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सीबीएसई : नए साल के पहले दिन से शुरू होंगे बाेर्ड प्रैक्टिकल
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मेरठ। नववर्ष के पहले दिन एक जनवरी से ही केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) के बोर्ड प्रैक्टिकल शुरू हो जाएंगे। इसके लिए बोर्ड संचालित सभी विद्यालयों को एसओपी जारी कर दी गई है। बोर्ड की लिखित परीक्षा 15 फरवरी से शुरू होनी है, इसलिए बोर्ड ने सभी स्कूलों को एक जनवरी से 14 फरवरी के बीच प्रैक्टिकल (प्रयोगात्मक परीक्षाएं) पूरी कराने के निर्देश और नियम जारी कर दिए हैं।
निर्देशों के अनुसार हाईस्कूल में जिन विषयों के प्रैक्टिकल होने हैं, उसके लिए विद्यालय आंतरिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाएंगे, वहीं इंटरीमीडिएट के प्रैक्टिकल के लिए बाह्य शिक्षक प्रैक्टिकल लेने आएंगे। एक विषय के 100 अंक में से 30 प्रैक्टिकल और 70 थ्योरी के रहते हैं। प्रैक्टिकल एग्जाम में वायवा में सही आंसर के साथ ही छात्र का अनुशासन और व्यवहार भी आंका जाता है।
सीबीएसई के सिटी को-आर्डिनेटर सुधांशु शेखर ने बताया कि बोर्ड परीक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा प्रैक्टिकल है। प्रैक्टिकल से मेरिट बेहतर की जा सकती है। इसलिए छात्र-छात्राओं को चाहिए कि अपनी प्रोजेक्ट फाइल को अच्छे से तैयार करें। उन्होंने कहा कि प्रैक्टिकल और मुख्य परीक्षा दोनों में उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इसलिए दोनों की तैयारी अच्छी होनी चाहिए। छात्रों को कांसेप्ट क्लियर रखना होगा। वायवा में परीक्षक कहीं से भी सवाल पूछ सकते हैं।
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निर्देशों के अनुसार हाईस्कूल में जिन विषयों के प्रैक्टिकल होने हैं, उसके लिए विद्यालय आंतरिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाएंगे, वहीं इंटरीमीडिएट के प्रैक्टिकल के लिए बाह्य शिक्षक प्रैक्टिकल लेने आएंगे। एक विषय के 100 अंक में से 30 प्रैक्टिकल और 70 थ्योरी के रहते हैं। प्रैक्टिकल एग्जाम में वायवा में सही आंसर के साथ ही छात्र का अनुशासन और व्यवहार भी आंका जाता है।
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सीबीएसई के सिटी को-आर्डिनेटर सुधांशु शेखर ने बताया कि बोर्ड परीक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा प्रैक्टिकल है। प्रैक्टिकल से मेरिट बेहतर की जा सकती है। इसलिए छात्र-छात्राओं को चाहिए कि अपनी प्रोजेक्ट फाइल को अच्छे से तैयार करें। उन्होंने कहा कि प्रैक्टिकल और मुख्य परीक्षा दोनों में उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इसलिए दोनों की तैयारी अच्छी होनी चाहिए। छात्रों को कांसेप्ट क्लियर रखना होगा। वायवा में परीक्षक कहीं से भी सवाल पूछ सकते हैं।
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