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सीसीएसयू: अब बीए, बीएससी और बीकॉम के हर छात्र को पढ़ना होगा एआई, इतने अंकों का होगा पेपर
Sun, 12 Apr 2026 10:34 AM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Sun, 12 Apr 2026 10:34 AM IST
सार
Meerut News: स्नातक स्तर के सभी संकायों में एआई फॉर ऑल कोर्स अनिवार्य होगा। डिजिटल साक्षरता और रोजगार पर जोर दिया जाएगा। ये 75 घंटे का ऑनलाइन कोर्स होगा। दूसरे सेमेस्टर में इसकी पढ़ाई शुरू होगी।
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एआई।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती उपयोगिता और भविष्य की मांग को देखते हुए चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) ने उच्च शिक्षा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। इस सत्र से बीए, बीएससी और बीकॉम (एनईपी पाठ्यक्रम) में प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों के लिए एआई फॉर ऑल कोर्स अनिवार्य कर दिया गया है।
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यूजीसी के निर्देशों पर आधारित यह पहल कानपुर विश्वविद्यालय के बाद अब सीसीएसयू में भी लागू हो गई है जिससे यह प्रदेश के उन प्रमुख विश्वविद्यालयों में शामिल हो गया है जहां हर स्नातक छात्र को एआई की बुनियादी शिक्षा दी जाएगी।
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कोर्स की मुख्य संरचना और मूल्यांकन
विश्वविद्यालय ने इस कोर्स को तकनीकी के साथ-साथ सुगम बनाने के लिए पूर्णतः ऑनलाइन मोड में रखने का निर्णय लिया है। यह 75 घंटे का बेसिक थ्योरी और प्रैक्टिकल कोर्स होगा, जिसके लिए 3 क्रेडिट निर्धारित किए गए हैं। यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को दूसरे सेमेस्टर में पढ़ाया जाएगा।
विश्वविद्यालय ने इस कोर्स को तकनीकी के साथ-साथ सुगम बनाने के लिए पूर्णतः ऑनलाइन मोड में रखने का निर्णय लिया है। यह 75 घंटे का बेसिक थ्योरी और प्रैक्टिकल कोर्स होगा, जिसके लिए 3 क्रेडिट निर्धारित किए गए हैं। यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को दूसरे सेमेस्टर में पढ़ाया जाएगा।
कुल 100 अंकों के इस कोर्स में 40 अंक निरंतर आंतरिक मूल्यांकन के होंगे, जबकि 60 अंक विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बहुविकल्पीय प्रश्न परीक्षा के होंगे। अंकों के आधार पर स्नातक नियमों के अनुसार ग्रेड दिए जाएंगे। चयनित कंपनी छात्रों को ऑनलाइन कंटेंट और प्रश्न बैंक उपलब्ध कराएगी। इस कोर्स का उद्देश्य केवल इंजीनियरिंग ही नहीं, बल्कि कला, विज्ञान, वाणिज्य, प्रबंधन और शिक्षा जैसे सभी संकायों के छात्रों को एआई साक्षर बनाना है।
क्या सीखेंगे छात्र?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का परिचय, विकास और दैनिक जीवन में उपयोग।
मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और जनरेटिव एआई की सरल समझ।
डेटा और निर्णय प्रक्रिया में एआई की भूमिका।
एआई और नैतिकता: तकनीक के सामाजिक और नैतिक पहलुओं की जानकारी।
रोजगार की संभावनाएं और भविष्य की नई तकनीकें।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का परिचय, विकास और दैनिक जीवन में उपयोग।
मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और जनरेटिव एआई की सरल समझ।
डेटा और निर्णय प्रक्रिया में एआई की भूमिका।
एआई और नैतिकता: तकनीक के सामाजिक और नैतिक पहलुओं की जानकारी।
रोजगार की संभावनाएं और भविष्य की नई तकनीकें।
भविष्य की तैयारी और रोजगार पर फोकस
विश्वविद्यालय का मानना है कि इस पहल से छात्रों में डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और वे आधुनिक रोजगार के बाजार के लिए तैयार हो सकेंगे। सीसीएसयू के कुलसचिव अनिल कुमार यादव के मुताबिक यह कदम छात्रों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगा। कैंपस और सभी संबद्ध कॉलेजों में यह कोर्स समान रूप से लागू होगा। यूजी (स्नातक) के बाद इसे स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर सहित सभी विषयों में विस्तारित करने की भी योजना है।
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विश्वविद्यालय का मानना है कि इस पहल से छात्रों में डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और वे आधुनिक रोजगार के बाजार के लिए तैयार हो सकेंगे। सीसीएसयू के कुलसचिव अनिल कुमार यादव के मुताबिक यह कदम छात्रों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगा। कैंपस और सभी संबद्ध कॉलेजों में यह कोर्स समान रूप से लागू होगा। यूजी (स्नातक) के बाद इसे स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर सहित सभी विषयों में विस्तारित करने की भी योजना है।
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