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भूलकर भी ये गलती की तो अधूरा रह जाएगा सेना में जाने का सपना
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Updated Tue, 30 Jan 2018 07:56 PM IST
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भारतीय सेना
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मेरठ में जिन युवाओं के शरीर पर टैटू बना है, उनकी सेना में नियुक्ति नहीं हो सकती। इस बात पर अब दिल्ली हाईकोर्ट ने भी अपनी राय जता दी है। कोर्ट के इस फैसले पर शहर में एनडीए की तैयारी कराने वाले कोचिंग संचालकों और टैटू बनाने वालों से बात की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। दो साल के भीतर ही दर्जनों युवा सेना में फाइनल सेलेक्शन होने बाद मेडिकल में टैटू बने होने के कारण बाहर हो गए।
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वायु सेना में एयरमैन के पद पर चयनित युवक की नियुक्ति को वायुसेना ने उसके बांह पर टैटू होने के कारण रद कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ युवक ने दिल्ली हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। इस मामले में न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति रेखा पाटिल की पीठ ने आदेश दिया है कि युवक के शरीर पर बना टैटू वायु सेना द्वारा दी गई छूट के दायरे में नहीं आता है। ऐसे में युवक की नियुक्ति के मामले में वायु सेना को फैसला लेने का अधिकार है।
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बता दें कि इस फैसले के बहाने अमर उजाला ने शहर में युवाओं के टैटू शौक पर पड़ताल की तो इसको लेकर हालात ठीक नहीं दिखे। गंगा प्लाजा में टैटू शॉप चलाने वाले जावेद ने बताया कि उनके यहां आठ से 16 साल तक के छह-सात बच्चे और किशोर रोज टैटू बनवाने आ जाते हैं। आबूलेन पर टैटू बनाने वाले बताते हैं कि उनके यहां भी रोजाना चार पांच युवा आ जाते हैं। दूसरे कई टैटू बनाने वालों ने भी यही बताया।
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तीन छात्र हुए फाइनल सेलेक्शन के बाद रिजेक्ट
द ट्यूटर्स इंस्टीट्यूट के संचालक मयंक पारासर बताते हैं कि एनडीए की तैयारी करने वाले तीन युवक फाइनल सेलेक्शन होने के बाद टैटू की वजह से रिजेक्ट हो गए। उन्होंने टैटू मिटवाने की भी बात कही, लेकिन सेना ने उनको रिजेक्ट कर दिया। मयंक बताते हैं कि हम कोचिंग में छात्रों को इस बात की जानकारी देते हैं कि सेना में जाना चाहते हो तो टैटू मत बनवाओ। दूसरे इंस्टीट्यूट संचालकों ने भी माना कि उनके यहां भी कई छात्र दो साल में टैटू की वजह से रिजेक्ट हो चुके हैं।
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