हरियाणा के 24 किसानों पर मुकदमा दर्ज, जमकर हुआ था संघर्ष, ये है पूरा मामला
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हरियाणा-यूपी सीमा पर खादर में 19 नवंबर को हुए संघर्ष में सोनीपत जिले के गांव जाजल के प्रधान सहित 24 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सोमवार को निवाड़ा गांव के पीड़ित किसानों ने भाकियू जिलाध्यक्ष के साथ एसपी से मुलाकात कर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी। रिपोर्ट दर्ज न होने पर महापंचायत करने की चेतावनी दी थी।
19 नवंबर को खादर में यूपी के निवाड़ा और हरियाणा के सोनीपत जिले के जाजल गांव के किसानों में संघर्ष हो गया था। सोनीपत के राई थाने में निवाड़ा के 17 किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जबकि निवाड़ा के किसानों ने सोमवार को भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर के साथ एसपी अभिषेक सिंह से मुलाकात कर रिपोर्ट दर्ज न करने की शिकायत की थी। निवाड़ा के जाखर ने बताया था कि 19 नवंबर को वह निवाड़ा गांव के खादर में स्थित खेतों में सिंचाई कर रहा था। तभी जाजल गांव के 30-35 लोग हथियारों के साथ पहुंचे और गाली-गलौज कर फायरिंग कर दी।
लाठी-डंडों और फरसों से हमला कर दिलावर, इरफान, मोसीन, करण सहित अन्य किसानों को घायल कर दिया। ट्रैक्टर चलाकर उनकी 100 बीघा फसल उजाड़ दी और हथियार लहराते हुए फरार हो गए थे। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन उनका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। किसानों ने विवाद का समाधान नहीं होने पर महापंचायत कर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी थी। एसपी ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
सीओ सदर आलोक कुमार ने बताया कि मंगलवार रात किसान जाखर की तहरीर पर जाजल के प्रधान सुनील के अलावा रणधीर, चांद, चंद्रपाल, संजू, बीजे, बिलेंद्र, रोहताश, ईश्वर, बबलू, सुंदर और 15-16 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि विवेचना के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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फिर आमने-सामने आए टांडा और खोजकीपुर के किसान
गेहूं की बुआई को लेकर यमुना खादर में यूपी और हरियाणा राज्य के किसानों के बीच विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को एक बार फिर पानीपत जनपद के खोजकीपुर गांव के किसान टांडा खादर पहुंचे और गेहूं की फसल बोने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंचे टांडा गांव के किसानों ने विरोध करते हुए उन्हें दौड़ा लिया।
मंगलवार को चार-पांच ट्रैक्टरों पर सवार होकर खोजकीपुर गांव के किसान टांडा क्षेत्र के खेतों में पहुंचे और गेहूं बोने का प्रयास किया। इसकी सूचना जब टांडा गांव के किसानों को लगी तो जमील, इरफान, कल्लू, अनीस, याकूब, आनंद, धर्मवीर, सतपाल पहुंचे और विरोध शुरू कर दिया। मामला बढ़ता देख खोजकीपुर गांव के किसानों को भागना पड़ा।
एसडीएम दुर्गेश मिश्र का कहना है कि फिलहाल यमुना खादर में दोनों राज्यों के बीच सीमांकन का कार्य हो रहा है, जिस कारण दोनों राज्यों के किसान जमीन पर अपना हक जता रहे हैं। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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