मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में वर्तमान मूल्यांकन प्रणाली में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन दिया गया। इसमें छात्रों ने कहा कि मूल्यांकन में हो रही लापरवाही की वजह से छात्रों का आर्थिक शोषण हो रहा है। हाल ही में जारी हुए परीक्षा परिणामों में फेल हुए छात्रों ने जब पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया तो उनके अंक दोगुने से भी ज्यादा हो गए। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
छात्र नेता शान मोहम्मद ने बताया कि जिस मूल्यांकन प्रक्रिया में इतनी बड़ी खामी है, उसकी फीस बैंक पेपर की फीस से भी अधिक है। यह छात्रों के साथ अन्याय है। हाल ही में एमबीबीएस के मूल्यांकन में भी गड़बड़ी सामने आई। दोबारा जांच कराई तो अप्रत्याशित तरीके से अंक बढ़ गए। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। लापरवाही करने वाले शिक्षकों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में इमरान, अनस त्यागी आरफीन चौहान, साहिब फैजी, जीशान त्यागी दानिश आदि मौजूद रहे।