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सीसीएसयू : दो घंटे की परीक्षा पर सीसीएसयू की मुहर
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सीसीएसयू : दो घंटे की परीक्षा पर सीसीएसयू की मुहर
मेरठ। सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में परीक्षाओं को तीन घंटे की बजाय दो घंटे करने पर मंगलवार को परीक्षा समिति की बैठक में मुहर लगा दी गई है। पूरा प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। शासन ने अगर परीक्षा समिति के फैसले को मंजूरी दे दी तो 10 जून से यह परीक्षाएं चार पालियों में शुरू कराई जाएंगी। पेपर में विकल्प वही रहेंगे प्रश्नों की संख्या घटा दी जाएगी। इससे विवि इन परीक्षाओं को चार पालियों में करा सकेगा। इसके साथ ही ओरेंज और ग्रीन जोन में मूल्यांकन पर भी निर्णय लिया गया है। शासन से शिक्षकों-कर्मचारियों के पास बनाने की मांग की गई है।
सीसीएसयू कैंपस में कुलपति प्रो. एनके तनेेजा की अध्यक्षता में परीक्षा समिति की आपात बैठक का आयोजन वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। परीक्षा समिति ने निर्णय लिया कि इस वर्ष आयोजित होने वाली शेष परीक्षाओं में समय सीमा को कम किया जाएगा। छात्र-छात्राओं को प्रश्नपत्र में अधिक विकल्प दिए जाएंगे, प्रश्नों के उत्तर भी कम करने होंगे। प्रश्नपत्रों के अंक पहले की ही तरह रहेंगे। प्रश्नों की संख्या भी समय के अनुपात में रहेगी। इसके साथ ही समिति ने इन परीक्षाओं को 10 जून से कराने का निर्णय लेते हुए पूरा प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद विवि प्रशासन परीक्षा कार्यक्रम जारी कर देगा। सोशल डिस्टेसिंग के चलते सेंटरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
ग्रीन-ओरेंज जोन में भेजी जाएंगी उत्तर पुस्तिकाएं
बैठक में निर्णय लिया गया कि मेरठ-सहारनपुर मंडल के नौ जिलों में से ग्रीन और ओरेंज जोन में मूल्यांकन कार्य कराया जाएगा। जिसमें निगरानी के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर मूल्यांकन नियंत्रक तथा कॉलेज स्तर पर समन्वयक नियुक्त किए जाएंगे।
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प्रैक्टिकल अपने स्तर पर जल्द निपटाएंगे कॉलेज
परीक्षा समिति द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य अपने स्तर से अपने महाविद्यालय को छोड़कर किसी दूसरे महाविद्यालय से परीक्षक व सेवानिवृत्त शिक्षक बुलाकर प्रयोगात्मक परीक्षाएं संपन्न करा सकते हैं। इसमें किसी भी तरह से देरी नहीं होगी कि शिक्षक नहीं मिल रहे हैं।
ये रहे शामिल
बैठक में प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अश्वनी कुमार, प्रो. जयमाला, प्रो. वीरपाल, प्रो. एमके गुप्ता, प्रो. जगवीर भारद्वाज, प्रो. एके चौबे, प्रो. जेके ढाका, प्रो. योगेंद्र सिंह, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. चमन लाल, डॉ. सीमा जैन, डॉ. रेखा तिवारी, डॉ. अंजलि मित्तल और प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र गुप्ता मौजूद रहे।
ये हैं बची हुईं परीक्षाएं
सीसीएसयू से संबद्ध मेरठ और सहारनपुर मंडल के नौ जिलों के कॉलेजों में 22 फरवरी से रेग्युलर में बीए-बीकॉम और बीएससी एवं प्राइवेट में बीए-बीकॉम, एमए-एमकॉम की परीक्षाएं शुरू हुईं थी। इन परीक्षाओं में तीन लाख 70 हजार छात्र-छात्राएं शामिल हैं। तीन पालियों की परीक्षाएं 27 अप्रैल को खत्म होनी थी। लेकिन लॉकडाउन होने पर 18 मार्च से आगे की सारी परीक्षाएं स्थगित हो गईं। अब इनमें 89 पेपर बचे हुए हैं।
घर से मूल्यांकन कराए विवि
शिक्षक नेता राजकुमार सांगवान का कहना है कि मेरठ-सहारनपुर मंडल के पांच बड़े जिले रेड जोन में हैं। ऐसे में जिन चार जिलों में मूल्यांकन होगा वहां पर शिक्षकों की कमी रहेगी। ऐसे में अगर विवि प्रशासन घर से कॉपियों का मूल्यांकन कराए तो तेजी से काम निपटाकर जल्द रिजल्ट दिया जा सकता है।
