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लाखों की जमीन पर कब्जा... कौड़ियों में बंदरबांट

Sat, 30 Jan 2021 02:26 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jan 2021 02:26 AM IST
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Capture land worth millions ...
मेरठ। रक्षा संपदा विभाग सिटी रेलवे स्टेशन के पास अपनी ही जमीन पर 50 साल बाद भी कब्जा नहीं ले पाया है। यही नहीं, कब्जा करने वाले ने इस दौरान इस जमीन पर आठ अवैध दुकानों के साथ 36 कमरों का आराम घर भी बना लिया, लेकिन रक्षा संपदा विभाग नोटिस की कार्रवाई तक ही सीमित बना हुआ है।
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यह है मामला
जीएलआर सर्वे संख्या 452 पर दर्ज ओल्ड ग्रांट की भूमि है, जिसका क्षेत्रफल 2285 वर्ग फुट है। इस जमीन को लीज पर दिया गया था, लेकिन लीज की वैधता 31 मार्च 1971 को समाप्त हो चुकी है। बावजूद इसके लीज धारक चंद्रकला गौतम, शकुंतला भारद्वाज द्वारा इस जमीन का अवैध हस्तांतरण पत्र तैयार कर जमीन को 19 सितंबर 1988 को जयंती देवी के नाम कर दिया गया। जबकि इसका अधिकार लीज धारक को नहीं है और वैसे भी जब लीज हस्तांतरित की गई, उस समय लीज की अवधि समाप्त हो चुकी थी और चंद्रकला व शकुंतला अवैध रूप से काबिज थीं।
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इसके बाद जयंती देवी के वारिसों ने अतिरिक्त सर्वे संख्या 464 की भूमि पर भी कब्जा कर दुकानों के साथ गेस्ट हाउस बना दिया। इस दौरान लीज की अवधि बढ़ाने और लीज ट्रांसफर के लिए कब्जेदारों द्वारा आवेदन भी किया गया, लेकिन विभाग ने इसे केंद्र को भेज दिया। जहां से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विभाग भी कब्जाधारकों विनीत और राहुल जिंदल को लगातार पत्र भेजने तक सिमटकर रह गया है।
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13 रुपये किराया, 80 हजार में बेची जमीन
इस जमीन का सन 1941 में 30 साल के लिए लीज डीड हुआ था, जिसकी किराया 13 रुपये सालाना रखा गया था। 1988 में इस जमीन को 80 हजार रुपये में बेच दिया गया। जबकि वर्तमान में इसकी कीमत दो करोड़ रुपये से ज्यादा की है। बावजूद इसके रक्षा संपदा विभाग की चुप्पी चौंकाने वाली है।
सर्वे रिपोर्ट में निर्माण अवैध
रक्षा संपदा विभाग ने साल 2017 में इस जमीन पर हुए निर्माण का डिफेंस टीम से तकनीकी सर्वे कराया था, जिसमें उक्त निर्माण पूरी तरह अवैध पाया गया था। बावजूद इसके इस निर्माण को नहीं गिराया गया।

प्रशासन से भी कोई अनुमति नहीं
इस जमीन पर गेस्ट हाउस बना दिया गया, लेकिन न तो यह सराय एक्ट में पंजीकृत है और न ही इसका नक्शा कैंट बोर्ड से स्वीकृत है। किसी भी विभाग से एनओसी भी नहीं ली गई है। डीएम ने जहां इसकी जांच एसीएम सदर को सौंप दी है तो एसएसपी ने भी अपने स्तर से जांच शुरू करा दी है।
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