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‘खेलों के लिए आईपीएल नहीं, प्रो कबड्डी सही’
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Mon, 18 Apr 2016 02:35 AM IST
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सीसीएसयू के बृहस्पतिभवन में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद अतिथि।
- फोटो : अमर उजाला
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सीसीएसयू में रविवार को इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑन इनोवेटिंग एजूकेशन यूथ एंटर एंटरप्रिन्योरशिप एंड स्किल डेवलेपमेंट में स्पोर्ट्स एजूकेशन एंड हेल्थ विषय पर पैनल डिस्कशन हुआ। इसमें स्पोर्ट्स की बड़ी शख्सियत शामिल हुईं और सवालों के जवाब दिए। क्रिकेट में अर्जुन अवार्डी गुरुचरण सिंह और कबड्डी में अर्जुन अवार्डी राम मेहर सिंह ने सवालों के जवाब दिए। आईपीएल को ‘तमाशा क्रिकेट’ करार दिया। कहा इससे क्रिकेट का भला नहीं होने वाला। प्रो कबड्डी को अच्छा बताया।
विवि के बृहस्पति भवन में आयोजित पैनल डिस्कशन में एक दर्जन से अधिक इंटरनेशनल क्रिकेटर दे चुके गुरुचरण सिंह से सवाल पूछा कि क्रिकेट का फारमेट बदल चुका है। 20-20 क्रिकेट और आईपीएल से क्रिकेट को फायदा होगा। उन्होंने कहा यह तमाशा क्रिकेट है। अगर अच्छा क्रिकेटर बनना है और क्रिकेट का भला करना है तो टेस्ट मैच ही सबसे बेहतर प्लेटफार्म है। बैटिंग और बॉलिंग कलाइयों का खेल है, इस सवाल के जवाब में कहा क्रिकेट मस्तिष्क और मसल्स का खेला है।
140 किमी प्रति घंटा रफ्तार की गेंद सिर्फ कलाई के दम पर नहीं खेली जा सकती। अर्जुन अवार्डी राम मेहर सिंह से पूछा गया कबड्डी मिट्टी से मैट पर आ गई है। प्रो कबड्डी नया लुक है। इसका कबड्डी को फायदा होगा। उन्होंने कहा इससे कबड्डी का प्रचार प्रसार हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय कबड्डी मैट पर ही खेली जा रही है, इसलिए इसे अपनाना होगा। पैरा साइकिलिस्ट जगविंदर सिंह ने कहा देश में साइकिलिस्ट की सुविधा का अभाव है। स्पेशल होने की वजह से यह खर्चीली है।
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संसाधन बढ़े तो देश से अच्छे खिलाड़ी निकलेंगे। खिलाड़ियों और बॉडी बनाने वालों द्वारा फूड सप्लीमेंट लेने के फायदे और नुकसान का सवाल फिजिशियन डॉ. राजीव गुप्ता से पूछा गया। उन्होंने कहा इंसान को बॉडी वेट के मुताबिक 50 ग्राम वजन के लिए एक ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। यह नार्मल खाने से पूरी हो जाती है। अलग से प्रोटीन लेने की जरूरत है। यह शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। युवा इसको लेकर सचेत रहें। बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।
डॉ. वीरेंद्र कुमार से सवाल पूछा गया कि कॉलेज स्तर पर खेलों को कैसा बढ़ाया जाए। उन्होंने जवाब दिया फाउंडेशन और सुविधा बढ़ाने से खेल को बढ़ावा मिलेगा। जहां अच्छी सुविधा और इंफ्रास्ट्रक्चर होगा, खिलाड़ी खेलने पहुंचेंगे। रिपब्लिक ऑफ नाइजर के एंबेसेडर अली इलियास साऊ ने कहा भारत में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन भ्रष्टाचार होने की वजह से असर पड़ रहा है। सिस्टम को सुधारना होगा। पैनल का संचालन डॉ. गुलाब सिंह रूहल ने किया।
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विवि के बृहस्पति भवन में आयोजित पैनल डिस्कशन में एक दर्जन से अधिक इंटरनेशनल क्रिकेटर दे चुके गुरुचरण सिंह से सवाल पूछा कि क्रिकेट का फारमेट बदल चुका है। 20-20 क्रिकेट और आईपीएल से क्रिकेट को फायदा होगा। उन्होंने कहा यह तमाशा क्रिकेट है। अगर अच्छा क्रिकेटर बनना है और क्रिकेट का भला करना है तो टेस्ट मैच ही सबसे बेहतर प्लेटफार्म है। बैटिंग और बॉलिंग कलाइयों का खेल है, इस सवाल के जवाब में कहा क्रिकेट मस्तिष्क और मसल्स का खेला है।
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140 किमी प्रति घंटा रफ्तार की गेंद सिर्फ कलाई के दम पर नहीं खेली जा सकती। अर्जुन अवार्डी राम मेहर सिंह से पूछा गया कबड्डी मिट्टी से मैट पर आ गई है। प्रो कबड्डी नया लुक है। इसका कबड्डी को फायदा होगा। उन्होंने कहा इससे कबड्डी का प्रचार प्रसार हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय कबड्डी मैट पर ही खेली जा रही है, इसलिए इसे अपनाना होगा। पैरा साइकिलिस्ट जगविंदर सिंह ने कहा देश में साइकिलिस्ट की सुविधा का अभाव है। स्पेशल होने की वजह से यह खर्चीली है।
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संसाधन बढ़े तो देश से अच्छे खिलाड़ी निकलेंगे। खिलाड़ियों और बॉडी बनाने वालों द्वारा फूड सप्लीमेंट लेने के फायदे और नुकसान का सवाल फिजिशियन डॉ. राजीव गुप्ता से पूछा गया। उन्होंने कहा इंसान को बॉडी वेट के मुताबिक 50 ग्राम वजन के लिए एक ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। यह नार्मल खाने से पूरी हो जाती है। अलग से प्रोटीन लेने की जरूरत है। यह शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। युवा इसको लेकर सचेत रहें। बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।
डॉ. वीरेंद्र कुमार से सवाल पूछा गया कि कॉलेज स्तर पर खेलों को कैसा बढ़ाया जाए। उन्होंने जवाब दिया फाउंडेशन और सुविधा बढ़ाने से खेल को बढ़ावा मिलेगा। जहां अच्छी सुविधा और इंफ्रास्ट्रक्चर होगा, खिलाड़ी खेलने पहुंचेंगे। रिपब्लिक ऑफ नाइजर के एंबेसेडर अली इलियास साऊ ने कहा भारत में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन भ्रष्टाचार होने की वजह से असर पड़ रहा है। सिस्टम को सुधारना होगा। पैनल का संचालन डॉ. गुलाब सिंह रूहल ने किया।