चिकित्सक ने सीएमओ कार्यालय में पंजीकरण नहीं कराया है तो वह तत्काल ऑनलाइन पंजीकरण कराना सुनिश्चित करे। बगैर पंजीकरण कार्य करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।