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कैंट बोर्ड बैठक: विधायक अमित अग्रवाल ने उठाया इनफिनिटी मॉल का मुद्दा, सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कही ये बात

Sun, 31 May 2026 02:02 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Sun, 31 May 2026 02:02 PM IST
सार

Meerut News: मेरठ कैंट की बोर्ड बैठक में अमित अग्रवाल ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट इनफिनिटी मॉल को मानकों के विपरीत बनाने की स्वीकृति दे सकता है, तो बाकी कैंट निवासियों को भी राहत क्यों नहीं दी जा रही है। इस पर लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने इस मामले की फाइल तलब कर ली। 

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Cantt Board meeting: MLA Amit Aggarwal raised the issue of Infinity Mall, MP Laxmikant Vajpayee said this
कैंट की बोर्ड बैठक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कैंट बोर्ड कार्यालय में आयोजित बोर्ड बैठक में कई बड़े फैसले और तीखी बहस देखने को मिली। सीबीआई द्वारा छावनी के एकमात्र मनोनीत सदस्य डॉ. सतीश शर्मा की गिरफ्तारी के कारण वे बैठक में उपस्थित नहीं हो सके।
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मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) जाकिर हुसैन ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 174 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट सदन के पटल पर रखा, जिसे सर्वसम्मति से पास कर अंतिम मंजूरी के लिए मध्य कमान (सेंट्रल कमांड) भेजने की संस्तुति की गई। इस बजट में से लगभग 90 करोड़ रुपये कर्मचारियों के वेतन और पेंशन आदि पर व्यय किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त कैंट क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने के लिए सात करोड़ रुपये विशेष रूप से सड़क निर्माण पर तथा शेष धनराशि पेयजल, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत जनसुविधाओं पर खर्च करने पर सहमति बनी।
 
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बैठक के दौरान कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने बंगला संख्या 167 में बने इनफिनिटी मॉल का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने तर्क दिया कि जब सुप्रीम कोर्ट उक्त मॉल को मानकों के विपरीत बनाने की स्वीकृति दे सकता है तो उसी निर्णय को आधार बनाकर बाकी कैंट निवासियों को भी शमन की राहत क्यों नहीं दी जा सकती? 
 
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इस पर राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने इनफिनिटी मॉल की सुप्रीम कोर्ट की मूल फाइल ही तलब कर ली। उन्होंने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट की उच्च पीठ में ले जाने के लिए विधिक राय लेने की बात कही। गौरतलब है कि कैंट बोर्ड ने कुछ समय पूर्व ही इस मॉल के स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण को एक करोड़ रुपये का शमन शुल्क लेकर वैध घोषित करने का प्रस्ताव पास किया था। ये मॉल हनुमान चौक पर रजबन नाले के पास बना है। 
 

जनप्रतिनिधियों को हर प्रोजेक्ट की दी जाए जानकारी
डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकार से किसी भी प्रोजेक्ट या धनराशि की मांग करते समय सांसद व विधायक को अवश्य संज्ञान में लिया जाए ताकि वे मंत्रालयों के स्तर पर पैरवी कर सकें। उन्होंने कहा कि कैंट की जनता टैक्स और वोट दोनों देती है फिर भी उन्हें केंद्र व राज्य की कई योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। वहीं विधायक अमित अग्रवाल ने सीएबी समेत कैंट बोर्ड के 4 स्कूलों को राज्य सरकार की अलंकरण योजना के तहत विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने रैपिड रेल से मिले 57 करोड़ रुपये के मुआवजे से होने वाले विकास कार्यों को भी गति देने को कहा।
 

नई लैंड पॉलिसी आने तक जनता का सहयोग करें अधिकारी
जनप्रतिनिधियों ने छावनी प्रशासन से कहा कि नई लैंड पॉलिसी अभी रक्षा मंत्रालय में विचाराधीन है, इसलिए तब तक नियमों का पालन करने वाले आम नागरिकों को परेशान न किया जाए और उनका सहयोग किया जाए।
 

कैंट अस्पताल में आईएमए के अनुबंधित डॉक्टर देंगे सेवाएं
सीईओ जाकिर हुसैन ने अस्पताल में ओपीडी सेवाओं के लिए डॉक्टरों के पैनल का ब्योरा रखा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के माध्यम से अनुबंधित 4 विशेषज्ञ डॉक्टर सप्ताह में दो दिन कैंट अस्पताल में सेवाएं देंगे, जिन्हें 2500 रुपये प्रतिदिन का मानदेय मिलेगा। इनमें चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकिता, ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. सुधाकर जैन, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. सुमित उपाध्याय और स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनोलॉजिस्ट) डॉ. मानिक जैन शामिल हैं।
 

गौशाला के लिए मांगी जमीन, सेना ने जताई असमर्थता
विधायक अमित अग्रवाल ने प्रदेश सरकार के बजट से गौशाला निर्माण के लिए कैंट बोर्ड और सेना से भूमि मांगी। हालांकि, सीईओ और स्टेशन कमांडर ने जमीन की कमी बताते हुए मना कर दिया। इसके बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर सेना के पुराने व बंद पड़े डेयरी फार्म में अस्थायी गौशाला चलाने की अनुमति हेतु सब एरिया कमांडर को पत्र लिखा जाएगा ताकि सड़कों पर गोवंश न घूमें।
 

बोर्ड बैठक के अन्य प्रमुख निर्णय
मध्य कमान से अपील खारिज होने के बाद 35 अवैध निर्माणों को धारा 320 और 248 के तहत ध्वस्तीकरण व सीलिंग के नोटिस जारी होंगे।
मध्य कमान से पुनर्सुनवाई के लिए आए 11 अवैध निर्माणों के मामलों की सुनवाई अगली बैठक तक के लिए टाल दी गई।
कैंट बोर्ड कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता व महंगाई राहत दो प्रतिशत बढ़ाने की मंजूरी दी गई।
म्यूटेशन (नाम परिवर्तन) के केवल एक केस को मंजूरी मिली, शेष मामले अगली बैठक तक रोके गए।
मेंटेनेंस और रिपेयरिंग के कुल 10 ठेके पास हुए, ठेकेदारों द्वारा जमा एफडीआर की जांच कराई जाएगी।
अब्दुल्लापुर स्थित कैंट बोर्ड के ट्रेंचिंग ग्राउंड की 20 एकड़ भूमि सेना द्वारा एक्वायर की जाएगी, जिसके बदले बोर्ड को अन्यत्र जमीन मिलेगी।
छावनी क्षेत्र में जलभराव रोकने के लिए अहमदाबाद मॉडल के तर्ज पर आधुनिक नालों का निर्माण कराया जाएगा।
 

बैठक में ये रहे मौजूद
बोर्ड अध्यक्ष व स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर संजीव कुमार सिंह, सीईओ जाकिर हुसैन, सांसद अरुण गोविल, राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, कार्यालय अधीक्षक जयपाल तोमर, एई पीयूष गौतम, भवन अधीक्षक दिनेश अग्रवाल और राजस्व अधीक्षक हितेश कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
 

पहली बार बोर्ड बैठक में शामिल हुए सांसद और विधायक
इस बैठक की खास बात यह रही कि इसमें पहली बार मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरुण गोविल, राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और कैंट विधायक अमित अग्रवाल बतौर पदेन सदस्य शामिल हुए। बोर्ड अध्यक्ष व स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर संजीव कुमार सिंह ने सभी जनप्रतिनिधियों का स्वागत कर उनसे कैंट के विकास के लिए सुझाव मांगे।

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