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PNB के ATM से निकल रहे हैं 2000 के नकली नोट
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Updated Tue, 28 Feb 2017 12:03 PM IST
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एटीएम से निकला नकली नोट
- फोटो : अमर उजाला
यदि आप एटीएम से कैश निकाल रहे हैं, तो जरा सावधान ! शहर के एटीएम से नकली नोट निकल रहे हैं। मेरठ में तेजगढ़ी पर लगे पीएनबी के एटीएम से दो हजार का नकली नोट निकलने का मामला सामने आया है। पीड़ित शिक्षक ने बैंक में शिकायत दर्ज कराई है। जिसके बाद मामला बैंक के सर्किल ऑफिर प्रेषित कर दिया गया है।
रामगढ़ी मंगल पांडे नगर निवासी सुनील दत्त शर्मा फतेहउल्लापुर के सरकारी प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापक हैं। बकौल सुनील उन्होंने 24 फरवरी को दोपहर बाद 2: 19 बजे तेजगढ़ी स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम से 10 हजार रुपये निकाले थे। एटीएम से 2-2 हजार के पांच नोट निकले। उसने नोट जेब में रख लिए ।
म को जेब से नोट निकालकर जब दूध वाले को भुगतान किया तो दूधिया ने उसेे नकली बताकर वापस कर दिया। उन्होंने जब गौर से नोट चेक किया तो उसे देख पूरा परिवार दंग रह गया। नोट नकली था। उस पर चिल्ड्रन बैंक ऑफ इंडिया लिखा था। नोट की लंबाई असली नोट से कुुछ कम थी, लेकिन कलर आदि एक जैसा था। तीन दिन बैंकों में अवकाश था।
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सोमवार को सुनील दत्त ने अपने बेटे हिमांशु को भेजकर अपनी मंगल पांडे नगर स्थित पीएनबी ब्रांच में इसकी शिकायत दर्ज कराई। ये नोट देख बैंक अफसर भी दंग रह गए । बैंक ने शिकायत दर्ज कर अपने सर्किल आफिस प्रेषित कर दी है।
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रामगढ़ी मंगल पांडे नगर निवासी सुनील दत्त शर्मा फतेहउल्लापुर के सरकारी प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापक हैं। बकौल सुनील उन्होंने 24 फरवरी को दोपहर बाद 2: 19 बजे तेजगढ़ी स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम से 10 हजार रुपये निकाले थे। एटीएम से 2-2 हजार के पांच नोट निकले। उसने नोट जेब में रख लिए ।
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म को जेब से नोट निकालकर जब दूध वाले को भुगतान किया तो दूधिया ने उसेे नकली बताकर वापस कर दिया। उन्होंने जब गौर से नोट चेक किया तो उसे देख पूरा परिवार दंग रह गया। नोट नकली था। उस पर चिल्ड्रन बैंक ऑफ इंडिया लिखा था। नोट की लंबाई असली नोट से कुुछ कम थी, लेकिन कलर आदि एक जैसा था। तीन दिन बैंकों में अवकाश था।
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सोमवार को सुनील दत्त ने अपने बेटे हिमांशु को भेजकर अपनी मंगल पांडे नगर स्थित पीएनबी ब्रांच में इसकी शिकायत दर्ज कराई। ये नोट देख बैंक अफसर भी दंग रह गए । बैंक ने शिकायत दर्ज कर अपने सर्किल आफिस प्रेषित कर दी है।
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ऐसा है नकली नोट
शिकायतकर्ता सुनील दत्त शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
एटीएम से निकले दो हजार के नकली नोट पर दो हजार रुपये की जगह दो हजार नंबर लिखा है। हिंदी में भारतीय मनोरंजन बैंक और अंग्रेजी में चिल्ड्रन बैंक ऑफ इंडिया लिखा है। नोट का नंबर नहीं है। नंबर के स्थान पर छह शून्य बनी हैं। नोट के दोनो ओर चूरन लेबल लिखा हुआ है।
उधर, पांडे नगर में पीएनबी के सीनियर मैनेजर मुकेश कुमार ने बताया कि तेजगढ़ी में लगा एटीएम जागृति विहार की ब्रांच के अंतर्गत आता है। एटीएम में प्राईवेट कंपनी द्वारा कैश डाला जाता है। वहां के शाखा प्रबंधक को मौखिक तौर पर इससे अवगत करा दिया है। शिकायतकर्ता द्वारा मिली शिकायत को अपने सर्किल आफिस भेज रहे हैं। उनके स्तर से ही इसमें जांच कराई जाएगी।
प्राइवेट कंपनियों के हाथों में हैं आधे से ज्यादा एटीएम
नोटबंदी के बाद जिले में किसी बैंक एटीएम से नकली नोट निकलने का ये पहला मामला सामने आया है, लेकिन ये बेहद गंभीर मामला है।
मेरठ जनपद में करीब 400 एटीएम हैं। इनमें से करीब 250 में आउट सोर्सिंग के जरिए प्राईवेट कंपनियां कैश डालती हैं। इस तरह किसी भी गड़बड़ी पर बैंक प्राइवेट कंपनी को जिम्मेदार ठहराकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। इससे पूर्व भी एटीएम से फ्राड बाजी के जरिए कैश निकालने के मामले भी सामने आ चुके हैं। इनमें भी बैंक ने प्राइवेट कंपनियों को ही जिम्मेदार ठहरा दिया था, लेकिन इस वजह से सबसे ज्यादा परेशानी आम पब्लिक को उठानी पड़ती है। बेहतर होगा कि बैंक इसे गंभीरता से लें और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। पता लगाया जाए कि एटीएम में कैश कब डला था। किस कंपनी के स्टाफ ने डाला था। फ्राड बाजी करने वाली कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड भी करना चाहिए।
उधर, पांडे नगर में पीएनबी के सीनियर मैनेजर मुकेश कुमार ने बताया कि तेजगढ़ी में लगा एटीएम जागृति विहार की ब्रांच के अंतर्गत आता है। एटीएम में प्राईवेट कंपनी द्वारा कैश डाला जाता है। वहां के शाखा प्रबंधक को मौखिक तौर पर इससे अवगत करा दिया है। शिकायतकर्ता द्वारा मिली शिकायत को अपने सर्किल आफिस भेज रहे हैं। उनके स्तर से ही इसमें जांच कराई जाएगी।
प्राइवेट कंपनियों के हाथों में हैं आधे से ज्यादा एटीएम
नोटबंदी के बाद जिले में किसी बैंक एटीएम से नकली नोट निकलने का ये पहला मामला सामने आया है, लेकिन ये बेहद गंभीर मामला है।
मेरठ जनपद में करीब 400 एटीएम हैं। इनमें से करीब 250 में आउट सोर्सिंग के जरिए प्राईवेट कंपनियां कैश डालती हैं। इस तरह किसी भी गड़बड़ी पर बैंक प्राइवेट कंपनी को जिम्मेदार ठहराकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। इससे पूर्व भी एटीएम से फ्राड बाजी के जरिए कैश निकालने के मामले भी सामने आ चुके हैं। इनमें भी बैंक ने प्राइवेट कंपनियों को ही जिम्मेदार ठहरा दिया था, लेकिन इस वजह से सबसे ज्यादा परेशानी आम पब्लिक को उठानी पड़ती है। बेहतर होगा कि बैंक इसे गंभीरता से लें और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। पता लगाया जाए कि एटीएम में कैश कब डला था। किस कंपनी के स्टाफ ने डाला था। फ्राड बाजी करने वाली कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड भी करना चाहिए।