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बड़ी कार्रवाई: सीबीआई की टीम पहुंची मेरठ, घंटों तक चली जांच, कई विभागों में मचा हड़कंप 

Sat, 25 Sep 2021 12:52 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 25 Sep 2021 12:52 PM IST
सार

मेरठ में साकेत क्षेत्र में सीबीआई की टीम ने गहन जांच पड़ताल की। छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी ने कहा कि उनकी शिकायत पर सीबीआई की टीम आई है।

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CBI team raided Meerut, investigation lasted for hours, there was a stir in many departments
सीबीआई (फाइल फोटो)

विस्तार

मेरठ सीबीआई की टीम ने शुक्रवार को मेरठ पहुंचकर कई घंटे जांच की। साकेत में एक ठेकेदार के आवास पर जांच के बाद तीन सदस्यीय टीम 25 मिनट तक कैंट बोर्ड ऑफिस में भी रही। इसके चलते कई विभागों में हड़कंप मचा रहा।

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सीबीआई की टीम सबसे पहले सुबह साकेत में ठेकेदार के यहां पहुंची। ये ठेकेदार कैंट बोर्ड से जुड़ा रहा है। इसके बाद टीम ने कई और जगहों पर जाकर जांच की। दोपहर को सवा तीन बजे के करीब टीम कैंट बोर्ड के दफ्तर पहुंची तो सोशल साइट पर सूचना आते ही हड़कंप मच गया।
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बोलेरो गाड़ी में पहुंची टीम में तीन सदस्य थे। दो सदस्य गाड़ी में बाहर ही बैठे रहे और तीसरे सदस्य ने ऑफिस जाकर करीब 25 मिनट तक बात की। टीम ने कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया। पूरे मामले में कैंट बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि कैंट बोर्ड का कोई मामला नहीं है। सीबीआई किसी दूसरे कारण से ऑफिस आई थी। 
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सोढ़ी बोले, मेरी शिकायत पर जांच कर रही सीबीआई 
छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी ने कहा कि उनकी शिकायत पर सीबीआई की टीम आई है। वाहन प्रवेश शुल्क वसूली का जो टेंडर छोड़ा गया था, उसकी शर्तों में फेरबदल किया गया, जिसके कारण कैंट बोर्ड को पांच से छह करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने मार्च में रक्षा मंत्रालय, सीबीआई और डायरेक्टर जनरल दिल्ली के यहां शिकायत की थी। 

बताया था कि तय हुआ था कि जो बिड की शर्तें होंगी और जितने का ठेका आएगा, उसमें जितना भी पैसा आएगा वो एक महीने की सिक्योरिटी रहेगी। बोर्ड अध्यक्ष की अनुमति के बिना सिक्योरिटी को 25 लाख रुपये कर दिया गया। तय शर्तों के मुताबिक रकम सवा करोड़ रुपये होती। चारों टेंडर एक ही परिवार के लोगों के थे। इसी मामले में सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज कर करने के बाद जांच शुरू की है। हालांकि प्राथमिकी दर्ज की पुष्टि नहीं हुई है। 

कैंट बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष जो कह रहे हैं, वह सब गलत है। सीबीआई टीम ऐसे किसी मामले की जांच करने नहीं आई। -नवेंद्र नाथ, सीईओ कैंट बोर्ड 

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