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Meerut News: खोला गया बिजनौर-बदायूं मार्ग में छोइया नदी का पुल
Wed, 19 Mar 2025 12:43 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Wed, 19 Mar 2025 12:43 AM IST
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बिजनौर। बिजनौर-बदायूं स्टेट हाईवे मेें छोइया नदी के नए पुल को यातायात के लिए खोल दिया गया है। दरअसल इस पुल का निर्माण करीब दो साल पहले पूरा कर लिया गया था, मगर पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए वन विभाग की एनओसी का इंतजार था। अब पहुंच मार्ग बनाते हुए यातायात चालू कर दिया गया है।
बिजनौर चांदपुर मार्ग पर छोइया नदी पर मुगलकालीन पुल बना हुआ है जोकि संकरा है। बिना सीमेंट और सरिए के बने इस पुल से हाईवे का ट्रैफिक गुजर रहा था। पुल पुराना होने के कारण साल 2020 में नए पुल का निर्माण को तीन करोड़ 75 लाख का बजट जारी किया गया।
साल 2021 में पुराने पुल के पास ही नए पुल का निर्माण चालू कर दिया गया था। पुल करीब दो साल पहले बनकर तैयार हो चुका था। मगर वन्य जीव अभयारण्य में होने की वजह से नए पुल के पहुंच मार्ग का निर्माण अटका हुआ था।
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हालांकि भारत सरकार से एनओसी मिलने के बाद पहुंच मार्ग का निर्माण पूरा किया गया। इसके बाद नए पुल को यातायात के लिए खोल दिया गया है।
n पुराने पुल पर रहता था हादसों का खतरा : मुगलकालीन पुराने पुल पर करीब तीन मीटर चौड़ी सड़क है। जिस पर एक बार में एक तरफ का ही ट्रैफिक गुजर सकता था। जिसके चलते हादसों का खतरा रहता था। कई बार पुल की दीवार भी धराशायी हुई, जिससे वाहनों के खाई में गिरने का भय रहता था। अब नए पुल से ट्रैफिक गुजरेगा तो खतरा भी नहीं रहेगा।
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बिजनौर चांदपुर मार्ग पर छोइया नदी पर मुगलकालीन पुल बना हुआ है जोकि संकरा है। बिना सीमेंट और सरिए के बने इस पुल से हाईवे का ट्रैफिक गुजर रहा था। पुल पुराना होने के कारण साल 2020 में नए पुल का निर्माण को तीन करोड़ 75 लाख का बजट जारी किया गया।
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साल 2021 में पुराने पुल के पास ही नए पुल का निर्माण चालू कर दिया गया था। पुल करीब दो साल पहले बनकर तैयार हो चुका था। मगर वन्य जीव अभयारण्य में होने की वजह से नए पुल के पहुंच मार्ग का निर्माण अटका हुआ था।
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हालांकि भारत सरकार से एनओसी मिलने के बाद पहुंच मार्ग का निर्माण पूरा किया गया। इसके बाद नए पुल को यातायात के लिए खोल दिया गया है।
n पुराने पुल पर रहता था हादसों का खतरा : मुगलकालीन पुराने पुल पर करीब तीन मीटर चौड़ी सड़क है। जिस पर एक बार में एक तरफ का ही ट्रैफिक गुजर सकता था। जिसके चलते हादसों का खतरा रहता था। कई बार पुल की दीवार भी धराशायी हुई, जिससे वाहनों के खाई में गिरने का भय रहता था। अब नए पुल से ट्रैफिक गुजरेगा तो खतरा भी नहीं रहेगा।