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Meerut News: किराएदारों के सत्यापन के लिए लिसाड़ी गेट क्षेत्र में चलाया अभियान
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मेरठ। लिसाड़ी गेट क्षेत्र के सुहेल गार्डन में परिवार के पांच लोगों की हत्या के बाद समर गार्डन चौकी क्षेत्र में रविवार को किराए पर रह रहे लोगों के सत्यापन का अभियान चलाया। इस दौरान मकान मालिकों से अपील की गई कि किराएदारों का सत्यापन जरूर कराएं। इसमें कोई कोताही न बरतें। सत्यापन न कराने वालों के खिलाफ बीएनएस की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीओ कोतवाली आशुतोष कुमार और थाना प्रभारी के साथ क्विक रेसपोंस टीम (क्यूआरटी) ने समर गार्डन चौकी क्षेत्र के सुहेल गार्डन, शाहजहां कॉलोनी और शानदार कॉलोनी में अभियान चलाया। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि कुछ आपराधिक किस्म के व्यक्ति बाहर से आकर किराए पर रहकर अपराध को अंजाम देकर भाग जाते हैं, फिर उनका रिकॉर्ड न तो मकान मालिक के पास होता और न पुलिस के पास होता है। मकान मालिकों को किराएदारों की वेरिफिकेशन करवाना कितना आवश्यक है, इस बारे में पुलिस की ओर से समय–समय पर आमजन को अवगत करवाया जाता रहा है। पुलिस ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि जितना जल्दी संभव हो अपने किराएदारों का पुलिस वेरिफिकेशन कराएं। कई अपराधी किसी शहर या राज्य में आपराधिक वारदात करके अपनी पहचान छिपाकर दूसरी जगह किराएदार बनकर रहते हैं। इसके अलावा कई अपराधी मकान किराए पर लेकर शहर में वारदात करने के लिए रेकी करते हैं और मौका मिलते ही घटना को अंजाम देकर भाग जाते हैं। जब मकान मालिक से पुलिस पूछताछ की जाती है तो मकान मालिक के पास किराएदार का कोई फोटो व मोबाइल नंबर व सही पता नहीं होता हैं। इस प्रकार अपराधी पुलिस की पकड़ से दूर हो जाता है।
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सीओ कोतवाली आशुतोष कुमार और थाना प्रभारी के साथ क्विक रेसपोंस टीम (क्यूआरटी) ने समर गार्डन चौकी क्षेत्र के सुहेल गार्डन, शाहजहां कॉलोनी और शानदार कॉलोनी में अभियान चलाया। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि कुछ आपराधिक किस्म के व्यक्ति बाहर से आकर किराए पर रहकर अपराध को अंजाम देकर भाग जाते हैं, फिर उनका रिकॉर्ड न तो मकान मालिक के पास होता और न पुलिस के पास होता है। मकान मालिकों को किराएदारों की वेरिफिकेशन करवाना कितना आवश्यक है, इस बारे में पुलिस की ओर से समय–समय पर आमजन को अवगत करवाया जाता रहा है। पुलिस ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि जितना जल्दी संभव हो अपने किराएदारों का पुलिस वेरिफिकेशन कराएं। कई अपराधी किसी शहर या राज्य में आपराधिक वारदात करके अपनी पहचान छिपाकर दूसरी जगह किराएदार बनकर रहते हैं। इसके अलावा कई अपराधी मकान किराए पर लेकर शहर में वारदात करने के लिए रेकी करते हैं और मौका मिलते ही घटना को अंजाम देकर भाग जाते हैं। जब मकान मालिक से पुलिस पूछताछ की जाती है तो मकान मालिक के पास किराएदार का कोई फोटो व मोबाइल नंबर व सही पता नहीं होता हैं। इस प्रकार अपराधी पुलिस की पकड़ से दूर हो जाता है।
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