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मेरठ। सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में परीक्षाओं को तीन घंटे की बजाय दो घंटे करने पर मंगलवार को परीक्षा समिति की बैठक में मुहर लगा दी गई है। पूरा प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। शासन ने अगर परीक्षा समिति के फैसले को मंजूरी दे दी तो 10 जून से यह परीक्षाएं चार पालियों में शुरू कराई जाएंगी। पेपर में विकल्प वही रहेंगे प्रश्नों की संख्या घटा दी जाएगी। इससे विवि इन परीक्षाओं को चार पालियों में करा सकेगा। इसके साथ ही ओरेंज और ग्रीन जोन में मूल्यांकन पर भी निर्णय लिया गया है। शासन से शिक्षकों-कर्मचारियों के पास बनाने की मांग की गई है।
सीसीएसयू कैंपस में कुलपति प्रो. एनके तनेेजा की अध्यक्षता में परीक्षा समिति की आपात बैठक का आयोजन वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। परीक्षा समिति ने निर्णय लिया कि इस वर्ष आयोजित होने वाली शेष परीक्षाओं में समय सीमा को कम किया जाएगा। छात्र-छात्राओं को प्रश्नपत्र में अधिक विकल्प दिए जाएंगे, प्रश्नों के उत्तर भी कम करने होंगे। प्रश्नपत्रों के अंक पहले की ही तरह रहेंगे। प्रश्नों की संख्या भी समय के अनुपात में रहेगी। इसके साथ ही समिति ने इन परीक्षाओं को 10 जून से कराने का निर्णय लेते हुए पूरा प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद विवि प्रशासन परीक्षा कार्यक्रम जारी कर देगा। सोशल डिस्टेसिंग के चलते सेंटरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
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ग्रीन-ओरेंज जोन में भेजी जाएंगी उत्तर पुस्तिकाएं
बैठक में निर्णय लिया गया कि मेरठ-सहारनपुर मंडल के नौ जिलों में से ग्रीन और ओरेंज जोन में मूल्यांकन कार्य कराया जाएगा। जिसमें निगरानी के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर मूल्यांकन नियंत्रक तथा कॉलेज स्तर पर समन्वयक नियुक्त किए जाएंगे।
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प्रैक्टिकल अपने स्तर पर जल्द निपटाएंगे कॉलेज
परीक्षा समिति द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य अपने स्तर से अपने महाविद्यालय को छोड़कर किसी दूसरे महाविद्यालय से परीक्षक व सेवानिवृत्त शिक्षक बुलाकर प्रयोगात्मक परीक्षाएं संपन्न करा सकते हैं। इसमें किसी भी तरह से देरी नहीं होगी कि शिक्षक नहीं मिल रहे हैं।
ये रहे शामिल
बैठक में प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अश्वनी कुमार, प्रो. जयमाला, प्रो. वीरपाल, प्रो. एमके गुप्ता, प्रो. जगवीर भारद्वाज, प्रो. एके चौबे, प्रो. जेके ढाका, प्रो. योगेंद्र सिंह, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. चमन लाल, डॉ. सीमा जैन, डॉ. रेखा तिवारी, डॉ. अंजलि मित्तल और प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र गुप्ता मौजूद रहे।
ये हैं बची हुईं परीक्षाएं
सीसीएसयू से संबद्ध मेरठ और सहारनपुर मंडल के नौ जिलों के कॉलेजों में 22 फरवरी से रेग्युलर में बीए-बीकॉम और बीएससी एवं प्राइवेट में बीए-बीकॉम, एमए-एमकॉम की परीक्षाएं शुरू हुईं थी। इन परीक्षाओं में तीन लाख 70 हजार छात्र-छात्राएं शामिल हैं। तीन पालियों की परीक्षाएं 27 अप्रैल को खत्म होनी थी। लेकिन लॉकडाउन होने पर 18 मार्च से आगे की सारी परीक्षाएं स्थगित हो गईं। अब इनमें 89 पेपर बचे हुए हैं।
घर से मूल्यांकन कराए विवि
शिक्षक नेता राजकुमार सांगवान का कहना है कि मेरठ-सहारनपुर मंडल के पांच बड़े जिले रेड जोन में हैं। ऐसे में जिन चार जिलों में मूल्यांकन होगा वहां पर शिक्षकों की कमी रहेगी। ऐसे में अगर विवि प्रशासन घर से कॉपियों का मूल्यांकन कराए तो तेजी से काम निपटाकर जल्द रिजल्ट दिया जा सकता है।