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सीसीएसयू ने लागू किया आर्थिक आधार का आरक्षण, विवि में कार्य परिषद की बैठक में लगी मुहर 

Sun, 09 Jun 2019 11:14 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 09 Jun 2019 11:14 AM IST
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CCS University starts reservation for admission
सीसीएसयू फाइल फोटो
सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में आर्थिक आधार पर कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं को दाखिले में 10 फीसदी सीटें बढ़ाने पर शनिवार को मुहर लग गई। छात्र-छात्राओं को यूजी कोर्सों के साथ पीजी में लाभ मिलेगा। इससे मेरठ और सहारनपुर मंडल के कॉलेजों में 14 हजार सीटें और बढ़ जाएंगी। कॉलेजों की संबद्घता विस्तारण और 244 कोर्सों को संबद्घता प्रदान की गई है।
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कैंपस में शनिवार को कार्य परिषद की बैठक हुई। इसमें 11 शोध छात्रों को शोध उपाधि प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त कुश्ती प्रशिक्षक डॉ. जबर सिंह सोम का एक वर्ष के लिए कार्य विस्तार किया गया है। 
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महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफशनल स्टडीज पिलखुआ, हापुड़ के सचिव के पत्र के अनुसार संस्थान में संचालित बीबीए और बीसीए पाठ्यक्रमों की संबद्धता समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। उसे कार्य परिषद द्वारा स्वीकार कर संबद्धता समाप्त करने का निर्णय लिया गया। बैठक में विवि परिसर में संविदा पर नियुक्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के एकरूपता लाते हुए तृतीय श्रेणी में 18000 तथा चतुर्थ श्रेणी में 15000 रुपये करने का निर्णय लिया गया। 
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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के कमजोर वर्गों को 10 प्रतिशत आरक्षण के अनुपालन में उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेश के संदर्भ में विवि की कार्य परषिद ने उक्त शासनादेश को प्रवेश प्रक्रिया में सम्मिलित करने का निर्णय लिया। प्रत्येक पाठ्यक्रम में उपलब्ध सीटों के अनुपात में 10 प्रतिशत अतिरिक्त सीटें बढ़ाए जाने की संस्तुति की गई। अभी तक यूजी कोर्सों में 142851 सीटें हैं। 10 फीसदी सीटें बढ़ाए जाने पर 14 हजार सीटें नई बढ़ जाएंगी। जिसके बाद कुल सीटें 1 लाख 57 हजार से अधिक हो जाएंगी। 244 नए पाठ्यक्रमों-कॉलेजों को संबद्धता-संबद्धता विस्तारण किए जाने का निर्णय लिया गया।
 
कैंपस में कॉमर्स विभाग को नाम मिल गया। अब तक बीकॉम और एमकॉम, एमबीए की बिल्डिंग में चल रहे थे। अब अब इसे डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स का नाम दे दिया गया है। कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में हुई बैठक में डॉ. दर्शन लाल अरोड़ा, प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा, प्रो. जितेंद्र ढाका, प्रो. भूपेंद्र सिंह, प्रो. एसएस गौरव, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजीव गुप्ता, प्रो. असलम जमशेदपुरी, वित्त अधिकरी सुशील गुप्ता और डॉ. प्रशांत कुमार मौजूद रहे।

244 नए पाठ्यक्रमों-कॉलेजों को मिली संबद्धता, संविदा पर नियुक्त तृतीय-चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सैलरी हुई 18-15 हजार
सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में आर्थिक आधार पर 10 फीसदी सीटों का आरक्षण हर वर्ग को मिलेगा। लेकिन अगर कोई इस कैटेगिरी में आवेदन करता है तो उसको फिर दूसरी कैटेगिरी में एडमिशन नहीं मिलेगा। ऐसे सभी छात्र-छात्राओं की मेरिट सिर्फ बढ़ी हुई 14 हजार सीटों पर ही बनेगी। 

रजिस्ट्रेशन फार्म में पहले दिन से ही आर्थिक आधार पर आरक्षण लेने का कॉलम दिया गया है। जो नहीं कर पाए हैं वे 14 और 15 जून को फार्म में सुधार कर सकते हैं। आरक्षण लेने के लिए आठ लाख रुपये से कम सालाना आय का प्रमाण पत्र लगाना आवश्यक होगा।

सीसीएसयू से संबद्ध मेरठ और सहारनपुर मंडल के नौ जिलों की बात करें तो एडेड-राजकीय और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में बीए, बीएससी, बीकॉम, बीएससी एजी में 142851 सीटें हैं। इनमें बीए में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 22 हजार और सेल्फ फाइनेंस में 54 हजार से ज्यादा, बीकॉम में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 4600 और सेल्फ फाइनेंस में 22000 से ज्यादा सीटें हैं। 

बीएससी बायो-मैथ-स्टैटिस्टिक्स में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 9463 और सेल्फ फाइनेंस में 20 हजार से ज्यादा सीटें हैं। बीएससी एजी में एडेड और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में 2840 सीटें हैं। 12वीं के बाद पांच वर्षीय बीए-एलएलबी और बीकॉम-एलएलबी में छह हजार से ज्यादा सीटें हैं। 14 हजार से ज्यादा सीटें बढ़ने से अब कॉलेजों में यूजी कोर्सों में 1 लाख 57 हजार से अधिक सीटें हो गई हैं।

नहीं मिलेगा दूसरी कैटेगिरी का आरक्षण
छात्र-छात्राएं ध्यान रखे कि अगर वह आर्थिक आधार पर कमजोर कैटेगिरी में 10 फीसदी का आरक्षण ले रहे हैं तो वह सिर्फ बढ़ी हुई 14 हजार सीटों पर ही मेरिट के हकदार होंगे। इसके साथ ही अगर एससी-एसटी और ओबीसी कैटेगिरी के छात्र-छात्राएं इस श्रेणी में आवेदन कर रहे हैं तो उनको एससी-एसटी या ओबीसी वाला आरक्षण नहीं मिलेगा। यह सिर्फ यूजी कोर्सों में ही नहीं होगा, बल्कि एलएलबी और पीजी कोर्सों भी यही नियम लागू होगा। 

10 फीसदी आरक्षण का लाभ लेने वाले छात्र-छात्राओं को एडमिशन के समय आय प्रमाण पत्र जरूर जमा करना होगा। आय प्रमाण पत्र को लेकर जो शासनादेश है उसके मुताबिक ऐसे छात्र-छात्राओं के परिवार की आय आठ लाख रुपये सालाना से कम होनी चाहिए। आय प्रमाण पत्र जन सेवा केंद्रों पर ऑनलाइन बनवाए जा रहे हैं। इसमें अगर कोई परिवार ऐसा है जिसके पास 5 एकड़ या उससे ज्यादा जमीन है तो उसको इसका लाभ नहीं मिलेगा। अगर किसी के पास एक हजार वर्ग स्कवायर फीट में फ्लैट, निगम के परिक्षेत्र में 100 वर्ग या अधिक का भूखंड है तो लाभ नहीं मिलेगा।

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