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बुनकरों को मिल रही बिजली पर सब्सिडी नीति में बदलाव
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अब एक एचपी तक की पावरलूम वाले बुनकरों को ही मिलेगी सब्सिडी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। प्रदेश सरकार ने फर्जी बुनकर बनकर सब्सिडी की बिजली खाने वालों पर शिकंजा कस दिया है। अब 0.5 एचपी और 1 एचपी पावरलूम कनेक्शन पर तय बिजली यूनिट पर ही सब्सिडी दी जाएगी। इसके लिए पावरलूम स्वामी को सब्सिडी पर सोलर पैनल भी उपलब्ध कराए जाएंगे। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस मामले पर मुहर लगा दी गई।
वर्ष 2006 में मुलायम सिंह यादव की सपा सरकार ने प्रदेश के बुनकरों को सब्सिडी के साथ फ्लैट बिजली रेट का तोहफा दिया था। एक एचपी क्षमता की पावरलूम मशीन चलाने के बाद भी बुनकर को हर महीने 200 रुपये महीना ही बिजली बिल देना पड़ता था। बाकी बिल सरकार वहन करती थी। इतने कम रेट पर मिलने वाली बिजली का फायदा लेने के लिए लोगों ने फर्जी बुनकर बनकर बिजली विभाग और हथकरघा विभाग की मिलीभगत से बुनकर कनेक्शन ले लिए। सब्सिडी की बिजली से कहीं उद्योग तो कहीं होटल चलाए जा रहे थे। हालत यह हुई कि 90 हजार कनेक्शन के लिए बजट होने के बावजूद 2.37 लाख कनेक्शन बांट दिए गए। 90 हजार कनेक्शनों के लिए विभाग को केवल 150 करोड़ की सब्सिडी दी जाती थी, लेकिन बल्क में कनेक्शन देने पर यह सब्सिडी 850 करोड़ रुपये तक पहुंच रही थी।
मप्रदेश की योगी सरकार ने इस पर शिकंजा कसते हुए पहले तो बुनकरों को आधार कार्ड से लिंक करते हुए बिजली की सब्सिडी बैंक खातों में भेजने के निर्देश दिए थे। इससे बुनकरों में हड़कंप मच गया था। मेरठ शहर और सरधना, लावड़ आदि में चले सत्यापन कार्य में काफी फर्जी बुनकर निकले थे। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में बुनकरों को मिल रही बिजली पर सब्सिडी की नीति को बदल दिया। नई नीति के अनुसार अब 1 एचपी कनेक्शन को हर महीने 240 यूनिट बिजली 3.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से दी जाएगी। 0.5 एचपी कनेक्शन को 120 यूनिट बिजली 3.50 रुपये के हिसाब से दी जाएगी। इसके लिए इन्हें सब्सिडाइज्ड सोलर पैनल में भी दिया जाएगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। प्रदेश सरकार ने फर्जी बुनकर बनकर सब्सिडी की बिजली खाने वालों पर शिकंजा कस दिया है। अब 0.5 एचपी और 1 एचपी पावरलूम कनेक्शन पर तय बिजली यूनिट पर ही सब्सिडी दी जाएगी। इसके लिए पावरलूम स्वामी को सब्सिडी पर सोलर पैनल भी उपलब्ध कराए जाएंगे। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस मामले पर मुहर लगा दी गई।
वर्ष 2006 में मुलायम सिंह यादव की सपा सरकार ने प्रदेश के बुनकरों को सब्सिडी के साथ फ्लैट बिजली रेट का तोहफा दिया था। एक एचपी क्षमता की पावरलूम मशीन चलाने के बाद भी बुनकर को हर महीने 200 रुपये महीना ही बिजली बिल देना पड़ता था। बाकी बिल सरकार वहन करती थी। इतने कम रेट पर मिलने वाली बिजली का फायदा लेने के लिए लोगों ने फर्जी बुनकर बनकर बिजली विभाग और हथकरघा विभाग की मिलीभगत से बुनकर कनेक्शन ले लिए। सब्सिडी की बिजली से कहीं उद्योग तो कहीं होटल चलाए जा रहे थे। हालत यह हुई कि 90 हजार कनेक्शन के लिए बजट होने के बावजूद 2.37 लाख कनेक्शन बांट दिए गए। 90 हजार कनेक्शनों के लिए विभाग को केवल 150 करोड़ की सब्सिडी दी जाती थी, लेकिन बल्क में कनेक्शन देने पर यह सब्सिडी 850 करोड़ रुपये तक पहुंच रही थी।
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मप्रदेश की योगी सरकार ने इस पर शिकंजा कसते हुए पहले तो बुनकरों को आधार कार्ड से लिंक करते हुए बिजली की सब्सिडी बैंक खातों में भेजने के निर्देश दिए थे। इससे बुनकरों में हड़कंप मच गया था। मेरठ शहर और सरधना, लावड़ आदि में चले सत्यापन कार्य में काफी फर्जी बुनकर निकले थे। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में बुनकरों को मिल रही बिजली पर सब्सिडी की नीति को बदल दिया। नई नीति के अनुसार अब 1 एचपी कनेक्शन को हर महीने 240 यूनिट बिजली 3.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से दी जाएगी। 0.5 एचपी कनेक्शन को 120 यूनिट बिजली 3.50 रुपये के हिसाब से दी जाएगी। इसके लिए इन्हें सब्सिडाइज्ड सोलर पैनल में भी दिया जाएगा।
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