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देश में 'हिंदू कोर्ट' बनाने वालों पर संगीन धाराओं में केस दर्ज, मामले की शासन तक गूंज

Wed, 12 Sep 2018 08:50 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Wed, 12 Sep 2018 08:50 PM IST
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Case registered against two people in Hindu courts cases in India
फाइल फोटो

यूपी के मेरठ में शारदा रोड ब्रह्मपुरी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में असंवैधानिक ढंग से हिंदू न्यायालय की स्थापना के मामले में ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने अखिल भारत हिंदू महासभा के दो पदाधिकारियों के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है। 

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एसपी सिटी रणविजय सिंह के अनुसार संज्ञान में आया था कि अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शारदा रोड ब्रह्मपुरी निवासी पं. अशोक शर्मा और जिलाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल निवासी बागपत गेट ब्रह्मपुरी ने 15 अगस्त को शारदा रोड स्थित प्राचीन राधा कृष्ण मंदिर में एक धार्मिक आयोजन कर प्रथम हिंदू न्यायालय का गठन किया था। दावा किया जा रहा है कि मुस्लिमों की तरह अब हिंदुओं का भी अपना धार्मिक कानून होगा। जिसकी सुनवाई हिंदू न्यायालय में होगी। कई दिनों से ये मामला सुर्खियों में था। शासन तक इसकी गूंज पहुंची थी। जिस पर जांच कर कार्रवाई को कहा गया था। जिसके बाद एलआईयू समेत खुफिया एजेंसियों को सक्रिय कर मामले की पड़ताल कराई गई। मंगलवार को ब्रह्मपुरी थाने में शारदा रोड चौकी इंचार्ज श्रीपाल की तरफ से पं. अशोक शर्मा और अभिषेक अग्रवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई।
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एसपी सिटी के अनुसार इस तरह हिंदू न्यायालय का गठन पूरी तरह से असंवैधानिक है। इस मुकदमे में दो वर्गों के बीच आपसी वैमनस्य फैलाने, शांति व्यवस्था खराब करने, धारा 144 के उल्लंघन (धारा 153 ए, 505 1(सी), 505 (2) और धारा 188) के तहत केस दर्ज हुआ है। एसपी सिटी के अनुसार इस प्रकरण में विभिन्न वर्गों के बीच आपसी सौहार्द पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। लोक शांति भी प्रभावित हो रही है। 15 अगस्त और ईद उल जुहा पर जिले में धारा 144 लागू थी। इसके बावजूद इस तरह का आयोजन करना धारा 144 का भी उल्लंघन किया गया है।

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गश्त के दौरान जानकारी
इस मामले में कोई सामने नहीं आ रहा था लिहाजा पुलिस ने खुद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने दर्ज कराए केस के अनुसार 10 सितंबर को गश्त के दौरान थाने के पुलिसकर्मियों को इस पूरे मामले का पता चला। उन्होंने लोगों को पं. अशोक शर्मा और अभिषेक अग्रवाल द्वारा इसके गठन की चर्चा करते सुना। इसके बाद उनके  द्वारा थाने में मौखिक जानकारी दी गई जिसके आधार पर ये केस दर्ज किया है।

अब 17 सितंबर को होगी हिंदू न्यायपीठ पर सुनवाई 
अखिल भारतीय हिंदू महासभा द्वारा मेरठ गठित हिंदू न्यायपीठ पर अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी। इस मामले में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीबी भोंसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की खंडपीठ में सुनवाई चल रही है। जिसमें शासन और मेरठ के डीएम व एसएसपी से 11 सितंबर तक जवाब मांगा गया था। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार द्वारा 17 सितंबर तक जवाब दाखिल करने का समय मांगा गया। जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए 17 सितंबर को अगली सुनवाई की तिथि नियत की है। दरअसल अखिल भारतीय हिंदू महासभा द्वारा एक माह पूर्व मेरठ में हिंदू न्याय पीठ का गठन करते हुए डॉ. पूजा शकुन को पीठ का मुख्य न्यायधीश नियुक्त किया था। डॉ. पूजा शकुन ने कहा था कि उनकी न्यायपीठ में लव जिहाद, धर्मांतरण सहित हिंदु उत्पीड़न के तमाम मामलों की सुनवाई होगी। इस मामले में कानपुर के अंकित सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने इस तरह की न्यायपीठ के गठन पर सवाल उठाया था। अंकित सिंह ने याचिका में कहा था कि इस प्रकार की व्यवस्था देश के कानून और संविधान के प्रति अविश्वास प्रदर्शित करती है। इस याचिका को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट द्वारा शासन, मेरठ के जिलाधिकारी और एसएसपी सहित अखिल भारतीय महासभा के पदाधिकारियों को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

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